Narendra modi biography ; नरेंद्र मोदी की जीवनी

Narendra modi biography नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय: नरेंद्र मोदी हमारे भारत के वर्तमान प्रधानमंत्री हैं। 30 मई, 2019 को, दूसरे कार्यकाल के लिए, उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली।

नरेंद्र मोदी का पूरा नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी है। वह प्रेरणा का एक व्यक्तित्व है जो एक गरीबी से ग्रस्त चाय बेचने वाले लड़के से विकास-उन्मुख नेता तक पहुंचा।

आइए पढ़ते हैं Narendra modi biography अर्थात माननीय नरेंद्र मोदीजी की जीवनी के बारे में जो उनके प्रारंभिक जीवन, परिवार, शिक्षा, राजनीतिक करियर, पुरस्कार और मान्यता, उनके द्वारा लिखित पुस्तकों आदि के बारे में दर्शाते हैं।

Prime Minister Narendra Modi Biography in Hindi

नाम नरेंद्र दामोदरदास मोदी
जन्म 17 सितम्बर 1950 वड़नगर, गुजरात, भारत
माता-पिता श्री दामोदरदास मूलचंद मोदी (पिता), हीराबेन मोदी (माता)
पत्नी श्रीमती जसोदा बेन चमनलाल
भाई सोमाभाई मोदी, अमृत मोदी, प्रहलाद मोदी, पंकज मोदी
बहन वासंती
मोदी जी का कद 170 से.मी. /5’7″फुट
आँखों का रंग काला
प्रधानमंत्री best P.M. of india ( according my perssional opinion )
 राष्ट्रीयता भारतीय
राजनीतिक दल भारतीय जनता पार्टी
शैक्षिक सम्बद्धता दिल्ली विश्वविद्यालय गुजरात विश्वविद्यालय
धर्म हिन्दू
प्रधानमंत्री पद 15वें प्रधानमंत्री
कार्यालय ग्रहण 26 मई 2014
वेबसाइट www.narendramodi.in

Narendra modi biography प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय हिंदी में

Narendra modi biography : 17 सितम्बर 1950 को वडनगर मेहसाना डिस्टिक (बाम्बे) में नरेंद्र मोदी का जन्म हुआ। नरेंद्र मोदी के पिता का नाम दामोदरदास मूलचंद मोदी एवं माता का नाम हीराबेन मोदी है।

नरेंद्र मोदी के पिता एक साधारण तैलीय जाति के व्यक्ति थे। जिनकी 6 संताने थी जिनमें तीसरें नरेंद्र मोदी थे। नरेंद्र मोदी अपने पिता के साथ रेलवे स्टेशन पर चाय का स्टॉल लगाते थे उन्हें पढ़ने का बहुत शौक था पर उनके शिक्षक के अनुसार वे कुशल वक्ता थे।

वाद-विवाद में नरेंद्र मोदी को कोई पकड़ नहीं सकता था। मोदी जी ने वडनगर के एक स्कूल से पढ़ाई पूरी की थी और सन् 1980 में गुजरात के विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में ग्रेजुएशन (graduation) पूरी की और उस समय वो RSS के प्रचारक भी थे।

नरेंद्र मोदी की जाति का क्या नाम है?

BBC के एक लेख के अनुसार नरेंद्र मोदी घांची जाति के हैं

नरेंद्र मोदी की पत्नी का क्या नाम है?

Narendra modi biography

उनकी सगाई 13 वर्ष में जसोदा बेन चमनलाल (narendra modi wife name) से हो गयी थी और उनकी शादी 17 वर्ष की उम्र में हो गयी थी।

शादी के बाद The Financial Express की खबर के अनुसार वो दोनों साथ में कई वर्ष तक रहे और बाद में अलग अलग रहने लगे जिसमें केवल नरेंद्र मोदी की इच्छा थी। और कुछ लेखकों का कहना है की “उन दोनों की शादी जरूर हुई परन्तु वे दोनों कभी एक साथ नहीं रहे”।

शादी के कुछ वर्षों बाद मोदी जी ने घर का त्याग कर दिया था और एक तरीके से उनका वैवाहिक जीवन समाप्त ही हो गया था।

मोदी जी की इस शादी वाली बात पर बड़ा बखेड़ा हुआ था। हालाँकि उन्होंने पिछले चार विधान सभा चुनावों में अपनी बीती हुई शादीशुदा जिंदगी के बारे में कभी जिक्र भी नहीं किया है और उनका कहना है कि शादीशुदा जिंदगी की बात ना बता कर उन्होंने कोई पाप नहीं किया है।

उनका मानना है कि एक शादीशुदा के मुकाबले बिना शादी वाला व्यक्ति भ्रष्टाचार से ज्यादा लड़ सकता है क्योंकि उसे अपनी पत्नी और बच्चों की कोई चिंता नहीं रहती है और वो भ्रष्टाचार के खिलाफ आसानी से लड़ सकता है और तो और उन्होंने शपथ पत्र दिखा कर, जसोदा बेन को अपनी पत्नी स्वीकारा है।

Biography of Narendra Modi in Hindi

नरेंद्र मोदी के बारे में बात करें तो नरेंद्र मोदी जी का बचपन बड़ी ही गरीबी में गुजरा। उनके पिता जी की चाय की दुकान थी और उनकी माँ दूसरों के घरों में बर्तन साफ किया करती थीं! दो वक्त का खाना भी बहुत मुश्किल से मिलता था।

