स्वावलम्बी बनने के अप्रत्यक्ष लाभ | जानिए कौनसे ?

स्वावलम्बी बनो- जीवन में सफल होने के लिए, हमे किसी विषय अथवा Business या occupation अथवा कार्य को चुनना पड़ता है| साथ ही उस business या कार्य के बारे में अथवा विषय में हमारा नजरिया या हमारी सोच, उसकी (business) ‘रुपरेखा’ महत्पूवर्ण होती है|

अर्थात हम उसे कितने बड़े स्तर तक ले जाना चाहते है| या हम उसमे कहाँ तक सफल होना चाहते है| इसमें हमारी सोच के बाद उसे पूर्ण रूप देने में अगला महत्वपूर्ण कदम होता है, हमारा स्वावलम्बी होना|

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स्वावलम्बी

अर्थात किसी विषय या business के बारे में सिर्फ सोच कर विश्राम करते रहे, तो हो सकता है, हमे सफलता ना मिले| हाँ, शुरूआती अति-महत्वपूर्ण बिंदु ‘सोचना’ ही है|लेकिन स्वावलम्बी होना बहुत जरुरी है| इसके (स्वावलम्बी) बगैर हमारा लक्ष्य प्राप्त नहीं हो सकता| किसी भी businessको सफल बनाने में स्वावलम्बन का बहुत बड़ा हाथ होता है|

अपने occupation के विशेषज्ञ बनो, जानिए क्यों?

इतने स्वावलम्बी बनो कि उस विषय की हर stage से गुजरो| अर्थात आप जो occupation कर रहे हो, उसमे labour से लेकर management और investment तक सारी स्थतियो  (reality) की knowledge आपको होनी चाहिए|

क्योकि occupation के किसी भी क्षेत्र में कभी भी कोई रूकावट आये तो आप उसे सुलझा सकते हो| और स्वावलम्बी हो तो बिना किसी नुकसान के रूकावट सम्बन्धी समस्या का शीघ्र समाधान भी कर सकते हो|

स्वावलम्बी बनो|

जब इंसान स्वावलम्बन करके किसी भी जगह पहुँचता है, तो वह  जल्दी से वापिस नहीं होगा| और यदि वह वापिस हो भी गया अर्थात उसको occupation में नुकसान हो गया या किसी कारण से आर्थिक गिरावट के दौर में फस गया, तो वह उस समस्या का जरुर हल निकाल लेगा| यदि वास्तव में वह स्वावलम्बी है| जैसे..

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महान अभिनेता ‘अमिताभ बच्चन ‘एक बार काफ़ी अधिक आर्थिक नुकसान में जाने के बाद वापिस K.B.C episode द्वारा ‘न केवल अपने आपको मेन्टेन किया बल्कि bally wood पर  और लोगो के दिलो पर राज किया|तथा वह आज तक लोगो के लिए ”मानवीय कार्यो ”द्वारा (अच्छे कार्यो द्वारा )लोगो की हार्दिक पसंद बना हुआ है|और साथ ही सम्मान का पात्र भी|इस सफल प्रयास में उनका स्वावलम्बी होना महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है|इसलिए हमें भी यह महत्वपूर्ण गुण (स्वावलम्बी होना) अपनाना चाहिए|

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अतः इतने स्वावलम्बी बनो कि, बिना किसी सहारे के कार्यो को सम्पन्न करने का ‘होसला रखो’ या स्वयं को योग्य बना के रखो| और जो business या occupation कर रहे हो, उसकी हर ‘स्टेज के कार्य’ करने की knowledge रखो| तथा साथ ही बिना आलस्य के कार्य करने की चाहत भी रखो| और स्वावलम्बी बनो| सफलता आपके साथ-साथ चलेगी| क्योकि सफलता और स्वावलम्बन का सदा साथ रहता है| क्योकि एक के बगैर दूसरे का अस्तित्व ज्यादातर नहीं होता है|

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9 thoughts on “स्वावलम्बी बनने के अप्रत्यक्ष लाभ | जानिए कौनसे ?”

  1. संभव असंभव क्या है यह तो सब आडम्बर है असली शक्ति वो है जो तुम्हारे अन्दर है

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