risk ना लेना ही सबसे बड़ा रिस्क है। जानिए कैसे ?

जीवन में risk न लेना, सबसे बड़ा रिस्क होता हैं। भागने में risk हैं, रुके रहने में तो उससे भी बड़ा रिस्क है। तो करना क्या हैं? धीरे-धीरे चलते रहना हैं। विदित रहे भरोसा खुद पर रखो तो ताकत बन जाती हैं, और दूसरों पर रखो तो कमजोरी बन जाती हैं। मन को दुविधा की स्थिति में नहीं रखना चाहिए । मन में यही भाव रखो कि इस पार या उस पार । जो होगा उत्कृष्ट ही  होगा । आशावादी बना रहना चाहिए ।  नजरिया , सोच को व्यापक रखें ।

जैसे मन सोचता है, वैसे ही इंसान बन जाता है। मानव जीवन एक बार मिलता है। जिंदगी दुबारा नहीं मिलती है। इसलिए  जीवन में risk उठाने का अवसर जरूर लेना चाहिए। संसार में आए हो, तो जोखिम उठाकर नाम अमर कर जाओ।

risk

पहले हम जोखिम के बारे में जाने । जोखिम  शब्द का अर्थ तो संकट होता है । जोखिम लेना को इस तरह समझ सकते है कि किसी मूल्य की चीज़ को पाने या खोने की सम्भावना को कहते हैं। जोखिम के कार्यों और प्रक्रियाओं में अनिश्चितता का तत्व उपस्थित होता है।जोखिम एक विस्तृत अवधारणा है जिसका विभिन्न परस्थितियों में विभिन्न प्रकार से विश्लेषण व प्रबंधन किया जाता है। मानव को अपने जीवन में जोखिम लेना तो उसकी सोच पर ही निर्भर होता है।

क्यों जरूरी है जोखिम अथवा रिस्क लेना 

हमारे जीवन का आधार ही risk है। एक स्त्री जब संतान को जन्म देती है, तो जिंदगी और मौत के बीच कितना बड़ा जोखिम होता है। किंतु संतान को हाथ में लेते ही सब भूल जाती है। आखिर फल भी कितना मीठा प्राप्त हुआ है ! जोखिम तो पल पल उठाना पड़ता है ! बच्चे  जब खड़े होना ,चलना सीखते हैं तो बार-बार गिरते हैं ,उठते हैं ,उसे चोट लगने की कोई चिंता नहीं होती अंत में वह चलना सीख ही जाता है  !
यूं कहें जीवन और जोखिम का “चोली दामन का साथ ” है तो अतिशयोक्ति न होगी जो कि अलग-अलग समय ,और स्थान ,उम्र के साथ अलग होता है यदि भविष्य उज्जवल बनाना है तो risk तो उठाना ही पड़ेगा ! मेहनत के साथ हमें रिश्क का भी तड़का देना होगा तभी हम भविष्य में कुछ कर सकते हैं ! बिल गेट्स ने माइक्रोसॉफ्ट को एक रूप देने के लिए बहुत बड़ा risk उठाया हार्बरजैसे नामी कॉलेज से आगे की पढ़ाई छोड़ अपना भविष्य दांव पर लगा दिया और आज इतनी बड़ी कंपनी के मालिक हैं !
जोखिम जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। हां यदि हम risk उठाते हैं, तो पहले योजना तो बना लेनी चाहिए। एवं सूझबूझ और विवेक से काम लेना चाहिए ! एक गोताखोर भी अपनी सूझबूझ और योजनांतर्गत समुद्र से मोती लाता है, किंतु इसके लिए वह कितना बड़ा जोखिम उठाता है। शायद जान भी जा सकती है। और शायद मोती भी ना मिले किंतु कोशिश अवश्य करता है। हार नहीं मानता ! लोग केवल अपने नाम की ख्याति के लिए कितने खतरनाक काम और स्टंट भी करते हैं। जो पूर्ण रूप से जोखिम भरा होता है।
वैज्ञानिक भी किसी भी खोज के लिए जोखिम लेते हैं, परिणाम अच्छा आया तो ठीक वरना पुनः प्रयास करते हैं। अंतरिक्ष की उड़ान क्या बिना risk के होती है। कल्पना चावला ने तो अपने प्राण दे दिए ! चंद्रालोक में  नील आर्मस्टर्गं और अन्य 2 साथी ने वहां कुछ समय गुजारने का आनंद के साथ जानकारी हासिल की  जान जोखिम में डालकर। इस तरह व्यवसाय में, खेती करने में ,राजनीति में पद प्राप्ति के लिए भी जोखिम उठाना पड़ता है !  risk तो हमारी जिंदगी के साथ जुड़ा हुआ है। किंतु इसे केवल आर-पार का खेल ना समझ सूझबूझ और समझदारी के साथ योजना अंतर्गत उठाएं तो जीतने की उम्मीद तो होती है। और यदि हार भी मिलती है तो क्या ! मार्गदर्शक का काम करती है। अतः जोखिम तो लेना ही पड़ेगा !
लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती 
कोशिश करने वालों की हार नहीं होती !
मेरे विचार से  जो बुझदिल लोग  हैं तो वे risk नहीं ले पाएँगे । जिन्हें चुनोतियों से लड़ना चाहते या फिर जो अपनी सोच से जीवन में  कुछ नया करना चाहते हैं । वे  इतिहास रच देते हैं । यही विचार राष्ट्र और विभन्न संगठनों , संस्थाओं के बारे में लागू होती है। मेरे मतानुसार तो जीवन में आगे बढ़ने के जोखिम उठाने चाहिए । The biggest risk is not to take risk.