मोदी जी बहुत छोटे एवं कच्चे घर में उनका बचपन बीता। उनका जीवन बहुत संघर्ष वाला था उन्होंने अपने बचपन में ही बहुत उतार चढ़ाव देखे थे।

वह बचपन से ही स्वामी विवेकानंद के विचारों को अपना आदर्श मानते थे। और उन्हें बचपन से ही पढ़ने का बहुत शोक था। कुछ पारिवारिक समस्या के कारण 1967 में 17 वर्ष की आयु में घर छोड़ दिया।

वह घर छोड़ने के बाद कई आश्रम और मठ में अपना जीवन व्यतीत करने लगे। इन्ही दिनों में उन्होंने बहुत दुनिया देख ली थी। बहुत सोच विचार के बाद ये दो वर्ष बाद वापस घर आ गये।

इन सबके बाद मोदी जी (R.S.S.) आर.एस.एस. के सदस्य बने और फिर उन्होंने काम बहुत ईमानदारी से किया, लेकिन इन सबके बावजूद भी उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और पॉलिटिक्स में डिग्री हासिल की। वह लोगो की समस्याओं, उनकी मुसीबतों को सुनते और दूर करने की कोशिश करते।

Narendra modi biography – Political Journey

Narendra modi biography

वे विश्वविद्यालय पड़ते समय वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की शाखा में जाने लगे थे। उन्होंने शुरुआत से ही राजनीतिक में अपनी रूचि दिखाई और भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत करने की प्रमुख भूमिका दिखाई।

गुजरात में “शंकर सिंह वाघेला” का जनाधार मोदी जी की वजह से बहुत मजबूत हो गया था।

अप्रैल 1990 में केंद्र में मिली जुली सरकारों का समय आया और मोदी जी की महमंत ने रंग दिखाया “भारतीय जनता पार्टी” ने अपने बलबूते दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर 1995 में अपनी सरकार बनाई और उस समय दो राष्ट्रीय घटना हुई।

PM Narendra Modi News in Hindi
पहली घटना में हुआ ये की आडवाणी जी ने सोमनाथ से लेकर अयोध्या तक की रथ यात्रा निकाली जिसमें प्रमुख सारथी का काम मोदी जी ने किया और इसी प्रकार कन्याकुमारी से लेकर सुदूर उत्तर में स्थित कश्मीर तक की मुरली मनोहर जोशी ने रथ यात्रा भी मोदी की देखरेख में ही हुई।

इसके बाद “शंकर सिंह वाघेला” ने पार्टी से त्यागपत्र दिया और केशुभाई पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया गया और मोदी जी को दिल्ली बुलाकर भाजपा में संगठन की दृष्टि से केन्द्रीय मंत्री बना दिया गया।

1995 में मोदी जी को प्रमुख पांच राज्यों में पार्टी संघटन का काम दिया गया जिसे मोदी जी ने किया भी।

1998 में उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री संगठन सौंपा गया और उस पद पर 2001 तक मोदी ने काम किया और 2001 में केशुभाई को हटा कर मुख्यमंत्री के पद पर मोदी जी को मुख्यमंत्री बना दिया गया।

गुजरात में मोदी जी का काम मुख्यमंत्री के रूप में: Narendra modi biography

केशु भाई की तबीयत कुछ खराब होने लगी थी और भाजपा चुनाव में कई सीटें हार चुकी थी जिसके कारण उन्हें 2001 में मोदी जी को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुख्यमंत्री के रूप में उम्मीदवार बनाया।

हालाँकि मोदी जी चाहते थे की गुजरात की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं को मिले जिसके कारण पटेल के उप मुख्यमंत्री बनने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया था और अटल बिहारी बाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी से कहा की:

अगर मुझे मुख्यमंत्री बनाना है तो अकेले का बनाओं जिस कारण 03 अक्टूबर 2001 को यह मुख्यमंत्री बने और 2002 में होने वाले चुनाव की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर थी।
सन् 2001-02
07 अक्टूबर 2001 को मुख्यमंत्री कार्यकाल का पहला दिन शुरू था और इसके बाद मोदी जी ने राजकोट चुनाव लड़ा और कांग्रेस पार्टी के अश्विन मेहता को 14728 मतों से हारना पड़ा।

नरेंद्र मोदी जी वैसे तो अपने कर्मशील व्यव्हार के लिए जाने जाते हैं और उन्होंने गुजरात में भी कई हिंदु मंदिरों को तोड़ने में कोई हस्तक्षेप नहीं किया क्योंकि वो मंदिर क़ानूनी कायदे से दूर थे।

इस हरकत से उन्हें विश्व हिन्दू परिषद जैसे संगठन से भला बुरा सुनने को मिला। उन्होंने कोई परवाह नहीं की क्योंकि उन्हें लगता है कि वह सही कर रहे हैं।

उन्हें कुर्ता पजामा पहनना बहुत अच्छा लगता है पर कभी-कभी सूट भी पहन लेते हैं। वैसे उनकी मातृभाषा गुजराती है पर वे हिंदी और अंग्रेजी भाषा भी बोल लेते हैं।

