कुछ मूख्य बिंदु जिनसे सफलता की हर राह गुजरती है

 याद रहे यदि सफलता चाहते हो, ”बाज़ो के साथ उड़ना चाहते हो, तो बतखो के साथ न तैरे”कुछ महत्वपूर्ण बिंदु जिनसे सफल होने में सहयोग मिलेगा।

अर्थात सफलता प्राप्ति के लिए …….कुछ negative आदते छोडनी  एवं कुछ positive आदते अपनानी होंगी ।।

सफलता प्राप्ति के लिए अपनाने योग्य बिंदु –

 

  • second अपने व्यवसाय में बेहतर देने की कोशिश करे ,ग्राहक स्वयं  आपके पास  रुकेगा।खोने (customer) का डर दिल से निकाल दे। कुछ इस तरह सोचें “ईश्ववर वही करता है,जो हमारे लिए अच्छा होता है।वह नही करता,जो हमे अच्छा लगता है”।अर्थात जो होगा अच्छा होगा।

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मोटिवेशनल पुस्तके पढ़े। positive  लोगो के साथ संगत अपनाये जिन चीजो पर आपका नियंत्रण न हो उनके डर को अपने मन से निकाल दे जैसे बिजली गिरना world war आदि।

  • third दूसरे लोग क्या सोचेगे – किसी के पास दूसरो के लिए इतना समय नहीं है इतना ही उचित समझो अर्थात “जो उचित नीतिसंगत व व्यवसाय में  वृद्धि करने वाला, समाज के लिए एवं मेरे लिए उचित है”।वह मै करूगा कोई कुछ भी कहे “महत्पूवर्ण कार्य” में कभी -कभी आलोचना झेलना पड़ता है। सफलता प्राप्ति के लिए ऐसी सोच अपनानी चाहिए ।
  • forth कोई भी निवेश या व्यवसाय के बाद जो मन में डर हो उसे दिल से निकाल कर सिर्फ उसे उचित एवं लाभदायक बनाने पर ही विचार करना चाहिए। योजनाबद्ध रुपरेखा बनाकर उसे सफल बनाना चाहिए।अपने निर्णय और बुद्धि पर विश्वास रखना चाहिए।तथा सकारात्मक नजरिया रखे सदा सोचे “मै निश्चित  ही सफल होऊंगा”।तथा पूरा ‘चिंतन और बुद्धि ‘ सिर्फ प्लानिंग पर ही लगाये। यह नजरिया सफलता प्राप्ति के लिएउचित है ।
  • fifth किसी भी व्यक्ति से मिले ‘नजरे मिलाकर बात करने का अभ्यास करे‘। गर्मजोशी एवं शालीनता से मिले।तथा 25 % तेज चले। बोलने की आदत डाले। आप जितना ज्यादा मंच पर बोलते है,आपका आत्मविश्वास उतना ही ज्यादा बढ़ता है। मुस्कराहटपूर्वक मिले । किसी भी open meeting या व्यावसायिक meeting में बोले और ध्यानाकर्षण करे।

 

  • sixth सामने वाले के बारे में सही एवं संतुलित नजरिया रखे।पूर्वाभास से ग्रषित न रहे।क्योंकि ज्यादातर लोग एक जैसे ही होते है।
  • seventh अपने हर काम में आत्मविशवास को झलकने दे आगे की बेंच पर बैठे। नजरे मिलाने का अभ्यास करे। जब भी आपसे कोई पूछे क्या हाल  है। आप कहे बहुत बढ़िया तथा धन्यवाद आदि  शब्दो का प्रयोग करे।

सफलता के लिए जरूरी है सकारत्मक चर्चा 

  • eighth जब भी दो आदमियो के बीच किसी तीसरे की चर्चा हो,हमेशा ‘सकारत्मक चर्चा’ करे बुराई नही।क्योंकि देर सबेर चर्चा की बात पहुँच ही जाती है। दूसरो का उत्साह बढ़ाने के लिए उनकी सच्ची तारीफ करे। साथ काम करने वाले की तारीफ करे। अपने बच्चो एवं पत्नि की भी [उनके अच्छे काम की ]तारीफ करे।

 

  • ninth दूसरो के सामने कोई योजना परस्तुत करते समय सकरात्मक शब्दो का प्रयोग करेजहा आज क्या है ।उसकी अपेक्षा कल क्या हो सकता है? यह बताए ।तथा किस-किस प्रकार इसको उपयोग में लाया जा सकता है। यह महत्वपूर्ण इसलिए  है। इसके ये फायदे है। आदि -आदि
  • tenth “अपनी knowledge को बढ़ाये साथ में नजरिया भी “जों कुछ आपके पास नही है। उसे अपनी ‘राह’ में बाधा नहीं बनने देना चाहिए  साथ ही आशावादी रुख अपनाना चाहिए।“आपका नजरिया ही आपका भविष्य दर्पण है”।अपनी यादो की पुस्तक में या मैमोरी में सदा आशावादी उत्साहवर्धक  एवं सकारात्मक बाते ही सजाकर रखनी चाहिए। नकरात्मक एवं मन को दुखी करने वाली बातो को भुला देना ही उचित है। भविष्य में ‘स्वयं को मूल्यवान बनाने वाली योजना पर ध्यान केन्द्रित करना चाहिए’।आपका नजरिया या सोच सचमुच सकारात्मक होनी चाहिए।”

       अच्छा वक्ता बने, और ऐसी सोच रखे

आज आपके पास क्या नहीं है, यह महत्वपूर्ण नहीं है अपितु भविष्य में आपकी योजना या लक्ष्य के अनुसार क्या होगा यह महत्वपूर्ण है”।अपनी चीजो का मूल्य बढ़ाने का अभ्यास करे।  भविष्य में आप क्या होंगे? या कितने मूल्यवान होंगे? ,क्या आपका स्टेट्स होगा ? यह सोचे  फिर आप सचमुच उतने ही मूल्यवान होंगे। अच्छा वक्ता बने स्पष्ट सोच रखे । कुछ इस प्रकार सोचे……

यह संसार कितना सुन्दर है। हमारे आसपास के लोग कितने अच्छे है। वह साथी कितना विनम्र है (यदि विनम्र हो तो) क्योंकि “आप लोगो के बारे में जितना अच्छा या बुरा नजरिया रखते है,लोगो के मन में भी ज्यों की  त्यों आपकी छवि वैसी  ही बनती चली जाती है”।और यह सब हमारे “subconscious mind” के कारण होता है।आप जितना लोगो पर भरोषा करते है,लोग भी आपको उतना ही विश्वसनीय एवं भरोसेमंद  मानते है।

हाँ ‘श्रेष्ठ quality वाले कुछ लोगो की पहचान जरुर रखे’ और निरंतर प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से उन्हें जोड़कर रखे। क्योकि उसका भी अपना ,’अलग लाभ’ होता है। अगर बिजनेस करना है,तो business mind के लोगो में अपना उठना-बैठना चालु रखना चाहिए तथा उनसे अपनी संगत रखनी चाहिए। चूँकि “संगत का प्रभाव हमेशा हर उम्र में पड़ता है”।नकारात्मक लोगो से दूरी बनाना ही श्रेष्ठ है।और विध्वंसक सोच वाले लोगो से संबंध रखने ही नहीं चाहिए।अपनी नजर बड़े लक्ष्य पर जमाए रखे।

छोटेपन के जाल में न फंसे।अपनी बोली भाषण में समस्या पैदा करने वाले की बजाये समस्या सुलझाने वाला बने। महत्वपूर्ण बातो पर ध्यान केन्द्रित करे। उच्च विचार रखे। 

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46 thoughts on “कुछ मूख्य बिंदु जिनसे सफलता की हर राह गुजरती है”

  1. उमीद नही छोड़ना कल का दिन आज से
    बेहतर होगा।💪💪

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  2. अच्छी सोच वाले लोग हमेशा आगे बढ़ ते ही चले जाते हैं।।

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