गौ माता के बारे में रोचक और महत्वपूर्ण जानकारिया|

गौ माता –

पवित्र हिन्दू धर्म के अनुसार गौ माता के शरीर में ३३ (कोटि) प्रकार के देवता निवास करते है |जिनमे 12 आदित्य, 8 वसु, 11 रुद्र और 2 अश्‍विन कुमार। ये मिलकर कुल 33 होते हैं।

ऋग्वेद ने गौ माता (गाय) को अघन्या कहा है। यजुर्वेद कहता है कि गौ अनुपमेय है। अथर्ववेद में गाय को संपतियों का घर कहा गया है।
गौ माता
  • गाय औसतन 18 से 22 साल तक जीवित रह सकती है | उसका जीवनकाल मुख्यतः उसकी नस्ल पर निर्भर करता है.
  •  गाय के सींगों के छल्ले गिनकर उसकी उम्र का पता लगाया जा सकता है |
  • पौराणिक मान्यताओं व श्रुतियों के अनुसार, गौएं साक्षात विष्णु रूप है, गौएं सर्व वेदमयी और वेद गौमय है | भगवान श्रीकृष्ण को सारा ज्ञानकोष गोचरण से ही प्राप्त हुआ |
  • भगवान राम के पूर्वज महाराजा दिलीप नन्दिनी गाय की पूजा करते थे |
  • भगवान भोलेनाथ का वाहन नन्दी दक्षिण भारत की आंगोल नस्ल का सांड था | जैन आदि तीर्थकर भगवान ऋषभदेव का चिह्न बैल था |
  • गाय के शरीर का औसत तापमान 102 डिग्री फ़ारेनहाइट होता है |
  •  गाय की मोटी त्वचा और बाल प्राकृतिक इन्सुलेटर होते हैं, जो सर्दियों के मौसम में उन्हें कड़ाके की ठंड से बचाते हैं |
  • गरुढ़ पुराण अनुसार वैतरणी पार करने के लिए गोदान का महत्व बताया गया है |
  • दुनिया में गाय की सबसे बड़ी नस्ल चियनिना (Chianina) है | यह इतावली नस्ल की गाय है | इसकी ऊँचाई 2 m तक और वजन 1700 kg से भी अधिक हो सकता है | यह गाय की सबसे ऊँची और सबसे भारी नस्ल होने के साथ-साथ गाय की सबसे पुरानी नस्ल भी है|
  • श्राद्ध कर्म में भी गाय के दूध की खीर का प्रयोग किया जाता है | क्योंकि इसी खीर से पितरों की ज्यादा से ज्यादा तृप्ति होती है।ऐसा विश्वास है |
  • गाय सीढ़ियों से चढ़ सकती है, लेकिन उतर नहीं सकती | ऐसा इसलिए है, क्योंकि उसके घुटने सही तरीके से मुड़ नहीं पाते|

गौ माता

  •  गाय दिन भर में लगभग 14 बार खड़ी होती और बैठती है |
  • इस देश में लोगों की बोलियां खाने पीने के तरीके अलग हैं पर पृथ्वी की तरह ही सीधी साधी गाय भी बिना विरोध के मनुष्य को सब देती है |
  • इंसानों की तरह गाय भी मित्रता करती हैं और उसे निभाती है | अधिकांशतः वे अपने 2-3 करीबी मित्रों के साथ समय गुजारना अधिक पसंद करती हैं | यदि उन्हें उनके मित्र से अलग कर दिया जाए, तो वे तनाव में भी आ जाती हैं |
  •  गाय अपने जीवनकाल में लगभग 200,000 गिलास दूध का उत्पादन करती है |
  • इस देश में लोगों की बोलियां खाने पीने के तरीके अलग हैं पर पृथ्वी की तरह ही सीधी साधी गाय भी बिना विरोध के मनुष्य को सब देती है |
  • एक व्यक्ति एक घंटे में 6 गायों का दूध निकाल सकता है | लेकिन आधुनिक मशीनों द्वारा एक घंटे में लगभग 100 गायों का दूध निकाला जा सकता है.
  • शास्त्रों और विद्वानों के अनुसार कुछ पशु-पक्षी ऐसे हैं, जो आत्मा की विकास यात्रा के अंतिम पड़ाव पर होते हैं | उनमें से गाय भी एक है। इसके बाद उस आत्मा को मनुष्य योनि में आना ही होता है |
  • कत्लखाने जा रही गाय को छुड़ाकर उसके पालन-पोषण की व्यवस्था करने पर मनुष्य को गौयज्ञ का फल मिलता है |
  • एक गाय का दिल एक मिनट में 60 से 70 बार धड़कता है .
  • गायें अकेले रहना पसंद नहीं करती हैं | आमतौर पर वे अकेली तब होती हैं, जब वे बीमार हो या बच्चे को जन्म देने वाली हों |
  • गायों में सूंघने की क्षमता तीव्र होती है और वह छह मील दूर की गंध का पता लगा सकती है |
  • दुनिया में अधिक दूध का उत्पादन गायों द्वारा किया जाता है | साथ ही गाय का दूध ,घी ,दही ,मूत्र अर्थात पंचगव्य शुभ एव पवित्र माना जाता है |
  •  जहाँ गौ माता का निवास होता है वहाँ वस्तु दोष समाप्त हो जाते है |
  • गाय के शरीर पर हाथ फेरने से (blood pressure) रक्तचाप सम्बंधित व्याधि ठीक हो जाती है |
  • गाय माता गुणों का भंडार है | गौ माता के गुणों पर जितना प्रकाश डाला जाये कम है |गौ माता के दर्शन मात्र से कार्य सफल हो जाते है |और गौ सेवा से जीवन सफल हो जाता है |गौ अष्टमी को गौ पूजा का विशेष महत्त्व है |जय गौ माता |