मोदी जी की देखरेख में 2012 में हुए गुजरात विधान सभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत प्राप्त किया और भाजपा को इस बार 115 सीटें मिली।
गुजरात की विकास योजना: नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय

Narendra modi biography

मुख्यमंत्री होने के बाद मोदी जी ने गुजरात में विकास किया व उनकी योजना निम्नलिखित हैं।

Narendra modi biography

पंचामृत योजना ⇒ राज्य के एक जुट विकास की योजना ।
सुजलाम सुफलाम ⇒ राज्य में जलस्रोतों का उचित व् बिना बर्बाद किये उपयोग, जिससे जल बर्बाद न हो ।
कृषि महोत्सव ⇒ उपजाऊ भूमि के लिए शोध प्रयोगशालाएं ।
चिरंजीवी योजना ⇒ जन्म लेने वाले बच्चे की मृत्युदर में कमी लाने के लिए ।
माँ वंदना ⇒ जच्चा –बच्चा के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए ।
बेटी बचाओ ⇒ भ्रूण हत्या व लिंगानुपात पर अंकुश हेतु ।
ज्योतिग्राम योजना ⇒ प्रत्येक गाँव में बिजली पहुँचाने के लिए ।
कर्मयोगी अभियान ⇒ सरकारी कर्मचारियों में अपने कर्तव्य के प्रति निष्ठा जगाने के लिए।
मोदी ने आदिवासियों के लिए विकास किये

पांच लाख लोगों के परिवार को रोजगार
ऊँचे स्तर पर शिक्षा की गुणवत्ता
आर्थिक विकास
स्वास्थय
आवास
साफ स्वच्छ पीने का जल
सिंचाई
सब जगह बिजली
प्रत्येक मौसम में सड़क मार्ग की उपलब्धता
शहरी विकास
आतंकवाद पर मोदी के विचार
“आतंकवाद युद्ध से भी बदतर है। एक आतंकवादी के कोई नियम नहीं होते । एक आतंकवादी तय करता है की कब, कैसे कहाँ और किसे मारना है। भारत ने युद्धों की तुलना में आतंकी हमलों में अधिक लोगों को खोया है।” – मोदी जी ने कहा
18 जुलाई 2006 को मोदी ने एक भाषण में आतंकवाद निरोधक अधिनियम जैसे आतंकवाद विरोधी विधान लाने के खिलाफ उनकी नामंजूरी को लेकर भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की आलोचना की.

मुंबई की उपनगरीय रेलों में हुए बम विस्फोट हुआ था जिसके कारण उन्होंने केन्द्र सरकार से राज्यों को सख्त कानून लागू करने के लिए मांग की।

Narendra Modi biography in Hindi

27 फरवरी 2002 को अयोध्या से गुजरात वापस लौट कर आ रहे कारसेवकों को गोधरा स्टेशन पर खड़ी ट्रेन को मुसलमानों की खतरनाक भीड़ ने आग लगा कर जला दिया था जिसमे 59 कारसेवक मारे गए थे।

जिसके कारण पुरे गुजरात में हिन्दू मुस्लिम में दंगे भड़क चुके थे। जिसमें मरने वालों की संख्या करीब 1180 थी और अल्पसंख्यक लोग ज्यादा थे।

इस घटना पर न्यूयॉर्क टाइम्स ने मोदी प्रशासन को दोषी ठहराया और कांग्रेस और विपक्षी दलों ने नरेंद्र मोदी को जिम्मेदार ठहराया और इस्तीफे की मांग की।

मोदी ने गुजरात की दसवीं विधानसभा भंग होने पर अपना त्यागपत्र राज्यपाल को दे दिया और पुरे देश में राष्ट्रपति को शासन करना पड़ा, दुबारा चुनाव हुए जिसमे भारतीय जनता पार्टी ने मोदी जी के नेत्रत्व में विधान सभा की कुल 182 सीटों में से 127 सीटों पर जीत हांसिल हुई।

2002 अप्रैल में भारत के उच्चतम न्यायलय ने विशेष जाँच भेजी ताकि पता चल सके की इसके पीछे मोदी का हाथ तो नहीं था।

ये जांच केवल दल दंगों में मारे गए कांग्रेस सांसद एहसान जाफरी की विधवा जाकिया जाफरी की शिकायत पर किया थे। “विशेष जाँच दल” (special investigation team) की रिपोर्ट पर ये पता चला की नरेंद्र मोदी ने कुछ भी नहीं किया.

उसके बाद 2011 फरवरी में टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने कहा की रिपोर्ट में कुछ बातें छुपाई गयी है और बिना सबूतों के मोदी को अपराध से छुटकारा नहीं मिल सकता.

इंडियन एक्सप्रेस का भी यही कहना था । और द हिन्दू में प्रकाशित रिपोर्ट में यह कहा गया है की मोदी ने ना केवल बहुत बड़े युद्ध को रोका बल्कि प्रतिक्रिया स्वरुप उठे गुजरात के दंगों में मुस्लिम उग्रवादियों के मारने को सही बताया है.

BJP ने मांग की विशेष जाँच दल (S.I.T.) की रिपोर्ट को लिक करके प्रकाशित करवाया गया और इसमें कांग्रेस का हाथ था और इसकी भी जांच उच्चतम न्यायलय द्वारा की जाए.

