Powerful Women राष्ट्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान कैसे ?

Powerful Women – महिलाएं  समाज  की  वास्तविक  वास्तुकार  होती  हैं। हर  सफल  आदमी  के  पीछे  एक औरत  है। इसलिए  हर चीज से बढ़कर, अपने जीवन की (powerful women) नायिका बनिए शिकार  नहीं। नमस्कार दोस्तों। आपको हमारे वेबसाइट badisoch. in में स्वागत है। आज के इस पोस्ट में हम आपके साथ Strong Confident powerful Woman Quotes In Hindi के कुछ Best quotes शेयर करने वाले हैं। अगर आप Google में “powerful Woman quotes in Hindi“, “Strong woman quotes in Hindi“, ,”Happy woman quotes in Hindi” अपने लिए ढूंढ रहें हैं तो यक़ीन मानिये आप एकदम सही पोस्ट पढ़ रहे है 

किसी भी राष्ट्र के निर्माण में नारी का योगदान सबसे अधिक होता है। अगर नारी के विकास को केंद्र बिंदु न रखा जाए तो वह राष्ट्र ज्यादा आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसलिए मनु ने कहा है

“ यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता।

यतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला : क्रिया ।

जहां पर नारी की इज्जत होती है तथा उसे सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया जाता है, तो वहां हर प्रकार की समृद्धि तथा सुख  उपस्थित होता है। वहां पर ईश्वर का वास भी होता है।

औरत को #देने वाले #उपहार में
#सबसे बेहतर #चीज है उनका
सम्मान करना..!!

Powerful Women

सिर्फ स्वाधीनता संग्राम के समय को देखा जाए तो भारतीय महिलाओं का योगदान अगणनीय ही प्राप्त होगा। स्वाधीनता संग्राम के दौरान powerful women अर्थात महारानी लक्ष्मीबाई, विजयालक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली, सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी, मणीबेन पटेल अमृत कौर जैसी स्त्रियों ने आगे आकर अपना अप्रतिम योगदान दिया।

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राष्ट्र विकास में, powerful women महिलाओं की भागीदारी 

किसी भी राष्ट्र के विकास में जितनी भागीदारी पुरुषों की होती है उतनी ही महिलाओं की भी होती है। पुरुष अकेले ही राष्ट्र निर्माण के बोझ का वहन नहीं कर सकता।

दुनिया के विकसित तथा विकासशील देशों में सबसे बड़ा अंतर यही होता है। अर्थात विकसित देशों में महिलाओं की साक्षरता, स्वास्थ्य तथा हक संपूर्ण रूप से उन्हें प्राप्त होते हैं।

वही विकासशील देशों में कहीं न कहीं महिलाओं के सर्वांगीण विकास को नजरअंदाज किया जाता है। इसलिए विकासशील देशों को विकसित की श्रेणी में जाने में अधिक समय लगता है।

औरत कभी# खिलौना #नहीं होती
#वो तो परमात्‍मा# के बाद वो पूजनीय# व्‍यक्ति है,
#तो मौत की गोद में #जाकर जिंदगी #को जन्‍म देती है।

एक लड़की #तबतक
#कमजोर #होती है
#जब तक #वो रोती है।
#जिस दिन #उसनें रोना #छोड़ दिया
#तो उनको #रोना पड़ेगा
#जिन्होंने #उसको रुलाया है।

औरत कभी# उधार नहीं# रखती
#मुहब्बत, #इज़्ज़त, खुशी,
#नफ़रत, #वफ़ा,
#सब दुगना# कर के लौटाती है

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भारतीय इतिहास के विकास में powerful women महिलाओं का योगदान 

भारत को सोने की चिड़िया कहा जाता था क्योंकि उसके विकास में पुरुष तथा स्त्रियों का समान प्रयास हुआ करता था। लेकिन जैसे-जैसे स्त्रियों के विकास का अनुपात कम होता गया वैसे वैसे भारत का गौरव भी धूमिल पड़ता गया।

भारतीय powerful women महिलाओं का इतिहास में योगदान अप्रतिम रहा है। सिर्फ स्वाधीनता संग्राम के समय को देखा जाए तो भारतीय महिलाओं का योगदान अगणनीय ही प्राप्त होगा।

स्वाधीनता संग्राम के दौरान powerful women अर्थात महारानी लक्ष्मीबाई, विजयालक्ष्मी पंडित, अरुणा आसफ अली, सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी, मणीबेन पटेल अमृत कौर जैसी स्त्रियों ने आगे आकर अपना अप्रतिम योगदान दिया।

प्राचीन भारत में सीता, सावित्री, गंडकी, अरुंधती, लोपामुद्रा, अनुसूया जैसी महान स्त्रियों ने अपने ज्ञान के माध्यम से मानव समाज को एक सकारात्मक मार्ग दिखाया।

वर्तमान युग में महिलाओं का योगदान Contribution of Women in the Present Era in Hindi

मध्यकाल में मुगल तथा विदेशी लुटेरों की कुदृष्टि ने महिलाओं को बेहद संकुचित होने पर मजबूर कर दिया और लंबे समय तक इस भावना का समाज में बने रहना एक कुप्रथा, परंपरा का रूप में बदल गया। जिससे आज तक हानि ही हानि हो रही है।

भारत के हरियाणा जैसे राज्यों का लैंगिक अनुपात इतना खराब हो चुका है जिससे वहां का भविष्य तथा विकास मार्ग सरल नहीं लग रहा।

