स्वर्गारोहण पर्व ~ महाभारत | Swargarohan Parv ~ Mahabharat Stories In Hindi

स्वर्गारोहण पर्व ~ महाभारत | Swargarohan Parv ~ Mahabharat Stories In Hindi

स्वर्गारोहण पर्व में कुल 5 अध्याय हैं। इस पर्व के अन्त में महाभारत की श्रवणविधि तथा महाभारत का माहात्म्य वर्णित है। इस पर्व के प्रथम अध्याय में स्वर्ग में नारद के साथ युधिष्ठिर का संवाद और द्वितीय अध्याय में देवदूत द्वारा युधिष्ठिर को नरकदर्शन और वहाँ भाइयों की चीख-पुकार सुनकर युधिष्ठिर का वहीं रहने का निश्चय वर्णित है। तृतीय अध्याय में इन्द्र और धर्म द्वारा युधिष्ठिर को सांत्वना प्रदान की जाती है।युधिष्ठिर शरीर त्यागकर स्वर्गलोक चले जाते हैं। चतुर्थ अध्याय में युधिष्ठिर दिव्य लोक में श्री कृष्ण और अर्जुन से मिलते हैं। पंचम अध्याय में वहीं भीष्म आदि स्वजन भी अपने पूर्व स्वरूप में मिलते हैं। तत्पश्चात महाभारत का उपसंहार वर्णित है।(स्वर्गारोहण पर्व)

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Written by Dr.PS,yadav
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स्वर्गारोहण 

इंद्र युधिष्ठिर को स्वर्ग ले गए। वहाँ उन्होंने सभी कौरवों को देखा,पर अपने किसी भाई को नहीं पाया। उन्होंने अपने भाइयों और द्रौपदी को घोर नरक में पड़े देखा। युधिष्ठिर ने कहा कि मैं भी इन्हीं के साथ नरक में रहूँगा। उसी समय धर्मराज तथा इंद्र वहाँ आए। उनके आते ही सारा दृश्य बदल गया। धर्मराज ने युधिष्ठिर से कहा कि ऐसा हमने तुम्हारी परीक्षा लेने के लिए किया था। युधिष्ठिर ने अपने सभी भाइयों को प्रसन्न मुद्रा में देखा। उन्होंने मानव शरीर छोड़कर दैवी शरीर प्राप्त किया। (स्वर्गारोहण पर्व)

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Ascension Festival ~ Mahabharata | Swargarohan parv ~ mahabharat stories in hindi

There are a total of 5 chapters in the Ascension Festival. At the end of this festival, the hearing of Mahabharata and the significance of Mahabharata is described. In the first chapter of this festival, Yudhishthira’s dialogue with Narada in heaven and in the second chapter, the angel narrates Yudhishthira to Narakadarshan and the cry of the brothers there, Yudhishthira is determined to stay there. In the third chapter, Yudhishthira is comforted by Indra and Dharma. Yudhishthira leaves the body and goes to heaven. In chapter IV, Yudhishthira meets Sri Krishna and Arjuna in the divine world. In the fifth chapter, Bhishma and other relatives also meet in their former form. The epilogue of the Mahabharata is described thereafter.

Ascension

Indra took Yudhishthira to heaven. There he saw all the Kauravas, but could not find any of his brothers. He saw his brothers and Draupadi in deep hell. Yudhishthira said that I too will live in hell with them. At the same time Dharmaraja and Indra came there. The whole scene changed as he arrived. Dharmaraja told Yudhishthira that we did this to test you. Yudhishthira saw all his brothers in a happy posture. He left the human body and got the divine body.

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