सुप्रीम कोर्ट ने अहमदाबाद के ही एक मजिस्ट्रेट को इसकी जांच करने के लिए कहा । 2012 अप्रैल में फिर एक विशेष जांच के दल ने साबित किया की मोदी जी का दंगों में कोई प्रत्यक्ष हाथ नहीं है.

07 मई 2012 को उच्चतम न्यायलय द्वारा नियुक्त जज राजू रामचंद्रन ने रिपोर्ट में कहा है की गुजरात में हुए दंगों में यदि मोदी का हाथ है तो उन्हें भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (1)(क)व् (ख), 153 बी (1), 166 तथा 505 (2) के अंतर्गत सभी समुदायों के दुश्मनी की भावना फ़ैलाने के अपराध में दण्डित किया जा सकता है.

26 जुलाई 2012 को नई दुनिया के लेखक शाहिद सिद्दीकी ने मोदी का इंटरव्यू लिया जिसमे मोदी ने कहा की “जैसा की में पहले भी कह चूका हूँ की 2002 में हुए दंगों के पीछे मेरा कोई हाथ नहीं है। और उसके लिये मैं माफी क्यों मांगू? और यदि मेरी सरकार ने ऐसा किया है तो मुझे फांसी दे दो”

मुख्यमंत्री ने गुरूवार को नई दुनिया में कहा है की अगर मोदी गुनाहगार हैं तो उन्हें फांसी दे दो।

मोदी जी का कहना था की कब तक गुजरे जमाने को लिए बैठे रहोगे? ये क्यों नहीं दिखाई देता कि पिछले एक दशक में गुजरात ने कितने तरक्की की है ? और इस तरक्की का फायदा तो मुस्लिम परिवार को भी हुआ है.

केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से इस बात पर पूछा गया तो उन्होने कहा की “पिछले 12 वर्षों मैं एक बार भी गुजरात के मुख्यमंत्री के खिलाफ एफ़०आई०आर० (FIR) दर्ज नहीं हुई है तो आप उन्हें दोषी कैसे ठहरा सकते हो ? उन्हें कोन फांसी देने जा रहा है?

बाबरी मस्जिद के लिए 45 वर्षों से मुकदमा लड़ रहे मोहम्मद हाशिम अंसारी (92 वर्ष) का भी यही कहना है की नरेंद्र मोदी जी के प्रान्त गुजरात में मुस्लमान खुशहाल हैं और समृद्ध भी हैं । और कांग्रेस हमेशा ही मुस्लिमों में मोदी को ले कर भय पैदा करती है.

2014 सितम्बर में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री टोनी अबात ने कहा की मोदी जी को 2002 के दंगों के लिए दोषी नहीं ठहराना चाहिए क्यूंकि वो मात्र एक आधिकारी थे जो “अनगिनत जांच में पाक साफ़ साबित हुए हैं।”

लोकसभा चुनाव 2014 (प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार)

भाजपा कार्यसमिति द्वारा गोवा मैं नरेंद्र मोदी को 2014 को लोक सभा चुनाव अभियान की कमान सौंपी गयी थी। 13 सितम्बर 2013 को संसदीय बोर्ड की बैठक मैं लोकसभा के चुनावों के लिए प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर दिया गया.

उस समय बड़े नेता लालकृष्ण आडवाणी मौजूद नहीं थे तो पार्टी के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने घोषणा की। और मोदी ने चुनाव अभियान की कमान राजनाथ सिंह को सोंप दी.

प्रधानमंत्री के पद का उम्मीदवार मोदी को बनाया गया और पहली रैली हरियाणा से रिवाड़ी शहर पहुंची । सांसद प्रत्याशी के रूप में उन्होंने देश की दो लोकसभा सीटों वाराणसी तथा वडोदरा से चुनाव लड़ा और निर्वाचन क्षेत्रों से विजयी भी हुए.

नरेंद्र मोदी का जीवन परिचय “लोक सभा चुनाव (2014) में मोदी की स्थिती”

समाचार चैनलों व समाचार पत्रों द्वारा किये गए सर्वेक्षणों में मोदी पहली पसंद थे जो की प्रधानमंत्री बनने के लिए सही भी थे। सितम्बर 2016 में निलसन होल्डिंग और इकोनोमिक्स टाइम्स के अनुसार 100 भरतीय कॉरपोरेट्स में से 74 कारपोरेट्स ने नरेंद्र मोदी तथा 7 ने राहुल गांधी को बेहतर प्रधानमंत्री बताया.

एक इंटरव्यू के दौरान नोबल पुरस्कार विजेता अर्थशास्त्री अमृत्य सैन मोदी को बेहतर प्रधानमंत्री नहीं मानते हैं । इसके बावजूद जगदीश भगवती और अरविन्द पानगडिया को मोदी जी का अर्थशास्त्र अच्छा लगता है.

योग गुरु स्वामी रामदेव और कथावाचक मुरारी बापू ने नरेंद्र मोदी को सही कहा है.

