इस पथ पर चलोगे तो अवसर ही अवसर है।जानिए कौनसा पथ ?

“सत्य के पथ पर चलोगे तो जीवन में progress के लिए अवसर ही अवसर है” इस रास्ते पर भीड़ नही होती है । अर्थात आज के प्रतिस्पर्धा के युग में भी यह ,”वह रास्ता है ,जिस पर भीड़ नही है । तथा competition भी ना के बराबर है। या बहुत कम है।” लेकिन यह पथ जरुर दुर्गम है । सत्य इस संसार में बड़ी शक्ति है. सत्य के बारे में व्यवहारिक बात यह है कि सत्य परेशान हो सकता है किन्तु पराजित नहीं ।

भारत में कई सत्यवादी विभूतियाँ हुईं जिनकी दुहाई आज भी दी जाती हैं  इस पथ पर चलने के लिए,स्वयं को स्वयं से ही जीतना पड़ता है । हर परिस्थति में ईमानदार रहना पड़ता है। निश्चितं सिधान्तो पर चलना पड़ता है। या स्वयं को अपने विचारो का मालिक बनना पड़ता है। तथा नेक इरादों के साथ जीवन पथ पर चलना होता है ।

self confidence क्या है?

सत्य के पथ ही  सफलता की राह है जानिए कैसे ?

देखने या सुनने में यह जरुर सामान्य easy रास्ता लगता है। लेकिन यह दुर्गम रास्ता होता है। लेकिन इतना कठिन भी नही की असंभव ही लगे । हाँ इस रास्ते पर चलने के लिए कठोर मेंहनती, ईमानदार एवं समय का पाबन्द (punctual ) होना जरुरी होता है ।या अतिआवश्यक है।

जब आप इस रास्ते पर चलते हो तो नेक नीयति और नेक नीति  bonous point का काम करेंगे।  तथा जीवन में बहुत progress करोगे तथा सुखद मंजिल प्राप्त करोगे।क्योकि इस रास्ते पर भीड़ नहीं होती है।और प्रतिस्पर्धा नही होती है।या फिर कम होती है।

हाँ (इस बात की) काफी संभावना कि “आप जीवन में किसी भी क्षेत्र में progress करते है।या आगे बढ़ते है । तो कदम -कदम पर कठिनाईयाँ आयेगी। हो सकता है, शुरु में इस रास्ते पर आपका साथ निभाने वाला भी न मिले । लेकिन आपका नेक इरादा और द्रढ़ निश्चय है ,तो आगे का सफर आसान एवम् लाभदायक है । हाँ इतना जरुर है, आपकी दूरगामी सोच ही आपको लक्ष्य तक पहुचाऐगी।”  अन्यथा …….

सत्य के पथ

 

वैचारिक जहर से बचो और सत्य के पथ पर चलो कैसे ?

नकारात्मक या धूर्त लोग आपको पथ से दिग्भ्रमित करेंगे। लालच देकर आपको रास्ता बदलने की सलाह देगे। “वैचारिक जहर “का प्रयोग या सहारा लेकर आपको हतोत्साहित करेंगे। या कदम -कदम पर  कठिनाईयाँ पैदा करेगे। गलत उदाहरण देकर माइंड वास या brainwash करेंगे।जैसे…….

‘इस प्रकार कहेंगे “कोई भी बेईमानी के बगैर अमीर नहीं बना, “ये 100% गलत धारणा बनाते है। जबकि हकीकत यह है कि 99% अमीर आदमी या यू कहे शत प्रतिशत अमीर वही बनते है , जो पूर्णतया ईमानदार (ded honest) हो। लेकिन दिग्भ्रमित करने वाले कुछ भी कह सकते है। “ये फोकटिया सलाहकार ज्यादातर नकारात्मक एवम् असफल होते है। तथा इसी मानसिकता (  वैचारिक जहर) के कारण असफल होते है।”

 

सत्य के पथ

ये सोच आपको पहुँचाएगी सफलता के शिखर पर

लेकिन यह भी ‘सनातन सत्य’ है कि आप अपने सिधान्तो से न गिरोगे तो आपको कोई नही गिरा सकता । बशर्ते आप, आपने आप से भी ईमानदार बने रहे (पूर्ण ईमानदार रहे।) आगे जीवन पथ पर सुखद एवं लाभ ही लाभ है । आपको कोई नुकसान या पथभ्रष्ट नहीं  कर  सकता। आपको मन माफिक खुशी प्राप्त होगी। प्रकृति या ईश्वर आपका साथ देगा। अतः “सत्य के पथ की राह पर ” punctual” बनकर भी चलना चाहिए।

यदि आप punctual हो या वादा निभाने वाला हो तो लोग आप पर भरोषा कर सकते है।और भरोषेमंद होंना किसी भी business को चलाने में  महंती भूमिका निभाता है।जिससे business  को उचाईयाँ छूने में काफ़ी सहयोग मिलता है। याद रखे मौका  और धोखा साथ -साथ चलते है।इसलिए  किसी को धोखा देकर, मोका प्राप्त न करे। ईमानदार रहे।समय का पाबंद रहे।सत्य के पथ पर चलना सभी के लिए उत्तम रहता है।यह जीवन में अच्छे अवसर प्राप्ति का सर्वोत्तम रास्ता (पथ )है।

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