यह भी पढ़े – गौ माता सदा ही पूजनीय |जानिए विस्तार पूर्वक |


Interesting and important information about cow mother

According to the holy Hindu religion, there are 33 (category) types of gods residing in the body of Gau Mata. There are 12 Adityas, 8 Vasus, 11 Rudras, and 2 Ashwin Kumar. Together they are 33 in total.
The Rigveda calls the cow Ananya. The Yajurveda states that cow is inappropriate. In the Atharvaveda, the cow has been called the home of the possessions.
The cow can live on average for 18 to 22 years. His lifetime depends mainly on his race.
The age of a cow can be ascertained by counting its rings.
According to mythological beliefs and Srutis, cows are the form of Sakshata Vishnu, cows are Sarva Vedamayi, and Veda is a cowboy. Lord Krishna received all the knowledge from his step.
Maharaja Dilip Nandini, the ancestor of Lord Rama, used to worship the cow.
Nandi, the vehicle of Lord Bholenath, was a bull of the Angol breed of South India. The Jain Adi Tirthankar was the bull symbol of Lord Rishabhdev.
The average body temperature of a cow is 102 degrees Fahrenheit.
The thick skin and hair of the cow are natural insulators, which protect them from severe cold in the winter season.
According to Garuda Purana, the importance of Godan is said to cross the Vaitarani.
The largest breed of cows in the world is Chianina. It is an Italian cow. Its height can be up to 2 m and the weight can be more than 1700 kg. It is the highest and heaviest breed of the cow as well as the oldest breed of cow.
Cow milk pudding is also used in Shraddha Karma because this pudding gives the father maximum satisfaction.
A cow can climb stairs, but cannot descend. This is because his knees are not able to bend properly.
The cow stands and sits about 14 times a day.
In this country, people have different ways of eating and eating their dialects, but like the earth, even a straightforward cow gives everything to a human being without opposition.
Like humans, the cow also befriends and plays with it. Mostly she likes to spend time with her 2-3 close friends. If they are separated from their friend, then they are also under stress.
The cow produces about 200,000 glasses of milk in its lifetime.
In this country, people have different ways of eating and eating their dialects, but like the earth, even a straightforward cow gives everything to a human being without opposition.
A person can extract the milk of 6 cows in an hour. But about 100 cows of milk can be extracted in an hour by modern machines.
According to the scriptures and scholars, there are some animals and birds, which are at the last stage of the soul’s development journey. The cow is also one of them. After that, the soul has to come into the human vagina.
A man gets cow fruit by rescuing a cow going to the slaughterhouse and arranging for its upbringing.
A cow’s heart beats 60 to 70 times a minute.
Cows do not like to be alone. They are usually alone when they are ill or about to give birth to a child.
Cows have a strong smelling ability and can detect smells from six miles away.
In the world, more milk is produced by cows. Also, cow’s milk, ghee, curd, urine i.e. Panchagavya is considered auspicious and holy.
Where the cow mother resides, the object defects are eliminated.
Blood pressure related diseases are cured by turning the hands-on a cow’s body.
The cow is a repository of mother qualities. As much light is shed on the qualities of cow mata. Work is successful only with the vision of cow mata. And life becomes successful by cow service. Cow Ashtami has the special importance of cow worship. Jai gau Mata |

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