Tuesday, April 16, 2024
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रामरूप से जीवमात्र की वंदना रामचरितमानस

रामरूप से जीवमात्र की वंदना रामचरितमानस

रामरूप से जीवमात्र की वंदना* जड़ चेतन जग जीव जत सकल राममय जानि।

                                  बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि॥7(ग)॥

भावार्थ:-जगत में जितने जड़ और चेतन जीव हैं, सबको राममय जानकर मैं उन सबके चरणकमलों की सदा दोनों हाथ जोड़कर वन्दना करता हूँ॥7 (ग)॥
* देव दनुज नर नाग खग प्रेत पितर गंधर्ब।
बंदउँ किंनर रजनिचर कृपा करहु अब सर्ब॥7 (घ)
भावार्थ:-देवता, दैत्य, मनुष्य, नाग, पक्षी, प्रेत, पितर, गंधर्व, किन्नर और निशाचर सबको मैं प्रणाम करता हूँ। अब सब मुझ पर कृपा कीजिए॥7 (घ)॥
चौपाई :
* आकर चारि लाख चौरासी। जाति जीव जल थल नभ बासी॥
सीय राममय सब जग जानी। करउँ प्रनाम जोरि जुग पानी॥1॥
भावार्थ:-चौरासी लाख योनियों में चार प्रकार के (स्वेदज, अण्डज, उद्भिज्ज, जरायुज) जीव जल, पृथ्वी और आकाश में रहते हैं, उन सबसे भरे हुए इस सारे जगत को श्री सीताराममय जानकर मैं दोनों हाथ जोड़कर प्रणाम करता हूँ॥1॥

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सोचों तो leader की तरह


Vandamana Vandamana from Ramrup:
* Root Chetan Jag Jeeva Jat Sakal Ramamya Jani.
Close all the posts of Kamal Sada Jori Jug Pani7 (C)
Sense: I always worship the feet of all of them with folded hands, knowing all the roots and conscious creatures in the world are beautiful.
* Dev Danuj Nar Nag Khag Phantom Pitar Gandharb.
Now please, please feel free, now Serb ॥7 (d)
Spirituality: – I salute the Gods, demons, humans, snakes, birds, ghosts, ancestors, Gandharvas, eunuchs and nocturnals. Now please all of me ॥7 (d)॥
Bunk:
* Four hundred eighty four people have come. Jati Jeev Water Water
Everything is alive Should I do Pranam Jori Jug Pani ॥1॥
Meaning: Four types of four hundred (Svedaj, Andaj, Ujjidj, Jarayus) creatures live in water, earth and sky, knowing that the entire world is filled with all of them, I bow with folded hands, जोड़कर1॥.

parmender yadav
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