आलोचना को ignore करो यह असफल बनाती है |

हर आदमी के पास आलोचना का  थोक stock होता है |जो वह लगातार supply करता रहता है | चाहे सामने वाले को इसकी जरुरत हो या न हो |अपने निकटम मित्र हो या रिश्तेदार उनके पास बहुतायत में मिलती है |जरुरी नही की वे गलती करने पर ही आलोचना परोसते हो |आप कम समय में अधिक progress करके देख लो तब भी इसे  थोक में आपके लिए भेज देंगे |इसे एक अपराध माना जाना चाहिए |इसका प्रयोग कभी कभी बंदर के हाथ में उस्तरा देने जैसा होता है |क्योंकि कई बार untrend लोग बच्चो में हीन भावना भर देते है |उन्ही बच्चो को रचनात्मक सुझाव द्वारा प्रेरित किया जा सकता है |मानव स्वभाव को समझने वाले successful लोग आलोचना को ignore करते है |तथा अपने कर्मचारियों से भी आलोचना के बजाय रचनात्मक सुझाव द्वारा सर्व श्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते है |

आलोचना

आलोचना के गलत प्रभाव

पीठ पीछे आलोचना करना अक्सर असफल लोगो की आदत होती है |कुछ लोग इसे वैचारिक जहर के रूप में इसका प्रयोग करते है |वैसे भी आलोचना करना और स्वयं की आलोचना का डर दोनों ही गलत है |दोनों ही असफलता के मार्ग पर ले जाते है |इसलिए आलोचना करने से परहेज करना चाहिए |और स्वयं की आलोचना से तो बिलकुल भी नहीं डरना चाहिए |कभी कभी महत्वपूर्ण कार्य को सम्पन्न करने में आलोचना का सामना करना पड़ता है |जिस समय या जिस उम्र में हमारे मन में यह ख्याल आ गया की अमुक या यह कार्य (business )तो मै सफलता पूर्वक कर सकता हु लेकिन लोग क्या कहेंगे ?समझो तभी से आपने असफलता को बुलावा भेज दिया है  |इसलिए अनावश्यक निंदा से नहीं घबराना चाहिए |और उचित मार्ग  पर चलते रहना चाहिए |क्योंकि अक्सर उन्नति के मार्ग पर आलोचनाओ का सामना करना पड़ता है या इन्हें झेलना पड़ता है |

यह भी पढ़े – वैचारिक जहर से बचो विकास करो|

 

आलोचना

आलोचना का डर लोग क्या कहेंगे ?

आलोचना का डर हमें हीन भावना से ग्रषित कर देती है |इसी प्रकार अपने निकटतम लोगो अथवा पड़ोसियों की बराबरी हेतु फिजूल खर्च की और ले जाती है |लोग क्या कहेंगे यह सोचकर अच्छे अवसरों को गवां देते है |इसी प्रकार यह डर हमें संकोची बना देता है |तथा हमारे अंदर महत्वाकांक्षा का अभाव हो जाता है |अतः

हमेशा पीठ पीछे दूसरो की आलोचना से परहेज करना चाहिए |  यह असफलता की बीमारी है |साथ ही उचित और सफल मार्ग पर चलते हुए आलोचना से कभी नहीं डरना चाहिए | और आलोचनाओ को ignore करना चाहिए |अक्सर सफल लोगो की ऐसी ही मानसिकता होती है |

यह भी पढ़े – जानिए,आप महत्वपूर्ण बन रहे है,अथवा महत्वहीन |


                                         Criticism makes one fail. Ignore it

 

Every man has a bulk stock of criticism which he keeps on supplying continuously. Whether the person in front of it needs it or not. They have close friends or relatives in abundance. It is not necessary that they only serve criticism when they make a mistake. I will send it to you. It should be considered a crime. Sometimes it is used to razor in the hand of a monkey. Because many times uptrend people infuse children with inferiority. Those same children can be motivated by constructive suggestions. Successful people who understand human nature ignore criticism. They give the best performance.

             False effects of criticism

Criticism behind the back is often the habit of the unsuccessful people. Some people use it as an ideological poison. In the same way, criticism and fear of self-criticism are both wrong. Both lead to the path of failure. Therefore, you should avoid criticism. And you should not be afraid of self-criticism at all. Sometimes we have to face criticism in completing important work. At that time or age when we got the idea that such a thing or business I can do it successfully but what will people say? Only then With this, you have called for failure. Therefore, do not panic with unnecessary condemnation. And you should continue on the right path. Because often you have to face criticism on the path of progress. Or they have to withstand.

             Click here –  सफलता (success) की राह

                             What will people say about fear of criticism?

Fear of criticism makes us infested with an inferiority complex. Similarly, we spend extravagantly to match our nearest people or neighbors. Thinking of what people will say, misses good opportunities. Similarly, this fear makes us self-conscious. And we lack ambition.

Therefore, one should always avoid backstabbing others. This is a disease of failure. Also, never be afraid of criticism while walking on the right and successful path. And criticisms should be ignored. Often successful people have a similar mindset.

 

14 thoughts on “आलोचना को ignore करो यह असफल बनाती है |”

Leave a Comment

%d bloggers like this: