positive words : सकारात्मक शब्दों की ताकत क्या होती है ? प्रेरणात्मक कहानी से जानिए 2023

positive words- सकारात्मक शब्दों की ताकत अपूर्व होती है। हम जैसा बोलते हैं, सोचते हैं, वही हमारे साथ घटित होता है। हमेशा अपने बोलने का तरीका सकारात्मक होना चाहिए। और positive words का प्रयोग होना चाहिए, ताकि वह सामने वाले पर भी एक अमिट छाप छोड़ सके। क्योंकि इससे (positive words) सभी के जीवन में भी सकारात्मक वातावरण का संचार होता है।

positive words

तो चलिए,, आज आपसे सकारात्मकता अथवा positive words पर एक कहानी शेयर करते हैं और आपको जानते हैं,positive words सकारात्मक शब्दों की ताकत क्या होती है ?

Best easiest save water ways:- education quotes for students
SEO क्या है – Complete Guide In Hindi depression meaning in Hindi
What is Web Hosting in Hindi? वेब होस्टिंग क्या है?

positive words सकारात्मक शब्दों की ताकत… प्रेरणात्मक कहानी

Power of Positive Words… Motivational Story

एक बार एक गांव में बच्चे वृक्ष पर चढ़कर टहनियों को पकड़कर झूल रहे थे। इतने में तेज हवा चलने लगी और तूफान का रूप लेने लगी। बच्चों की माताएं घर से बाहर आई। एक माँ चिल्लाकर अपने बच्चे से कहने लगी कि ‘रमेश, नीचे गिरना मत’। इतने में तो रमेश नीचे गिर गया। दूसरी माता ने अपने पुत्र को संबोधित करते हुए कहा, ‘महेश, टहनी को अच्छे से पकड़ कर रखो’ तो वह नहीं गिरा और तूफान कुछ क्षण में आगे निकल गया

यहां पर गिरने या नहीं गिरने में शब्दों का ही कमाल है। पहले वाली माता ने बोला था कि गिरना मत। बच्चा उन शब्दों को सुनकर गिरने का सोचकर ही गिर गया। दूसरी माता ने कहा था की टहनी को मजबूती से पकड़े रखो तो वह बच्चा तूफान आने के बाद भी आराम से झूल रहा था, गिरा नहीं था।

शब्दों के अंदर नकार तो आना ही नहीं चाहिए। बोल चाल में शब्दों का प्रयोग इतना बढ़िया होना चाहिए कि जो स्व-पर दोनों को सुख प्राप्त कराने वाला हो तथा वरदान रूप मिली हमारी यह जिंदगी सफल हो जाए।

कैसे माँ की सकारात्मक सोच positive words ने बेटे को बना दिया विश्व का प्रसिद्ध वैज्ञानिक

एक दिन एक छोटा सा बालक जो कि प्राइमरी स्कूल का छात्र था, अपने घर वापस आया। उसके हाथ में एक कागज़ का टुकड़ा था, जो उसे स्कूल में दिया गया था। उसने अपनी माँ को बताया “मेरे शिक्षक ने यह कागज दिया है। और कहाँ है कि इसे अपनी माँ को ही देना।” उसने यह भी बताया कि उसके शिक्षक ने यह भी कहा की कल से उसे स्कूल आने की ज़रूरत नहीं हैं।

उस कागज को पढ़ते ही माँ कि आँखों में आँसू आ गए। अपनी माँ के आँखों में आँसू देख उस बालक ने पूछा, कि कागज़ में ऐसा क्या लिखा है? जो आपकी आँखों आँसू आ गये। तो उसकी माँ ने कहा यह ख़ुशी के आँसू हैं। इस कागज़ में लिखा है कि, ”आपका बेटा बहुत ज़्यादा जीनियस है।” पर हमारा स्कूल बहुत छोटे स्तर का है। और यहाँ के शिक्षक भी बहुत प्रशिक्षित नही है। इसलिए आप अपने बेटे को स्वंय शिक्षा दे। कुछ सालों बाद उस बालक कि माँ का स्वर्गवास हो गया।

वह बालक कुछ सालों बाद एक सफल वैज्ञानिक बना। उसका नाम जिन्हे हम थॉमस एल्वा एडिसन के नाम से भी जानते हैं। जिन्होंने कई महान अविष्कार किए। एक दिन वह अपने घर के पुराने सामान को देख रहे थे। तो उन्हें अलमारी के एक कोने में उन्हें कागज का एक टुकड़ा मिला। जब उन्होंने उसे खोलकर देखा और पढ़ा, तो उन्हें याद आ गया कि यह वही कागज़ है। जो वो स्कूल से लाए थे l उस कागज में लिखा था, ”आपका बच्चा बौद्धिक तौर पर कमजोर है, उसे इस स्कूल में अब और नही आना है” एडिसन यह पढ़कर बहुत रोये। इस तरह एक महान माँ की positive words सकारात्मक सोच ने बौद्धिक तौर पर कमजोर समझें जाने वाले बच्चे को एक महान वैज्ञानिक बना दिया।

निष्कर्ष

ऊपर दी गयी बातों से आपको समझ आ ही गया होगा कि (positive words) सकारात्मक शब्दों की ताकत अपूर्व होती है। सकारात्‍मक सोच आपके अंदर उर्जा का संचार करती है। और आपको एक बेहतर इंसान भी बनाती है। इसलिए हालात चाहे कैसे भी बुरे हों? सोच हमेशा सकारात्‍मक रखनी चाहिए l

positive thoughts in Hindi

  • जो व्यक्ति सही समय पर सही शब्दों का प्रयोग करना सीख जाता है वह सफलता के मार्ग पर उतनी ही तेजी से आगे बढ़ जाता है।
  •  आपकी बोलचाल की शैली और इस्तेमाल में लाए जाने वाले शब्दों से ही आपकी पहचान बनती है।
  •  दो शब्द मीठे बोलने से आप के आपसी संबंध प्रगाढ़ बनते हैं। बिजनेस बढता है। शब्दों के प्रयोग में पीछे नहीं रहना चाहिए।
  •  कंपनियां सकारात्मक और मीठे शब्द बोलने वालों को ही नौकरी देती है।
  •  अगर हमारा बोलने का तरीका अच्छा हो तो भीड़ में भी हमारा अलग स्थान रहता हैं। लोग हमसे मिलने के लिए बात करने के लिए तरसते हैं।
  •  सकारात्मकता हमारे जीवन में हमें शांति एवम आनंद प्रदान करती हैं।
  • हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम अपने “शब्दों” से किसी को encourage करें , discourage नहीं। Of course, इसका ये मतलब नहीं कि हम उसे उसकी कमियों से अवगत न करायें , या बस झूठ में ही encourage करें।
  • हम ऐसे लोगों से बचें जो हमेशा निगेटिव सोचते और बोलते हों। और उनका साथ करें जिनका outlook positive हो।
  • सबसे अहम बात , हम खुद से क्या बात करते हैं? self-talk में हम कौन से शब्दों का प्रयोग करते हैं? इसका सबसे ज्यादा ध्यान रखें। क्योंकि ये “शब्द” बहुत ताकतवर होते हैं। क्योंकि ये “शब्द” ही हमारे विचार बन जाते हैं। और ये विचार ही हमारी ज़िन्दगी की हकीकत बन कर सामने आते हैं। इसलिए दोस्तों , words की power को पहचानिये। जहाँ तक हो सके positive words का प्रयोग करिये। इस बात को समझिए, कि ये आपकी ज़िन्दगी बदल सकते हैं।

यह भी पढे-   quotes for personality development, how personality development? जानिए और अमीर बनिए

positive Good Morning Quotes

उम्मीद से भरी एक
नई सुबह में
आपका स्वागत है…

शुभ प्रभात
हमेशा मुस्कुराते रहिए
कभी अपने लिए तो कभी
अपनों के लिए।🌹

🌹Good Morning
जब विचार, प्रार्थना और
इरादा सब पॉजिटिव हो तो
जिंदगी अपने आप
पॉजिटिव हो जाती है।

Good morning
ज़िन्दगी एक हसीन ख्वाब है
जिसमे जीने की चाहत होनी चाहिए
गम खुद ही खुशी में बदल जायेंगे
सिर्फ मुस्कुराने की आदत होनी चाहिए !!
अच्छा सोचिए
अच्छा बोलिए और
अच्छा कीजिए
क्योंकि
सब आपके पास
लौटकर आता है।
🌻🌻🌻🌻

सुप्रभात

दोस्तों ! आशा करता हूं , “सकारात्मक शब्दों की ताकत” ; positive words पर बनाया हुआ यह आर्टिकल आप सभी को बहुत पसंद आया होगा। इस आर्टिकल में  शेयर की हुई स्टोरी आप सभी के साथ , स्पेशल्ली अपने बच्चों के साथ भी जरूर शेयर करें, ताकि उन्हें भी सकारात्मकता अथवा positive words की अहमियत समझ में आए।

हर जानकारी अपनी भाषा हिंदी में सरल शब्दों में प्राप्त करने के लिए  हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे जहाँ आपको सही बात पूरी जानकारी के साथ प्रदान की जाती है । हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें ।

35 thoughts on “positive words : सकारात्मक शब्दों की ताकत क्या होती है ? प्रेरणात्मक कहानी से जानिए 2023”

Leave a Comment

%d bloggers like this: