हीरे की परख जोहरी ही जाने । सफलता जानिए कैसे ?

परख से सफलता की ओर हीरे की परख जोहरी ही जाने- हमारी परख करने की अथवा परखने की क्षमता ही हमे सफलता की उचाईयो पर ले जाती है। कहा भी गया है, ”हीरे की परख जोहरी ही जाने।” छोटी असफलताए भी कभी-कभी बड़ी सफलता का मार्ग या रास्ता तय कर देती है। बशर्ते इन्सान में जुनून और अनुशासन के साथ -साथ धैर्य और साहस का होना जरुरी है। साथ ही परखने की क्षमता भी महत्वपूर्ण है।

क्योंकि किसी विद्वान ने कहा है ”बादाम खाने से अकल आये या ना आये, लेकिन ठोकर खाने से अकल जरूर आती है।” इसलिए हमें हर परिस्थति में धैर्य और सकारात्मक रवैया बनाये रखना चाहिए। हमारा यह नजरिया अथवा परखने की क्षमता ही हमें सफलता प्रदान करते है। और हीरे की परख जोहरी ही जाने। आइए जानते है विस्तार से….

हीरे की परख जौहरी को होती है का अर्थ heere ki parakh johri ko hoti hai  है ‘गुण की पहचान गुणी को ही होती है।’ हिंदी लोकोक्ति हीरे की परख जौहरी को होती है का वाक्य में प्रयोग होगा – नवदीय के अंदर के छिपे कलाकार को गुरुजी ने पहचान और फिर तराश कर नवद्वीप को एक अच्छा गायक बनाया। सच है ‘हीरै की परख जौहरी ही करते है’।  हिन्दी मुहावरे और लोकोक्तियाँ में ‘हीरे की परख जौहरी को होती है’ जैसे मुहावरे कई प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे संघ लोक सेवा आयोग, कर्मचारी चयन आयोग, बी.एड., सब-इंस्पेटर, बैंक भर्ती परीक्षा, समूह ‘ग’ सहित विभिन्न विश्वविद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होते है।.

हीरे की परख जोहरी ही जाने

एक बार एक व्यक्ति था वह सबकी मदद किया करता था .लोगों की मदद करके उसे अच्छा लगता था, उसकी मदद के बदले जब लोग उसकी तारीफ करते हैं तो उसे अच्छा लगता था .

एक बार जब वह चौराहे से जा रहा था तो कुछ लोग उसके बारे में बातें कर रहे थे कि वह जो सब लोगों की मदद करता है ,उसके पीछे उसका कोई स्वार्थ होगा.लोग उसके बारे में बुरी- बुरी बातें कर रहे थे जिससे का दिल टूट गया .

वह सोचता है कि इतनी मदद करने के बाबजूद भी लोग उसकी बुराई कर रहे हैं .इससे अच्छा तो मैं मर ही जाऊं .उसकी पत्नी और दोस्त उसे बहुत समझाते हैं लेकिन नकारात्मकता उसके दिल में घर कर जाती है उसे लगता है जिंदगी का कोई अर्थ नहीं है मैं मर ही जाऊं.

उसका मित्र उसे अपने गुरु से मिलाता है .वह जाकर गुरुजी को पूछता है कि,”इस जीवन का क्या अर्थ है”. लोगों की मदद की क्या हासिल हुआ. लोग फिर भी मेरी बुराई कर रहे हैं इसलिए मैं मरना चाहता हूं.

गुरु जी कहते हैं ठीक है तुम ने इतने लोगों की मदद की है तो मरने से पहले मेरी भी एक मदद कर दो .मेरे पास पत्थर हैं वो कम से कम 50 व्यापारियों  को दिखाकर उसका मूल्य लगवा दो .लेकिन इस पत्थर को बेचना नहीं .गुरु के कहने पर वह चला तो जाता है लेकिन सोचता है काम दिया भी तो कितना अटपटा पत्थर का मूल्य लगवाने का.

सबसे पहले सब्जी वाले के पास जाता है वह कहता है इसके बदले में 1 किलो सब्जी दे दूंगा .कुम्हार के पास जाता है तो वह कहता है चल भाग जहां से मेरे पास तो आगे ही मिट्टी पत्थर पड़े हैं .कोई व्यापारी करता है कि जरूरतमंद लगते हो एक रुपया दे दूंगा और दूसरा कहता है दो रुपये दे दूंगा . सबसे आखिर में जौहरी की दुकान पर जाता है.

जौहरी को पत्थर दिखाकर कहता है कि इसका मूल्य बता देंगे. जौहरी गौर से देख कर कहता है मेरी पूरी दुकान भी बिक जाए तो भी मैं इस पत्थर को नहीं खरीद सकता. इस पत्थर को केवल राजा ही खरीद सकता है.

वापिस आकर गुरु जी को सारी बात बताता है . गुरु जी कहते हैं कि वह जौहरी ठीक कह रहा था. यह पत्थर मुझे राजा ने ही दिया था .एक बार मैंने राजा की समस्या का समाधान किया था ,तो उन्होंने मुझे दिया था.तुम तो जानते हो मुझे इन वस्तुओं का मोह नहीं है.

