Discipline in School : स्कूल में अनुशासन का महत्व

Discipline in School in Hindi | अगर हम अनुशासन की बात करें तो यह मुख्य रूप से अंग्रेजी के शब्द Discipline का हिंदी में एक रूपांतरण है, Discipline जो शब्द है वह मूल रूप से Diciple से बना होता है इसका मतलब होता है ” शिष्य “एक शिष्य से यह अपेक्षा की जाती है कि वह स्कूल के अंदर है कर अपने गुरु की आज्ञा का अच्छे से पालन करें और स्कूल के अंदर पूरी तरह से अनुशासन को माने और स्कूल के कानून और कायदो के अनुसार ही चलें जिससे वह अपना जीवन सफल और श्रेष्ठ बना सके।

अगर आप भी एक छात्र है तो आपको स्कूल के अंदर रहकर अनुशासन को पालन करना और स्कूल के नियम के अनुसार करना बहुत ही जरूरी होता है अगर आप अनुशासन का पालन नहीं करते हैं तो आप जीवन में आगे चलकर कभी भी सफल नहीं हो सकते हैं इसलिए आज के इस लेख के अंदर हम आपको Discipline in School अर्थात स्कूल के अंदर रहकर अनुशासन के महत्व के बारे में बताने जा रहे हैं, तो चलिए शुरू करते है –

स्कूल में अनुशासन का मतलब | Discipline in School in Hindi

अगर हम प्राचीन समय की बात करें तो उस समय पर लोग अनुशासन (Discipline in School) का मतलब यह समझते थे कि छात्रों को बलपूर्वक नियंत्रण में रखा जाए, अर्थात बल का किसी भी रूप में प्रयोग करके छात्रों को पूरी तरह से नियंत्रित किया जाए और अपने अनुसार सभी कार्यों को करवाया जाए इसीलिए कहा जाता है कि किसी भी विद्यालय का जो पहला नियम होता है वह आदेश होता है या फिर व्यवस्था, एक शिक्षक का जो मूल कर्तव्य होता है वह स्कूल के अंदर व्यवस्था को पूर्ण रूप से कायम रखना होता है और उसके बाद में छात्रों का जो मूल कर्तव्य होता है वह उस व्यवस्था को पालन करना होता है।

वहीं दूसरी तरफ अगर हम आधुनिक समय की बात करें तो अनुशासन का मतलब प्राचीन समय से आधुनिक समय में पूरी तरह से बदल गया है आज के समय में बल के दबाव से कोई भी छात्र अनुशासन का पालन नहीं करता है इस प्रथा को पूरी तरह से समाप्त कर दिया गया है, अब हर चीज पूरी तरह से निर्देशक बन चुकी है अब किसी भी बालक को उसकी क्षमता के आधार पर आगे रखा जाता है और उस को निर्देशित किया जाता है।

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आज के समय में विद्यार्थियों को अपनी आंतरिक शक्तियो के ऊपर ध्यान देने योग्य बनाया जा रहा है आज के समय में विद्यार्थियों के पूर्णता विकास के ऊपर ध्यान दिया जा रहा है जैसे कि मानसिक विकास, शारीरिक विकास, आत्मविश्वास आत्मविकास, इस तरह की गतिविधियों के ऊपर ध्यान दिया जा रहा है जो कि एक सही रणनीति है अगर किसी भी बच्चे के अंदर आप इन सभी शक्तियों का विकास कर देते हैं तो उस बच्चे को जीवन में सफल होने से कोई भी नहीं रोक सकता है।

अगर बच्चों को सिर्फ किताबों का ज्ञान ही मिलता रहे तो वह बच्चे कभी भी आंतरिक रूप से grow नहीं कर सकते हैं इसलिए बच्चों का आत्म विकास होना बहुत ही जरूरी होता है।

अनुशासन मुख्य रूप से तीन प्रकार का होता है –

1. प्रभावत्मक अनुशासन
2. मुक्तात्मक अनुशासन
3. दमनात्मक अनुशासन

1. प्रभावत्मक अनुशासन – इस अनुशासन के अंतर्गत बच्चे को कठोर दंड नहीं दिया जाता है बल्कि उसको बड़े ही प्यार से और अध्यापकों के अच्छे व्यक्तित्व से प्रभावित किया जाता है और बच्चों को अच्छे व्यक्तित्व से शिक्षा प्रदान की जाती है।

