मौसल पर्व ~ महाभारत । Mausal Parv ~ Mahabharat Stories In Hindi

मौसल पर्व ~ महाभारत । Mausal Parv ~ Mahabharat Stories In Hindi

मौसल पर्व में कोई उपपर्व नहीं है, और अध्यायों की संख्या भी केवल 8 है। इस पर्व में ॠषि-शापवश साम्ब के उदर से मुसल की उत्पत्ति तथा समुद्र-तट पर चूर्ण करके फेंके गये मुसलकणों से उगे हुए सरकण्डों से यादवों का आपस में लड़कर विनष्ट हो जाना, बलराम और श्री कृष्ण का परमधाम-गमन और समुद्र द्वारा द्वारकापुरी को डुबो देने का वर्णन है।

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Written by Dr.PS,yadav
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यादवों का नाश 

कृष्ण कुरुक्षेत्र के युद्ध के बाद द्वारिका चले आए थे। यादव-राजकुमारों ने अधर्म का आचरण शुरू कर दिया तथा मद्य-मांस का सेवन भी करने लगे। परिणाम यह हुआ कि कृष्ण के सामने ही यादव वंशी राजकुमार आपस लड़ मरे। कृष्ण का पुत्र साम्ब भी उनमें से एक था। बलराम ने प्रभासतीर्थ में जाकर समाधि ली। कृष्ण भी दुखी होकर प्रभासतीर्थ चले गए, जहाँ उन्होंने मृत बलराम को देखा। वे एक पेड़ के सहारे योगनिद्रा में पड़े रहे। उसी समय जरा नाम के एक शिकारी ने हिरण के भ्रम में एक तीर चला दिया जो कृष्ण के तलवे में लगा और कुछ ही क्षणों में वे भी परलोक सिधार गए। उनके पिता वसुदेव ने भी दूसरे ही दिन प्राण त्याग दिए। हस्तिनापुर से अर्जुन ने आकर श्रीकृष्ण का श्राद्ध किया। रुक्मणी, हेमवती आदि कृष्ण की पत्नियाँ सती हो गईं। सत्यभामा और दूसरी दूसरी पत्नियाँ वन में तपस्या करने चली गईं।

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Mausal Festival ~ Mahabharata । Mausal Parv ~ Mahabharat Stories In Hindi

There is no festival in the Mausal festival, and the number of chapters is also only 8. In this festival, the origin of the Muslims from the stomach of the sage and the Yadavas got destroyed by fighting with the reeds raised by the Muslims who were thrown by the powder on the beach, Balram and Shri Krishna’s Paramdham-Gaman and Dwarkapuri by the sea A description of drowning.

Destruction of yadavas

Krishna came to Dwarka after the battle of Kurukshetra. Yadav-princes started to practice unrighteousness and also started consuming alcohol and meat. The result was that the Yadav descent prince died fighting himself in front of Krishna. Krishna’s son Samb was also one of them. Balarama went to Prabhasatirtha and took samadhi. Krishna also sadly went to Prabhasatirtha, where he saw the dead Balarama. With the help of a tree, he lay in sleep. At the same time, a hunter named Jara, in the illusion of deer, fired an arrow which was placed in the soles of Krishna and in a few moments, he too went to the other world. His father Vasudev also died on the second day. Arjuna came from Hastinapur and performed Shraddhaan. Rukmani, Hemavati etc. Krishna’s wives became sati. Satyabhama and other wives went to do penance in the forest.

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Complete story of Mahabharata! Complete Mahabharata Story In Hindi

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