वर्तमान युग में महिलाओं को मात्र भोग विलास की वस्तु बना कर रख दिया गया है। जिसका मूल काम घर में रहकर चूल्हा चौका करना तथा परिवार की देखभाल करना रह गया है।

आजादी के बाद महिलाओं ने सामाजिक और राजनीतिक व्यवस्था में अपनी स्थिति को लगातार बेहतर किया है। उदाहरण के रूप में श्रीमती विजयलक्ष्मी पंडित दुनिया की पहली ऐसी महिला थी जिन्हें संयुक्त राष्ट्र महासभा का अध्यक्ष बनाया गया।

सरोजिनी नायडू आजाद भारत की पहली महिला राज्यपाल बनीं वहीं दूसरी ओर सुचेता कृपलानी प्रथम महिला मुख्यमंत्री, इंदिरा गांधी प्रथम महिला प्रधानमंत्री के रूप में भारत की सुदृढ़ता मजबूत की।

वर्तमान में किरण बेदी, मीरा कुमार, बछेंद्री पाल, संतोष यादव, सानिया मिर्जा, साइना नेहवाल, पीटी उषा, दीपा दास, मिताली राज जैसी महिलाओं ने हर क्षेत्र में भारत का इकबाल बुलंद किया है।

आधुनिक युग में भी ऐसी महिलाएं हुई हैं जिन्होंने लोगों की मानसिकता ओं को बदल कर रख देने का काम किया है। जब स्त्रियों को उनके अधिकारों से भी वंचित रखा जाता था तब भारत की प्रधानमंत्री के पद पर एक महिला विराजित होकर सामाजिक कुप्रथा पर गहरी चोट की।

भारतीय महिलाओं ने सिर्फ भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपना झंडा गाड़ा है। इसका सबसे बेहतर उदाहरण के रूप में कल्पना चावला, रितु करिधाल,चंद्रिमा सहा, मुथय्या वनिथा, गगनदीप कंग इत्यादि तथा सबसे ताजा उदाहरण के रूप में नासा, अमेरिका के मंगल प्रोजेक्ट को लीड कर रही डॉक्टर स्वाति शर्मा हैं।

आज के समय जहां विज्ञान ने इतनी तरक्की कर ली है वहीं दूसरी तरफ महिलाओं का कुछ ऐसा वर्ग भी है जिन्हें उनके मूल अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। इस कुप्रथा को दूर करने के लिए हर किसी को अपनी मानसिकता बदलने की आवश्यकता है।

जब तक हम अपनी मानसिकता को नहीं बदलकर स्त्रियों को साथ नहीं लेंगे तब तक राष्ट्र का सर्वांगीण विकास मुमकिन नहीं हो पाएगा।

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भारत के आर्थिक विकास में महिलाओं का योगदान Contribution of Women in India’s Economic Development in Hindi

किसी भी राष्ट्र का सर्वांगीण विकास तब हुआ माना जाएगा जब वह आर्थिक, भौतिक तथा सुरक्षा में पूरी तरह से विकास कर ले। अगर किसी एक पहलू में कमी आती है तो वह पूरे राष्ट्र के विकास में बाधा उत्पन्न करता है।

भारत के आर्थिक विकास में महिलाओं का योगदान बहुत ही ज्यादा रहा है। भारत की ज्यादातर महिलाएं गृहणिया हैं अर्थात भारत की महिलाएं पारिवारिक जीवन में रहने के बाद भी भारत के आर्थिक विकास में अपना पूर्ण सहयोग दे रही हैं।

आधुनिकता के आगमन एवं शिक्षा के प्रसार ने महिलाओं की स्थिति में सुधार लाना प्रारम्भ किया, जिसका परिणाम powerful women राष्ट्र की समुचित प्रगति के पथ पर निरंतर अग्रसर होने के रूप में सामने हैं।

चाहे चिकित्सा क्षेत्र हो या सुरक्षा क्षेत्र चाहे इंजीनियरिंग तथा सिविल सेवा क्षेत्र हो या पुलिस तथा विज्ञान का क्षेत्र प्रत्येक क्षेत्र में आज भारतीय स्त्रियां powerful women सम्मानित पद पर आसीन हैं। आज की महिलाओं की स्थिति प्राचीन काल की महिलाओं से बहुत ही बेहतर है। जिससे देश की आर्थिक मजबूती और भी ज्यादा हो रही है।

भारतीय गृहणियां दुनिया की सबसे कुशल परिवार संचालक के रूप में जानी जाती हैं। पिछड़े क्षेत्रों की महिलाएं भी आज कढ़ाई-बुनाई तथा छोटे उद्योग चलाकर अपने विकास के साथ देश की विकास भी सुनिश्चित कर रही हैं।

भारतीय स्त्रियां राष्ट्र के विकास में और भी अधिक योगदान दे सकती हैं लेकिन उससे पहले उन्हें अपनी मानसिकता में बदलाव करना होगा। अपने हक के लिए खुले तौर पर आवाज उठाना होगा।

शासन तथा संविधान स्त्रियों के हक के सुरक्षा तब तक नहीं कर सकता जब तक वे कड़ाई से प्रतिरोध उत्पन्न करना ना शुरू करें।

निष्कर्ष Conclusion

इस लेख में आपने राष्ट्र के निर्माण में powerful women अर्थात नारी का योगदान पर निबंध पढ़ा। आशा है यह लेख आपको सरल तथा जानकारी से भरपूर लगा हो। अगर इस लेख के माध्यम से आपकी सहायता हुई हो तो इसे शेयर जरूर करें।

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