छात्रों का और अध्यापकों का एक नैतिक संबंध होता है जब एक अध्यापक छात्रों को अच्छे तरीके से समझाता है तो इन दोनों के बीच में एक बहुत अच्छा संबंध बन जाता है जिससे अच्छे गुणों का विकास होता है और सभी कार्यों के अंदर सफलता ही सफलता मिलती है।

2. मुक्तात्मक अनुशासन –इस अनुशासन के अंदर सभी बालकों को पूरी आजादी दी जाती है इसके के अंदर सभी छात्र अपनी बुद्धि के अनुसार किसी भी काम को करने का अवसर मिलता है, इस अनुशासन का सबसे बड़ा लाभ होता है वह यह है कि अंदर बालकों का आत्मविकास होता है क्योंकि एक बालक स्वतंत्र रूप से अपने चरित्र का बेहतर निर्माण कर पाता है इस तरह की स्वतंत्रता से बच्चा अपने अंदर आत्मानुशासन खोज पाता है।

3. दमनात्मक अनुशासन – इस अनुशासन के अंदर सभी बच्चों को अपने शिक्षकों की आज्ञा का पालन करना होता है इसके अंदर शिक्षक शारीरिक दंड और बलपूर्वक शक्ति का प्रयोग करता है इसमें बालकों को मुर्गा बनाया जाता है और उनको पीटा जाता है इस तरह का अनुशासन किसी भी बच्चे के लिए अच्छा नहीं होता है क्योंकि इस तरह के अनुशासन में एक बच्चे का पूर्ण विकास नहीं हो पाता है।

बच्चों के जीवन में अनुशासन का महत्व – ( Discipline in School)

एक बच्चे के लिए अनुशासन सबसे कीमती चीज होती है क्योंकि अनुशासन के अभाव से एक बच्चा कभी भी अपने जीवन का सही से निर्माण नहीं कर पाता है और ना ही अपने आप को व्यक्तित्व रूप से खुद को तैयार कर पाता है।

कोई भी देश उसके युवाओं के ऊपर टिका होता है लेकिन जब युवा के अंदर ही अनुशासन नहीं होता है तो वो देश कभी भी नहीं चल पाता है क्योंकि किसी भी काम को करने के लिए अनुशासन का बहुत बड़ा योगदान होता है, एक छात्र का जीवन बिना अनुशासन की कुछ भी नहीं होता है।

अनुशासन के साथ ही एक छात्र अपने सभी कार्यों को पूरा करता है, विद्यालय के अंदर अनुशासन में रहकर एक छात्र अपने सभी शिक्षकों का मान सम्मान करता है और समय के ऊपर अपनी पढ़ाई को पूरा करता है लेकिन अगर किसी छात्र के जीवन में अनुशासन नहीं होता है वह अपने शिक्षकों का मान सम्मान नहीं करता है और न ही किसी भी काम को समय पर पूरा करता है।

अनुशासन एक इंसान के पूरे जीवन काम आता है अगर अनुशासन में रहकर हमको काम करना आ जाता है तो हमको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता है इसलिए आज से ही अपने जीवन में अनुशासन को अपनाये।

निष्कर्ष –

Discipline in School: अनुशासन है एक सफल जीवन का रहस्य होता है अगर आप अपने सभी कार्य को अनुशासन में रहकर पूरा करते हैं तो आप बहुत ही जल्द अपने जीवन की सबसे बड़ी सफलता को पा सकते हैं, आप जिस मुकाम पर पहुंचना चाहते हैं उस मुकाम पर पहुंचने तक अगर आप अनुशासन का पालन करते हैं तो आप कम समय के अंदर अपनी उस मंजिल को पा सकते हैं इसलिए आज से ही अनुशासन के ऊपर चलना शुरू करें और आगे बढ़े।

आज का हमारा लेख था ” स्कूल में अनुशासन का मतलब | Discipline in School in Hindi “आशा करते हैं कि आपको इस लेख से जरूर कुछ अच्छी जानकारी मिली होगी अगर इस लेख से कुछ जानकारी आपको अच्छी लगी तो इसको like और share करे। धन्यवाद

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