friendship क्यो जरूरी ? जानिए विस्तार पूर्वक |

friendship दौस्ती मे दौस्त, दौस्त का भगवान होता है | अहसास तब होता है,जब दौस्त friendship दौस्ती से जुदा होता है |

 friendship is a rose in the garden of happiness. उक्त पंक्तिया अक्सर बचपन school या college life मे सुना जाता है | लेकिन इसका वास्तविक मतलब ज़िम्मेदारी संभालने पर समझ मे आता है | और इसकी जरूरत का अहसास वृद्धावस्था मे होता है |

क्योंकि धीरे -धीरे उम्र कट जाती है | और जीवन भी यादों की पुस्तक बन जाता है | ऐसे समय मे जब कभी किसी परेशानी मे मन विचलित होता है, तब ऐसे समय मे दौस्ती friendship ही मन को हल्का करती है | और ज़िंदगी आसान लगने लगती है | किसी ने सही ही कहा है –

”किनारो पे सागर के, खजाने नहीं आते |फिर जीवन मे दौस्त पुराने नहीं आते | जी लो इन पलो को हँस के दौस्तों के साथ, फिर लोट के दौस्ती friendship के जमाने नहीं आते ||”

क्योंकि वक्त बदल रहा है | उम्र के साथ -साथ समय भी करवट लेता है | रिस्ते भी उपयोगिता =वैल्यू को follow करते है | और बच्चे वसीयत पूछते है,रिस्ते हैसियत पूछते है |वो दौस्त friends ही है, जो खैरियत पूछते है | इसलिए कहते है ..

friendship दौस्ती खुशियों का खजाना होता है 

”friendship is the only cement that will ever hold the world together.”

अतः दौस्तों से रिश्ता रखना चाहिए |इससे आपकी तबीयत मस्त और आत्मविश्वास मजबूत रहेगा | friends ही वो हकीम होते है, जो अल्फ़ाज़ से ही ईलाज कर दिया करते है ||

friendship दौस्ती पर बचपन ,जवानी और बुढ़ापा बंदिशे नहीं डाल पाता |वो दौस्त ही होते है,जो उम्र की चादर को खीच कर उतार देते है |friendship मे इंसान चाहत से जीता है | खुशीपूर्वक अन्यथा सभी को एक दिन अकेले ही जाना होता है इस नश्वर संसार से |

friendship कैसी हो ?

दौस्त वह होता है जो मुश्किलों मे साथ देता है | गम को बाट लेता है | यद्यपि खून का रिश्ता न सही,फिर भी ज़िंदगी भर साथ देता है वह दौस्त होता है |’इसलिए किसी ने ठीक ही कहा है –

” प्रेम से रहो friendship मे,जरा सी बात पर रूठा नहीं करते | पत्ते वही सुंदर दिखते है, जो शाखा से टूटा नहीं करते है ||”

friends अधिक हो या न हो मित्रता लाजवाब होनी चाहिए |

अतः friendship अथवा दौस्ती मे सुख बढ़ जाता है | और दुख बट जाता है | इसलिए इसे बनाए रखना चाहिए |”दौस्ती करो, करने के लगे ना दाम | लेकिन करके निभा लेना बड़ा मुश्किल है काम ||”

success rules सफलता आन्तरिक नियमो से मिलती है |

यदपि  better alone than in a bad company.फिर भी अच्छे मित्रो या दौस्तों की दौस्ती या friendship का हमारे जीवन मे बड़ा महत्व है | क्योंकि ”मिलना बिछड़ना सब किस्मत का खेल है,कभी नफरत तो कभी दिलो का मेल है | बिक जाता है हर रिश्ता इस दुनिया में,बस एक दोस्ती ही है,जो not for sale है ||” विदित रहे, अच्छे दौस्त व्यक्ति को फर्श से अर्श तक का सफर तय करा देते है |

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