वैचारिक जहर से बचो विकास करो |

वैचारिक जहर और प्रेणादायक विचार क्या होते है ?

बातचीत हमारे मनोवैज्ञानिक माहौल का एक बहुत बड़ा हिस्सा है| इसमें कुछ चर्चाएँ स्वस्थ होती है ,जो लोगो का उत्साहवर्धन करने वाली होती है|तथा समाज एवं व्यक्ति को अच्छी दिशा देने वाली होती है|जिन्हें ‘प्रेरणादायक विचार’ कहते है | वही दूसरी नकरात्मक  एवं षड्यंत्रकारी मानसिकता से भरी चर्चाए होती है | जिन्हें ”वैचारिक जहर” कहा जाता है|

वैचारिक जहर

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वैचारिक जहर ज्यादा नुकसानदायक है |

मानसिक जहर,  शारीरिक जहर से भी ज्यादा नुकसानदायक होता है| यह (वैचारिक जहर  ) सुनने समझने में सुक्ष्म जरुर लगता है| लेकिन इससे बड़ी चीजे हो जाती है| यह इन्सान की ‘सोच’ पर attack करता है| और उसकी सोच काआकार घटा देता है|

Article about Success Define
Category Badisoch
Written by Dr.PS,yadav

नकारात्मक लोग द्वरा वैचारिक जहर फैलाना

नकारात्मक  व्यक्तियों (व्यक्तियों के ग्रुप)द्वारा तथ्यों को तोड्मरोड़कर पेश किया जाता है |  तथा धूर्तता और छल फरेब का प्रयोग कर ”न केवल शरीफ एवं साफ छवि” के व्यक्ति को शिकार बनाया जाता है| बल्कि काफ़ी smart या होशियार इन्सान को भी आसानी से नुकसान कर दिया जाता है| क्योंकि इसमें जिसे ”वैचारिक जहर” दिया जाता है, उसे आमतौर पर पता ही नहीं चलता|”वैचारिक जहर”में अमूमन गलत सोच ही होती है| सही सोच बिल्कुल भी नहीं होती|

 

वैचारिक जहर

वैचारिक जहर के क्रियाकलाप और इससे नुकसान

आज मध्यम वर्ग इससे (वैचारिक जहरसे) सबसे ज्यादा दुखी एवं पीड़ित है| चूकि कुछ असामाजिक तत्व जो व्यक्ति अथवा समाज को progressive नही देखना चाहते है|या वे स्वयं तो नाकारा होते है ,दूसरे सक्षम व्यक्ति को भी स्वयं की जमात या पंक्ति में लाना चाहते है| वे अक्सर लोगो को गलत सूचना या अपने विचारो से दिगभ्रमित कर शिकार बना उनका विकास रोक देते है|

वैचारिक जहर

अक्सर ‘वैचारिक जहर’ देने वाले लोग ही, व्यक्ति ,परिवार एवं समाज के छुपे हुए दुश्मन होते है| और इनके विचारो में negativity  कूट-कूट कर भरी होती है | जिसके कारण ये दूसरो का ही नहीं, अपितु स्वयं का विकास भी नहीं कर पाते है|

इसलिए इनसे दूर रहे |

ये लोग हमेशा ही positive लोगो की mentality को बदलने में लगे रहते है |

अतः ऐसी संगत वाले लोगो से दूरी बनाकर ही क्यक्ति अपना एवं समाज का विकास  कर सकता है | यह कहावत इन्ही पर चरितार्थ होती है| ”better alone than in a bad company”

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वैचारिक जहर से दूरी ही सर्वोतम है

अतः संक्षेप में जैसे …’.कोरोना महामारी ‘ सम्पूर्ण मानवता एवं विश्व के लिए नुकसानदायक है ,उसी की भाति वैचारिक जहर भी व्यक्ति एवं समाज के विकास के लिए नुकसानदायक होता है इसलिए इनसे दूरी में ही बचाव है |  यह mentality disorder अथवा मानसिक विकार है |अतः सदा positive सोचो और वैचारिक जहर से बचो एवं सफल बनो|

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Avoid ideological poison, develop.

What are ideological poisons and passionate thoughts

Talk is a very big part of our psychological environment. Some discussions are healthy in this, which are encouraging people and give good direction to society and the person. There are discussions full of mentality which are called “ideological poison”.

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vascular poison is more harmful.

mental poison is more harmful than physical poison. It (subtle poison) sounds fine to hear. But it makes big things. It attacks the ‘thinking’ of the person. And his (thinking) size decreases. Gives

Spreading ideological poison by negative people

Because, in this, the facts are presented by the person (a group of people). He is also easily harmed because it is given “ideological poison” He usually does not know. In “ideological poison” there is usually wrong thinking. There is no right-thinking at all.

The activity of ideological poison and its harm

Today, the middle class is most unhappy and suffering from it (ideological poison). Because some anti-social elements who do not want to see the person or society progressive. They often want to confuse people with misinformation or their thoughts and stop their development by becoming victims.

वैचारिक जहर

Often, the people who give ‘ideological poison’ are the hidden enemies of the person, family, and society. And in their thoughts, the negativity is filled with the code. Because of which they are able to develop not only others but also themselves.

So stay away from them.

These people are always engaged in changing the mentality of positive people.

Therefore, only by keeping a distance from such compatible people, one can develop oneself and society. This saying only reflects on them. ” better alone than in a bad company ”

 

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Distance from ideological poison is best

So in a nutshell like….The corona epidemic is harmful to the whole of humanity and the world. Likewise, ideological poison is also harmful to the development of the person and society, so it is always safe to keep a distance from them and always think positive and ideological poison. Avoid and be successful.

वैचारिक जहर                   

36 thoughts on “वैचारिक जहर से बचो विकास करो |”

  1. सही बात है भाई जिसकी सोच मे ही negativity भरा हुआ है।तो वो corona जैसी महामारी से कैसे लड़ सकता हैं।इस लिए हमेशा positive ही सोचो।

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