प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी जी ने पुरे भारत का भ्रमण किया । और तब 3 लाख किलोमीटर की यात्रा की ।

पुरे देश में 437 बड़ी चुनावी रैलियों में, 3 डी सभाएं (चलचित्र) व चाय पर चर्चा आदि को मिलाकर कुल 5827 कार्यकर्म किये।

26 मार्च 2017 को चुनाव अभियान की शुरुआत माँ वैष्णो देवी के आशीर्वाद के साथ जम्मू से की और समापन मंगल पाण्डेय की जन्मभूमि बलिया में किया.

चुनाव का परिणाम:

राष्ट्रिय गठबंधन 336 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरा और भारतीय जनता ने उनमे से 282 सीटों की जीत हांसिल की और कांग्रेस ने कुल 44 सीटों पर सिमट कर रह गयी और उसके गठबंधन को केवल 15 सीटों से ही संतोष करना पड़ा.

नरेंद्र मोदी स्वतंत्र भारत में जन्म लेने वाले ऐसे व्यक्ति हैं जो सन् 2001 से 2014 तक लगभग 13 साल गुजरात के 14 वें मुख्यमंत्री रहे ओर हिंदुस्तान के 15वे प्रधानमंत्री बने.

नेता प्रतिपक्ष चुनाव हेतु विपक्ष को एकजुट होना ही पड़ेगा क्योंकि किसी भी एक दल ने कुल लोकसभा सीटों के 10 प्रतिशत का आंकड़ा भी नहीं छुआ है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का शपथ ग्रहण समारोह
20 मई 2014 को संसद भवन में भारतीय जनता द्वारा आयोजित भाजपा संसदीय दल एवम सहयोगी दलों की एक संयुक्त बैठक में जब लोग आ रहे थे तब मोदी जी ने अन्दर पैर रखने से पहलें संसद भवन को जमीन से छु कर नमस्ते किया जैसे की मंदिर में घुसने से पहले लोग मंदिर की सिडीयों को छुते हैं.

संसद भवन में पहले कभी ऐसा किसी ने नहीं किया और ये सभी के लिये एक सिख है । उस बैठक में मोदी को न केवल भाजपा संसदीय दल अपितु एनडीए का भी नेता चुना गया.

राष्ट्रियपति ने नरेंद्र मोदी जी को भारत का 15वा प्रधानमंत्री नियुक्त करते हुए इसका विधिवत पत्र सौंपा । सोमवार 26 मई 2014 को नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली ।

वडोदरा सीट से इस्तीफा क्यों दिया?

नरेंद्र मोदी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में सबसे अधिक अंतर से जीती गुजरात के वड़ोदरा सीट को त्याग दिया और उत्तर प्रदेश की वाराणसी सीट का प्रतिनिधत्व करने का फैसला किया और घोषणा की कि गंगा की सेवा के साथ इस प्राचीन नगरी का विकास करेंगे.

प्रधानमंत्री के रूप में: (मोदी का शपथ ग्रहण समारोह)

नरेंद्र मोदी का 26 मई 2014 से भारत में 15वें प्रधानमंत्री का कार्यकाल राष्ट्रियपति भवन में आयोजित शपथ लेने के बाद शुरू हुआ । और मोदी जी के साथ 45 नेताओं ने भी गोपनीयता की शपथ ली.

मोदी जी के साथ 46 में से 36 ने हिंदी में शपथ ली और 10 ने अंग्रेजी में शपथ ली इस सामारोह में अलग अलग देशों के राजनीतिक पार्टियों के प्रमुख लोगों सहित सार्क देशों के राष्ट्रअध्यक्षों को भी बुलाया गया था.

सार्क देशों के मुख्य लोगों के नाम जो समारोह में थे ।

अफगानिस्तान
हामिद करजई (राष्ट्रपति)
बांग्लादेश
शिरीन शर्मिन (संसद की अध्यक्ष)
भूटान
शेरिंग तोबगे (प्रधानमंत्री)
मालदीव
अब्दुल्ला यामीन अब्दुल गयूम (राष्ट्रपति)
मोरिशस
नवीनचंद्र रामगुलाम (प्रधानमंत्री)
नेपाल
सुशील कोइराला (प्रधानमंत्री)
पाकिस्तान
नवाज शरीफ (प्रधानमंत्री)
श्रीलंका
महिन्दा राजपक्षे (प्रधानमंत्री)
समारोह से संबंधित मतभेद:

ऑल इण्डिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (अन्ना द्रमुक) और राजग का घटक दल, मरुमचार्ली द्रविड़ मुनेत्र कझगम (MDMK) नेताओं ने नरेंद्र मोदी सरकार के श्रीलंकाई प्रधानमंत्री को बुलाने के फैसले को गलत बताया.

MDMK प्रमुख वाईको, मोदी से मिले और निमंत्रन का फैसला बदलवाने की कोशिश की, साथ में कांग्रेस नेता ने उनका विरोध किया । और साथ में श्रीलंका और पाकिस्तान ने भारतीय मछुवारों को रिहा किया । और मोदी ने आने वालों का स्वागत किया.

समारोह में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री को बुलाया गया था। और कर्णाटक के मुख्यमंत्री, सिधारर्मैया (कोंग्रेस) और केरल के मुख्यमंत्री, उम्मन चांदी (कोंग्रेस) ने आने से मना कर दिया.

तमिलनाडू की मुख्यमंत्री जयललिता ने भी आने से मना कर दिया और प० बंगाल के मुख्यमंत्री ममता बैनर्जी ने अपनी जगह मुकुल रॉय और अमित मिश्रा को भेजा.

वडोदरा में एक चाय बेचने वाला किरण महिदा, जिन्होंने मोदी की उम्मीदवारी प्रस्तावित की थी उनको भी बुलाया गया था, और मोदी जी की माँ और अन्य तीन भाइयों ने ये कार्यकर्म टीवी पर लाइव देखा।

भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण उपाय
भ्रष्टाचार से संबंधित स्पेशल इन्वेस्टीगेशन टीम (SIT)
योजना आयोग की समाप्ति की घोषणा की।
प्रधानमंत्री जन धन योजना का आरम्भ।
रक्षा उत्पादन क्षेत्र में विदेशी निवेश की अनुमति।
45% का कर देकर काला धन घोषित करना।
सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग की सिफारिशों को हरी झंडी।
रेल बजट प्रस्तुत नहीं किया जायेगा।
काले धन को और अर्थव्यवस्था को सामान रुप से लाने के लिए 8 नवम्बर 2016 को 500 और 1000 के नोटों को बंद कर दिया।
List of Schemes Launched by Modi Government in Hindi
वित्तीय समावेशन के लिए प्रधानमंत्री जन धन योजना
बेहतर स्वच्छता सुविधाओं और सार्वजनिक स्थानों की सफाई के लिए स्वच्छ भारत मिशन।
बैंकिंग सेवाओं के लिए मुद्रा बैंक योजना।
युवा कार्यबल को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना।
ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए आदर्श आदर्श ग्राम योजना।
विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ाने के लिए मेक इन इंडिया।
गरीब कल्याण योजना।
ई-बस्ता एक ऑनलाइन शिक्षण मंच।
बालिका के वित्तीय सशक्तिकरण के लिए सुकन्या समृद्धि योजना।
Padhe Bharat Badhe Bharat बच्चों के पढ़ने, लिखने और गणितीय कौशल को बढ़ाने के लिए।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना बीपीएल के रूप में रहने वाले परिवारों को एलपीजी प्रदान करती है।
सिंचाई में दक्षता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना।
प्रधानमंत्री आवास बीमा योजना एक ऐसी योजना है जो फसल खराब होने पर बीमा प्रदान करती है।
एलपीजी सब्सिडी योजना।
डीडीयू-ग्रामीण कौशल्या योजना ‘कौशल भारत’ मिशन के एक भाग के रूप में ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करती है।
नई मंज़िल योजना मदरसा छात्रों को दिया जाने वाला एक कौशल आधारित प्रशिक्षण है।
स्टैंड अप इंडिया महिलाओं और SC / ST उद्यमियों का समर्थन करेगा।
अटल पेंशन योजना असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए एक पेंशन योजना है।
प्रधान मंत्री सुरक्षा बीमा योजना दुर्घटना के खिलाफ बीमा प्रदान करती है।
प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना जीवन बीमा प्रदान करती है।
Sagar Mala Project scheme
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट (शहरी बुनियादी ढांचे के निर्माण में मदद करता है)।
रूर्बन मिशन योजना गांवों में आधुनिक सुविधाएं प्रदान करेगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना सभी के लिए किफायती आवास प्रदान करती है।
जन औषधि योजना एक ऐसी योजना है जो सस्ती दवा उपलब्ध कराती है।
डिजिटल रूप से सुसज्जित राष्ट्र और अर्थव्यवस्था के लिए डिजिटल इंडिया।
ऑनलाइन दस्तावेजों को हासिल करने के लिए डिजिलॉकर।
स्कूल नर्सरी योजना
स्वर्ण मुद्रीकरण योजना
“लोगों का आशीर्वाद आपको अथक परिश्रम करने की शक्ति देता है। केवल आवश्यक चीज प्रतिबद्धता है।” – नरेंद्र मोदी

नरेंद्र मादी की विदेश नीति और शिक्षा Narendra modi biography

  1. शपथग्रहण समारोह में सार्क देशों को बुलावा ।
  2. भूटान की यात्रा सबसे पहले की ।
  3. ब्रिक्स सम्मेलन में नए विकास बैंक की स्थापना ।
  4. नेपाल यात्रा के समय पशुपतिनाथ मंदिर में पूजा ।
  5. अमेरिका और चीन से पहले जापान की यात्रा ।
  6. पाकिस्तान को अन्तर्राष्ट्रीय जगत से अलग थलग करने में सफल ।
  7. जुलाई 2017 इसराइल की यात्रा ,और नए सम्बन्ध बनाये ।

कुछ नीतियां हैं जानने योग्य पढियेगा जरूर!

  • सूचना प्रौद्योगिकी ⇒ लेख : डिजिटल भारत (DIGITAL INDIA)
  • स्वास्थ्य और स्वच्छता ⇒ स्वच्छ भारत अभियान
  • रक्षा नीति ⇒ मोदी की सरकार ने रक्षा बलों को मजबूत करने के लिए सन् 2015 में रक्षा बजट 11% बढ़ा दिया और सितम्बर 2015 में उनकी सरकार ने समान रैंक समान पेंशन (वन रैंक वन पेंशन)की बहुत लम्बे समय से की जा रही मांग को स्वीकार कर लिया।
  • मोदी सरकार ने पूर्वोत्तर भारत के नागा विद्रोहियों के साथ शान्ति समझौता किया 1950 से चला नागा समस्या का हल निकल सके।
  • 29 सितम्बर 2016 को नियंत्रण रेखा के पार सर्जिकल स्ट्राइक (अर्थ: बिना किसी को पता लगे अपना काम करके वापस आ जाना )
  • चीन की मनमानी का कडा विरोध और प्रतिकार।

घरेलू नीति:

  1. हजारों NGO का पंजीकरण रद्द करना ।
  2. अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय को “अल्पसंख्यक विश्वविद्यालय” न मानना
  3. तीन बार तलाक कहकर तलाक देने को बंद कर दिया ।
  4. जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली में राष्ट्र विरोधी गतिविधियों को रोका ।
  5. 70 वर्ष से ज्यादा उम्र के लोगों को सांसदों एवं विधायकों को मंत्री पद न देने का कड़ा निर्णय ।

आम लोगों को जोड़ने की पहल

“मन की बात” नामक कार्यक्रम से लोगों तक अपनी बातों को पहुचाना और लोगों की बातों को जानना उन्हें अपने द्वारा चलाई गयी योजनाओं से जुड़ने के लिए प्रेरित करना.

सम्मान और पुरस्कार

  1. 2014 में फोर्ब्स पत्रिका में विश्व के शक्तिशाली व्यक्तियों में 14 वा स्थान ।
  2. 2015 में विश्व के शक्तिशाली लोगों में 9वा स्थान फोर्ब्स पत्रिका के सर्वे में ।
  3. 2016 में विश्व प्रसिद्ध फोर्ब्स पत्रिका में विश्व का 9वा स्थान ।
  4. अप्रैल 2016 में नरेंद्र मोदी सऊदी अरब के उच्चतम नागरिक सम्मान “अब्दुलअजीज अल सऊद के आदेश“ (The Order of Abdulaziz Al Saud)
  5. जून 2016 में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी ने भारतीय प्रधानमंत्री के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार अमीर अमानुल्ला खान अवार्ड से सम्मानित किया ।

नरेंद्र मोदी जी के बारे में नयी खबर

Narendra modi biography नरेंद्र मोदी जी हमारे प्रधानमंत्री है ये तो सभी जानते ही है लेकिन किसी को पता भी है कि हमारे प्रधानमंत्री जी की विश्व भर में बहुत ही प्रशंसा मिली है क्योंकि नरेंद्र मोदी जी प्रधानमंत्री के पद पर सम्पूर्ण भारत के लिए सोच रहे है। नरेंद्र मोदी जी प्रत्येक दिन प्रत्येक सुबह 04 बजे उठ कर योगा करते है उनका मानना है कि एक अच्छे दिन की शुरुआत योगा से ही होती है।

नरेंद्र मोदी जी बचपन से ही भारत की सोचते रहे है और उन्होंने अपने बचपन से ही अनुशासन को माना है और नरेंद्र मोदी जी ने पढ़ाई के साथ साथ अपने स्वास्थ पर भी ध्यान दिया है और उन्होंने अपने दिनचर्या में अपने खान पान और अपने स्वास्थ से संबंधित चीजों को डाला है।

नरेंद्र मोदी जी को सुबह की शैर करना बहुत पसंद है। मोदी जी को एक समुन्द्र के किनारे कुढ़े को उठाता देखा गया है। इस वीडियो में उन्होंने भारत को साफ रखने के लिए जो कदम उठाया है उसकी वजह से पूरे भारत में और सम्पूर्ण विश्व में ये बात समझी जा सकती है कि साफ सफाई रखने के लिए किसी न किसी को कदम तो उठाना ही पड़ेगा।

कोरोना से नरेंद्र मोदी जी की लड़ाई

Narendra modi biography आज सम्पूर्ण विश्व में कोरोना की लड़ाई में सम्पूर्ण विश्व लड़ाई कर रहा है। ऐसे में जिस देश में सबसे ज्यादा जनसंख्या है उस देश में कोरोना वायरस का पैर पसारना बहुत ही आसान हो जाता है। कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा चाइना में मरीज पाये गए है लेकिन चाइना की अपनी चिकित्सा शैली के चलते उन्होंने कोरोना मरोजों को ठीक कर दिया है।

कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा अमेरिका को प्रभाव पड़ा है
कोरोना वायरस से न जाने कितने लोगों की जान जा चुकी है और आगे न जाने क्या होगा। कोरोना वायरस की वजह से भारत के चाइना से आयात को बहुत समय पहले ही रोक लगा दी गयी थी, चाइना से, इटली से आने वाले यातायात वाहनों जैसे की हवाई जहाज आदि पर रोक लगा दी गयी थी लेकिन उसके बावजूद भी कोरोना ने अपनी जगह सभी देशों में दहसत बना दी है।

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ऐसे में हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने समय से पहले ही भारत देश में लोकडाऊन लागू कर दिया था।

नरेंद्र मोदी जी को पता था कि कोरोना वायरस से देश खत्म भी हो सकता है इसलिए नरेंद्र मोदी ने 23 मार्च, रविवार के दिन एक दिन का लोकडाउन रखा था जिस समय सम्पूर्ण भारत ने इसका पालन किया और फिर रविवार की रात 24 मार्च से 31 मार्च तक के लिए लोकड़ाउन किया लेकिन कुछ लोगों के चलते लोकडाउन को 14 अप्रैल तक के लिए स्थगित किया गया जो की पूरे 21 दिन का लोकडाउन था।

अब जब 14 अप्रैल को लोकड़ाउन की तारीख को और बड़ाया गया और 03 मई तक के लिए और बढ़ाया गया।

वैज्ञानिको से आह्वान

”मेरा युवा वैज्ञानिको से आग्रह है ‘विश्व कल्याण’के लिए मानव ‘कल्याण’के लिए कोरोना की वैक्सीन (vaccine )का बेडा उठाये”।हम धैर्य बनाकर रखेंगे ,नियमो का पालन करेंगे।

Narendra modi biography इस लोकडाउन के चलते लोग जब आतंक के डर में जी रहे थे तब नरेंद्र मोदी जी ने लोगों की हिम्मत को बढ़ाया और 23 मार्च के दिन सम्पूर्ण भारत को शाम 05 बजे अपनी ताली बजाना और बर्तन बजाने के लिए कहा जो कि लोगों के दिलों में हिम्मत को बढ़ावा दे गया।

अब लोगों में और विश्वास को बढ़ाने के लिए नरेंद्र मोदी जी ने 05 अप्रैल के दिन रात 09 बजे 09 मिनट पर घर की सभी लाइट को बंद करवा कर दीपक जलाने को कहा जिसे पूरे देश ने माना।

दरअसल 05 अप्रैल को उन्होंने देशवासियों से घर की सभी लाइटें बंद करके, घर के दरवाजे पर या बालकनी में खड़े रहकर 9 मिनट के लिए मोमबत्ती, दिया टॉर्च या मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाने को कहा है। ऐसा उन्होंने 5 अप्रैल के दिन करने को कहा है। दरअसल 5 अप्रैल इतिहास का एक अहम दिन है। यह दिन कई अहम ऐतिहासिक घटनाओं का गवाह है।

मोदी कौन है ?

Note :-  (इसका जवाब एक जानकार राजनैतिक वैद्य ने अपने शब्दों मे बड़ा सुंदर समझाया है। लेकिन हम पूर्णतः सहमत नहीं है )

इसका जवाब एक जानकार राजनैतिक वैद्य ने बड़ा सुंदर समझाया। आयुर्वेद और मेडिकल सांईस में शहद को अमृत के समान माना गया हैं। लेकिन आश्चर्य इस बात का है कि शहद को अगर कुत्ता चाट ले तो वह मर जाता हैं। (शहद कुत्ते के लिए useful नहीं है ) यानी जो मनुष्यों के लिये अमृत हैं वह शहद कुत्तों के लिये जहर है। शुद्ध देशी गाय के घी को आयुर्वेद और मेडिकल सांईस औषधीय गुणों का भंडार मानता हैं। मगर आश्चर्य, गंदगी से प्रसन्न रहने वाली मक्खी कभी शुद्ध देशी घी को नहीं खा सकती। गलती से अगर मक्खी देशी घी पर बैठ कर चख भी ले तो वो तुरंत तड़प तड़प कर वहीं मर जाती है। आर्युवेद में मिश्री को भी औषधीय और श्रेष्ठ मिष्ठान्न माना गया हैं। लेकिन आश्चर्य, अगर गधे को एक डली मिश्री खिला दी जाए, तो कुछ समय में उसके प्राण पखेरू उड़ जाएंगे। (इनके लिए मिश्री व्यर्थ है ) यह अमृत समान श्रेष्ठ मिष्ठान, मिश्री गधा कभी नहीं खा सकता हैं। नीम के पेड़ पर लगने वाली पकी हुई निम्बोली में कई रोगों को हरने वाले औषधीय गुण होते हैं। आयुर्वेद उसे “उत्तम औषधि” कहता हैं। लेकिन रात दिन नीम के पेड़ पर रहने वाला कौवा अगर निम्बोली खा ले तो उस कौवे को निम्बोली हजम नहीं होती निश्चित है। मतलब, इस धरती पर ऐसा बहुत कुछ हैं… जो हमारे लिये अमृत समान हैं, गुणकारी है, औषधीय है… पर इस धरती पर ऐसे कुछ जीव ऐसे भी हैं जिनके लिये वही अमृत… विष है।मोदी वही गुणकारी अमृत औषधि है। लेकिन कुत्तों (आतंकवादी-दंगाई), मक्खियों (देशद्रोही-गंदगी), गधों (वामपंथी सोच-राजनैतिक मूर्ख) और कौवों (स्वार्थी कुछ कपटी मीडिया) आदि के लिये… विष समान है। इसलिये यह कुछ तत्व इतने भयभीत है *आपसे निवेदन करता हूं इस पोस्ट को सभी ग्रुप मे भेजिये सादर धन्यवाद देश सर्वोपरि हे थोड़ा समय निकालकर पोस्ट जरूर पढ़ें। 🇮🇳🌹मोदी हैं तो मुमकिन है।

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असफलता से बचने के Five point.

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