इस तरीके से प्रचार promotion करोगे तो कामयाबी चूमेगी आपके क़दम

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प्रचार promotion – ”अपने मूह मियाँ मिट्ठू बनना”  सामान्यतया   यह कहावत तो आपने आम बोलचाल में सुना एवं कहा भी होगा| लेकिन यदि, गहराई से विचार किया जाये तो यह कहावत वहाँ तक ही सही है, जहाँ ”हमारी बोली या भाषा में अहंकार प्रदर्शित हो एवं दूसरो पर नकारात्मक छीटाकसी हो |” उक्त समय तो यह सही चरितार्थ मान ली जाये बाकी यदि कोई व्यक्ति अपनी कम्पनी में निर्मित अच्छे product या स्वयं के कोई special (विशेष) गुण किसी विषय में विशेषज्ञता हासिल होने का वर्णन या कोई party अपने leader के गुणों का प्रचार करती है, तो वहा यह कहावत सही नहीं है |

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प्रचार का प्रभाव

क्योकि, प्रचार promotion से चिढना सफलता की राह में बहुत बड़ी बाधा है| और इससे चिढना गरीबी की राह एव छोटी सोच create करती है| क्योकि जो दिखता है ,वो बिकता है | विदित रहे प्रतिस्पर्धा के इस दौर में यदि आप प्रचार नही करोगे तो कैसे पता होगा कि, उक्त product या आदमी में ये special quality है| जो उसे सबसे अलग एव उत्तम बनाती है | और हमारे लिए उपयोगी है| लेकिन प्रचार में ”वास्तविकता का समावेस होना चाहिए तथा नीति और नीयति नेक होनी चाहिए”|

प्रचार promotion से चिढ़ने के सामान्य कारण

चूकि प्रचार या promotion से चिढने की हमारी मानसिकता के भी दो तीन कारण होते है| जिसे हम ”वैचारिक जहर”रूप में स्वीकार कर लेते है|कुछ पूर्वघटित ‘ घटनाओ का प्रभाव हमारी सोच पर पड़ जाता है| जैसे ——- first कालांतर में कोई व्यक्ति हमे जबरदस्ती कोई product देना चाहा हो और उसका तरीका सही न रहा हो या उस वक्त हमारा बजट या आवशयकता उसे allow न किया हो ;और हम product से चिढने लगे| या

second हमने बिना तैयारी अथवा बिना knowledge के कोई product बेचना चाहा हो और अगले ने हमे पूरी तरह नकार दिया हो|और प्रचार को हमने असफलता और अस्वीकृति से जोड़ दिया| लेकिन विचारणीय बिंदु ‘जो पूर्व में हुआ वह वर्तमान में भी होगा यह जरुरी नही|’

third reason कुछ लोग प्रचार promotion को स्वयं की शान के खिलाफ समझते है| उनका नजरिया होता है,लोग उसके गुणों के कारण स्वयं उसके पास चलकर आयेंगे|या उनका product इतना अच्छा है कि लोगो को स्वयं ही खोजकर उनके पास आना पड़ेगा| लेकिन यह नजरिया सही एवम सकारात्मक नही है|इस प्रकार तो ऐसे व्यक्ति को जल्दी ही ‘अकेलापन’की त्रासदी से तथा ऐसे product के मालिक को ‘दिवालियापन’ की स्थिति से गुजरना होगा |

प्रचार promotion भी क्यों जरुरी ?

क्योकि “प्रतिस्पर्धा के इस युग में बगैर बताये व्यक्ति अथवा product की विशेषज्ञता का पता चले यह जरुरी नही”तथा हो सकता है बाजी कोई और ही मार ले जाये| इसलिए अपनी सोच में बड़प्पन के साथ साथ विनम्रत़ा का भी होना जरुरी है तथा दिमाग को open mind या खुला रखना चाहिए स्वभाव मिलनसार तथा प्रचार प्रसार में रूचि होनी चाहिए तथा अमीर बनना है तो अपने गुणों एवं मूल्य का promotion शुरु करो और अपनी सोच को बड़ी एवं unique बनाओ |

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“क्योकि यदि leader अपना प्रचार नही करेगा तो वह चुना भी नही जायेगा या वह लंबे समय तक leader भी नही रहेगा|उसका क्षेत्र चाहे राजनीति हो या business खेल या वह संरक्षक के रूप में हो | और leader सदा ही अनुयायियो से आगे होते है | वह चाहे दौलत या प्रतिष्ठा अथवा power कोई भी विषय हो”|

अतः कड़वा  सत्य स्वीकारे अपनी productivity को बढ़ाये तथा सोच एवं गुणों में वृद्धि करे एवं प्रचार promotion में ‘सकारात्मक भाव ‘लाये क्योकि यदि आपके पास देने के लिए ऐसा कुछ है जिससे लोगो को सचमुच मदद मिल सकती है तो आपका कर्तव्य भी है आप ज्यादा से ज्यादा लोगो को इसके बारे में बताकर मदद करे जिससे अमीर बनने का रास्ता भी निकलने की पूरी संभावना है| अतः अपने unique गुणों एवं quality का promotion कर दूसरो के ideal बनो तथा व्यस्त नही  productive एवं सफल बनो|


If your campaign in this way, success from promotion

“To be your very own soul”, normally you have heard and said this in common parlance. But, if we think deeply, this saying is true only whereWhere “arrogance is displayed in our dialect or language and there is negative scattering on others”, then the time is considered to be the right thing if any person has a good product in his company or any special (special) qualities of his own. The description of being or if a party propagates the qualities of its leader, then this saying is not correct

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प्रचार promotion

Publicity effect

because irritation from publicity is a big obstacle in the way of success. And this irritation creates a way of poverty and small thinking. Because in this round of competition, if you do not promote, then how would you know that the product or man has this special quality? Which makes it different and best. And it is useful for us. But in the propaganda “there should be an inclusion of reality and policy and policy should be noble”.

common reasons for publicity

Because our mentality to get irritated by publicity or promotion also has two to three reasons. Which we accept as “ideological poison”. Some preconceived events affect our thinking. like — In the first place, someone has wanted to forcefully give us a product and its method is not right or our budget or need has not allowed it at that time; and we started getting irritated with the product. or Second, we have tried to sell a product without preparation or knowledge and the next one has completely rejected us, and we have propagated it with failure and rejection. But the point to be considered is that ‘what happened in the past will also happen in the present, it is not necessary.’ प्रचार promotion

A third reason some people consider propaganda against their own pride. They have a vision, people will come to them on their own because of their qualities. But this view is not right and positive. Thus, such a person will soon have to go through the tragedy of ‘loneliness’ and the owner of such a product will go through a situation of ‘bankruptcy’.

Why is publicity also necessary?

Because “in this age of competition, without knowing the expertise of the person or product, it is not necessary” and the bet may be killed by someone else. Therefore, it is important to have gentleness in your thinking, as well as humility and mind, Should keep an open mind or open nature, should be interested in sociable and publicity and if you want to become rich, then start promoting your qualities and values ​​and make your thinking big and unique.

“Because if the leader does not promote himself, he will not be elected or he will not be a leader for a long time. Whether his field is politics or business sports or he is as a patron and the leader always leads the followers. Wealth or prestige or power should be any matter “.

अमीरों के रास्ते

To accept the bitter truth, increase your productivity and increase your thinking and qualities and bring ‘positive feeling’ in the campaign because if you have something to give that can really help people, then your duty is also more and more. Help people by telling them about it, so that there is a possibility of finding a way to get rich too. Therefore, by promoting your unique qualities and quality, be ideal of others and not busy and be productive and successful.

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