तुम्हें मैंने पत्थर का मूल्य लगवाने इसलिए भेजा था कि तुम्हें इस सत्य का एहसास हो कि जैसे इस पत्थर कीमत केवल जौहरी ही लगा पाया, बाकी सब के लिए या तो बेकार था, या फिर इसका मुल्य एक या दो रुपये था.

हीरे की परख जोहरी ही जाने

हीरे की परख जोहरी ही जाने Details

Name Of Article हीरे की परख जोहरी ही जाने
हीरे की परख Click Here
Category Badi Soch
Official Website Click Also

हीरे की परख जोहरी ही जाने। इसलिए  परख कर ही मित्र और संगत अपनाये-

हमारी परख स्पष्ट होनी चाहिए। परखने की क्षमता और सोचने का नजरिया ही हमारी संगत अथवा मित्रता तय करते है। और मित्र अथवा संगत ही हमें ऊचाइया या सफलता अथवा असफलता के मार्ग की ओर ले जाते है। हमें यह भी परखने की क्षमता से ही पता चलता है, कि हमारे मित्र या साथी ”हमारे साथ है” या ”हम उनके साथ है।” इसलिए कहा गया है, हीरे की परख जोहरी ही जाने।

Read More-what is life in Hindi?

क्योंकि मित्र या संगत में साथी ऐसे होने चाहिए,जो ‘संकट के समय तो यह कहे हाँ मै उनका मित्र हूँ’ और उन्नति (progress) के समय यह कहे ‘हाँ वह मेरा मित्र है।’

अपनी परख को ऐसी उन्नत बनाओ कि ”आपके मित्र कर्ण जैसे भी होने चाहिए, जिन्होंने दुर्योधन की हार निश्चित होने पर भी साथ नहीं छोड़ा।” और ”मित्र श्री कृष्ण जी जैसे भी होने चाहिए, जो आपकी हार को भी निश्चित जीत में बदल दे।”अर्थात संक्षेप में मित्रता और संगत परख कर ही अपनाये। और अपनाने के बाद मिलावट बिलकुल भी न करे। मिलावट न स्वयं करे और न सहन करे।

अमूमन अधिकतर लोग इस परख क्षमता के अभाव में धोखा खा जाते है। और बुद्धिमान व्यक्ति भी इसके कारण समय निकलने पर पश्चाताप की अग्नि में जलते रह।ते है।वास्तव में मित्रता और संगति विश्वसनीय और स्टैंड रखने वाले व्यक्ति के साथ रखना चाहिए। क्योंकि

गलत संगति के साथ ही वैचारिक जहर अपना प्रभाव दिखाता है। और एक गलत सलाह ही व्यक्ति को सफलता से असफलता के रास्ते पर अथवा अर्श से फ़र्स पर भी ले जाती है। इसलिए अपने best सलाहकार मित्र होने चाहिए। इसलिए ”मूर्ख दोस्त के बजाय समझदार दुश्मन बना लेना उचित होता है।”

Also Read-COVID-19 से बचाव, के लिए अपनाएं आयुष मंत्रालय के ये टिप्स

कर्मफल सबको भोगना पड़ता है –

वैसे हम सभी को अपने कर्मो का फल जरुर भोगना पड़ता है। जिन्हें अक्सर लोग भाग्यफल भी कहते है। हमारे आज के किये गये कर्म ही भविष्य में हमारा भाग्य का निर्माण करते है। अतः विद्वान लोगो की या निश्छल भाव रखने वाले मित्रो की संगत अपनाना चाहिए। क्योंकि ”सकारात्मक सोच अथवा बड़ी सोच वाले, निश्छल मन या सबका भला चाहने वाले लोगो की मित्रता या संगत किसी आभूषण की भांति हमारी शोभा में चार चाँद लगाती है। और उन्नति का मार्ग भी प्रशस्त करती है। ego और अहंकार से सदा दूरी बनाये रखना चाहिए। किसी ने कहा है ‘ऐसे श्रेष्ठ विचार वाले मित्र या संगति में किसी गलती या गलत समझ के कारण झुकना पड़े तो झुक जाओ। लेकिन अहंकार के वसीभूत होकर ऐसे मित्र या संगत अपना negative प्रभाव दिखाए तो झुकने के बजाय रूक जाओ।’ विदित रहे हीरे की परख जोहरी ही जाने।

और पुनः अपनी पारखी निगाह को और पैनी अंतर्दृष्टि प्रदान कर परखने की क्षमता से अच्छी संगत अपनाओ। और स्वयं की quality में सुधार कर निरंतर सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ते चलो। सफलता आपके क़दम जरूर चूमेगी ।

Related Post-

चाणक्य नीति पांचवा अध्याय 

Dream Bigger Dream Anything

type of computer

32 thoughts on “हीरे की परख जोहरी ही जाने । सफलता जानिए कैसे ?”

Leave a Comment

%d bloggers like this: