श्रीरामचरितमानस बालकाण्ड भावार्थ सहित पढ़े |

भावार्थ सहित

श्रीरामचरितमानस बालकाण्ड भावार्थ सहित –  प्रथम सोपान-मंगलाचरण श्लोक : * वर्णानामर्थसंघानां रसानां छन्दसामपि। मंगलानां च कर्त्तारौ वन्दे वाणीविनायकौ॥1॥ भावार्थ:-अक्षरों, अर्थ समूहों, रसों, छन्दों और मंगलों को करने वाली सरस्वतीजी और गणेशजी की मैं वंदना करता हूँ॥1॥ * भवानीशंकरौ वन्दे श्रद्धाविश्वासरूपिणौ। याभ्यां विना न पश्यन्ति सिद्धाः स्वान्तःस्थमीश्वरम्‌॥2॥ भावार्थ:-श्रद्धा और विश्वास के स्वरूप श्री पार्वतीजी और श्री … Read more

दान का फल और महत्व क्या है ? जानिए विस्तार पूर्वक

दान का फल

दोस्तो ऐसा हिन्दू धर्म मे माना गया है  की इन्सानो के द्वारा किया गया कोई भी दान का फल उसे ज़रूर मिलता है | श्री मदभागवत गीता मे लिखा है दूसरों की निःस्वार्थ भाव से गई सेवा सदैव आपके जीवन मे फलदायी सिद्ध होती है  इसी सच्ची सेवा भावना के बदले मे दूसरों के मुंह … Read more

भरतीय संस्कृति की मुख्य विशेषताए| क्या आप जानते है ?

भरतीय संस्कृति

भरतीय संस्कृति की मुख्य विशेषताए भरतीय संस्कृति –  दो पक्ष – कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष ! तीन ऋण – देव ऋण एवं पित्र ऋण एवं ऋषि ऋण  ! चार युग – सतयुग , त्रेता युग , द्वापरयुग एवं कलियुग  ! चार धाम – द्वारिका , बद्रीनाथ , जगन्नाथ पूरी एवं रामेश्वरम धाम ! चारपीठ … Read more

भगवान शिव के ये 35 राज, क्या जानते हैं आप? जानिए विस्तार से |

भगवान शिव

भगवान शिव अर्थात पार्वती के पति शंकर जिन्हें महादेव, भोलेनाथ, आदिनाथ आदि कहा जाता है, उनके बारे में यहां प्रस्तुत हैं 35 रहस्य। आदिनाथ शिव सर्वप्रथम शिव ने ही धरती पर जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया इसलिए उन्हें ‘आदिदेव’ भी कहा जाता है। ‘आदि’ का अर्थ प्रारंभ। आदिनाथ होने के कारण उनका एक नाम ‘आदिश’ भी है। … Read more

महर्षि वेदव्यास अथवा श्री कृष्ण द्वैपायन व्यास जी की जन्म कथा, जानिए| 

महर्षि वेदव्यास

महर्षि वेदव्यास अथवा श्री कृष्ण द्वैपायन व्यास महर्षि वेदव्यास- प्राचीन काल में सुधन्वा नाम के एक राजा थे| वे एक दिन आखेट के लिये वन गये| उनके जाने के बाद ही उनकी पत्नी रजस्वला हो गई| उसने इस समाचार को अपने शिकारी पक्षी के माध्यम से राजा के पास भिजवाया| समाचार पाकर महाराज सुधन्वा ने … Read more

जब कर्ण ने श्रीकृष्णजी से पूछा मेरा क्या दोष था?

जब कर्ण ने श्रीकृष्णजी से पूछा

Mahabharat : जब कर्ण ने श्रीकृष्णजी से पूछा मेरा क्या दोष था ? जरूर जानिए श्रीकृष्ण का उत्तर– कर्ण ने श्रीकृष्णजी से पूछा – मेरा जन्म होते ही मेरी माँ ने मुझे त्याग दिया| क्या अवैध संतान होना मेरा दोष था? द्रोणाचार्य ने मुझे सिखाया नहीं क्योंकि मैं क्षत्रिय पुत्र नहीं था| परशुराम जी ने … Read more