आत्मविश्वास का सबसे अच्छा पैमाना है उसकी risk उठाने की इच्छा।

किसी व्यक्ति के आत्मविश्वास का सबसे अच्छा पैमाना है उसकी जोखिम उठाने की इच्छा। व्यक्ति जिस हद तक जोखिम से बचना चाहता है, उसी हद तक वह डरा हुआ होता है। पुरानी कहावत है- कोई risk नहीं, कोई लाभ नहीं। जोखिम यानि नुकसान की आशंका सफलता के लिए आवश्यक होती है।

सफलता की कुंजी है,risk– अगर लोग पूरी तरह जोखिम से बचना चाहने लगें तो, कोई भी कभी किसी नौकरी के लिए आवेदन नहीं देगा। किसी साहित्यिक पत्रिका में कविता नहीं भेजेगा और मीटिंग में नहीं बोलेगा। सफलता चाहने वाले लोग अक्सर risk लेते हैं। और कई बार जोखिम लेने की वजह से उन्हें नुकसान भी उठाना पड़ता है। हम असफलता के बाद कैसी प्रतिक्रिया करते हैं यही सफलता की कुंजी है।

नया काम शुरू करने का जोखिम लेने वाले ज्यादातर लोग असफल होते हैं। लेकिन वे अपने तजुर्बे से सीखते भी बहुत हैं। आप इतिहास में एक भी ऐसा बड़ा इंसान नहीं पाएंगे, जिसने जिंदगी में बड़े जोखिम न लिए हों। मसलन बिल गेट्स ने ‘माइक्रोसॉफ्ट’ के रूप में अपना सपना साकार करने के लिए हार्वर्ड जैसे नामी-गिरामी विश्वविद्यालय से पढ़ाई बीच में ही छोडऩे का खतरा मोल लिया। उन्हें पता था कि ऐसा करना उनके करियर को नुक्सान पहुंचा सकता है। लेकिन कुछ बड़ा हासिल करने के लिए उन्होंने risk उठाने का फैसला किया जिसका परिणाम आज पूरी दुनिया के सामने है।

बड़े मुकाम हासिल करने के लिए जरूरी है risk हैं।

लेकिन ‘हीरो’ वही होता है जो सामान्य की चाह नहीं रखता, विराट को पाने की अभिलाषा करता है। इसके लिए चाहे अपना अहं और अस्तित्व ही दाव पर क्यों न लगाना पड़ जाए। पर याद यह भी रखना चाहिए कि जोखिम उठाने का जज्बा वीर का साहस है, पागल का नहीं। जो बात इसे पागलपन से अलग करती है वह यह कि इसमें मोहक स्वप्न के साथ विवेक और सूझ-बूझ का भी समन्वय होता है। अगर आप बड़े मुकाम हासिल करना चाहते हैं, तो risk को जीवन में हिस्सेदारी देने में देरी न करें।

यह भी पढे –  What is Risk Management in Hindi-जोखिम प्रबंधन क्या है?

risk मानव जीवन का महत्वपूर्ण भाग है। किसी भी कार्य में सफलता प्राप्त करने के लिए जोखिम उठाना बहुत जरूरी है। इसके बिना विकास संभव नहीं है। परंतु कोई भी कार्य करने से पहले हमें इसकी योजना बना लेनी चाहिए। आज मानव जीवन अनेक कठिनाइयों से भरा पड़ा है। वह सुबह घर से निकलता है तो शाम को वापस आएगा या नहीं उसे नहीं पता मनुष्य का जीवन अनिश्चित है। अत: मनुष्य को risk  से डरे बिना अपना काम करना चाहिए।

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