Saturday, April 20, 2024
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Tilkut Chauth 2024 Date, Timing, Story, Puja Vidhi, Vrat Katha and Significance

Tilkut Chauth: सकट चौथ देवी सकट और भगवान गणेश की पूजा करने के लिए समर्पित दिन है। इस दिन महिला भक्त कृष्ण पक्ष गणेश चतुर्थी के अवसर पर संतान की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। यह दिन भारत के सभी हिस्सों में बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है। देश के कुछ हिस्सों में, सकट चौथ लोकप्रिय रूप से वक्रतुंडा चतुर्थी या तिलकुट चौथ के रूप में मनाया जाता है। हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को यह दिन आता है। ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार यह दिन जनवरी या फरवरी के महीने में आता है।

इस दिन व्रत करने वाली सुहागिन महिलाएं सुबह जल्दी उठकर स्नान करती हैं, इसके बाद नए कपड़े पहनती हैं, पूजा स्थल की सफाई करती हैं और “ॐ गणेशाय नमः” मंत्र का 108 बार जाप करती हैं। दिन में श्रद्धालु व्रत रखते हैं। हालांकि दूध, चाय और फलों की अनुमति है। शाम को एक मंडप सजाया जाता है जिसमें गणेश की मूर्ति रखी जाती है। मूर्ति को फूलों और दूरवा (घास) से सजाया जाता है और तिल (तिल) और गुड़ से तैयार मिठाई गणेश को अर्पित की जाती है। इन विशेष मिठाइयों को “नैवैद्य” कहा जाता है। इस पूजा के अंत में, गणेश आरती गाई जाती है। कुछ लोग इस पूजा का प्रसाद पूरी रात गणेश जी की मूर्ति के सामने रखते हैं और अगली सुबह इसे परिवार के सदस्यों के साथ बांटते हैं।

Sakat Chauth 2024: Sakat Chauth is a very popular festival among Hindus. This festival is mainly celebrated by married Hindu women and they observe fast for the longevity of their children. They observe strict fast and offer prayers to Lord Ganesha on this auspicious day. Sakat Chauth fast is being observed on Chaturthi Tithi of Krishna Paksha in the month of Magha i.e., on 2024.

Tilkut Chauth 2024

तिलकुट एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है जिसे तिल और गुड़ से बनाया जाता है। गणेश को कुछ तिलकुट और मोदक चढ़ाने के बाद, भक्त इसे अपने मित्रों और परिवार के सदस्यों को प्रसाद के रूप में वितरित करते हैं। इस दिन चंद्रमा देवता की भी पूजा की जाती है। रात को चंद्रोदय के बाद चंद्रमा को अर्घ्य दिया जाता है और सकट चौथ कथा सुनने के बाद व्रत तोड़ा जाता है। यदि वर्षा और बादलों के कारण चन्द्रमा दिखाई न दे तो चन्द्रोदय के समय के अनुसार पूजा की जाती है। विवाहित महिलाएं अपने बच्चों के स्वास्थ्य, धन और कल्याण के लिए प्रार्थना करती हैं। सकट चौथ का व्रत करना बहुत ही शुभ माना जाता है। इस दिन माताएं व्रत रखती हैं जिससे उनकी संतान के जीवन से विघ्न दूर होते हैं।

एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिंदू त्योहार, यह भगवान गणेश की पूजा करने के लिए समर्पित एक दिन है जहां महिलाएं उपवास करती हैं और अपने बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे जीवन के लिए प्रार्थना करती हैं। मान्यता है कि इस व्रत को करने वाले पर भगवान गणपति की विशेष कृपा होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस दिन भगवान गणेश और सकट माता की पूजा करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। रुचिका पेरिवाल, गुरुदेव श्री कश्यप द्वारा स्थापित अखिल भारतीय तंत्र विज्ञान संस्थान की ज्योतिषी, हमारे साथ सकट चौथ, 2024 में तिथि, पूजा विधि और बहुत कुछ के पीछे की कहानी साझा करती हैं।

Tilkut Chauth 2023

Tilkut Chauth 2024 Overviews

Festival Tilkut Chauth 2024
Date 2024
सकट चौथ तिथि का आरंभ 2024
सकट चौथ तिथि का समापन 2024
चंद्र दर्शन का समय 08:51 PM
सर्वार्थ सिद्धि योग 06:45 AM से 09:01 AM
Category Festival
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Sakat Chauth 2024 Significance

This Hindu festival celebrated in Northern India is an ancient tradition that people celebrate for centuries. During this time, women observe a fast from sunrise to moonrise and offer prayers to Lord Ganesha for the well being and longevity of their children. On this day, married women dress in their best traditional attire and participate in the festivities. On this auspicious day of Sakat Chauth, Til Koot is the main prasad which is offered to Lord Ganpati.

Sakat Chauth 2024 Story

As per the Hindu Mythology, there was a blind woman in a village. She lived with her son and his wife and she was an ardent devotee of Lord Ganesha. Once Lord Ganpati appeared in front of her promised to give whatever she wants but the old lady was unsure of what she should ask then Lord Ganesha suggested her to take advice and help from her son and his wife.
On their advice, the son asked her to demand money and wealth from Ganesha. However, on the other hand, her daughter in law asked for grandson. Seeing they both had personal needs to ask for, she then went to speak to her neighbors about it. She suggested her to ask for the eyesight.
The next day when Lord Ganesha appeared again and asked for her answer, she wished for all the suggestions she got – wealth, a healthy body, a grandson, eyesight and a lot more. Since the Lord promised her to fulfill all her desires.

Sakat Chauth 2024 Puja Rituals

  •  Married women wake up early and take a holy bathe.
  • Place an idol of Lord Ganesha and light a diya with desi ghee.
  • Offer yellow flowers, Durva grass and Til Koot (make a mixture of white sesame seeds put some sugar in that)to Lord Ganesha.
  • Recite Sakat Chauth Katha and chant mantras to please the Lord.
  •  Women break their fast after sighting the stars.
  • They have satvik meal without onion and garlic.

Mantra

  • Om Gan Ganpataye Namah..!!
  • Om shree Ganehsaye Namah..!!

Sakat Chauth 2024: Date and Time

Chaturthi Tithi Begins – 2024 – 12:09 PM
Chaturthi Tithi Ends – 2024 – 02:31 PM

तिलकुट चौथ पूजा विधि (Tilkut Chauth Puja vidhi)

  • तिलकुट चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले पानी में तिल डालकर स्नान करें!
  • इसके बाद पूजा का संकल्प लें और शाम के समय चंद्रोदय से पूर्व पूजा स्थल पर गंगाजल से छिड़काव करें!
  • अब गणपति जी को 21 दूर्वा, रोली, कुमकुम, अबीर, गुलाल, फूल, मोदक अर्पित करें!
  • इस दिन खासतौर पर तिल से बने 11 या 21  लड्‌डू का गजानन को भोग लगाएं!
  • ऊँ सर्वसिद्धप्रदाय नम:, ऊँ एकदन्ताय नम: मंत्र का 108 बार जाप करें!
  • व्रत करने वाले व्यक्ति को शाम को चंद्र दर्शन करना चाहिए, पूजा करनी चाहिए।
  • इसके बाद ही स्वयं भोजन करना चाहिए!

Tilkut Chauth Vrat Kab Hai 2024 तिल कूट चौथ व्रत कब है|

365 दिनों में प्रत्येक माह दो चतुर्थी आती है!, जिसमें एक कृष्णा पक्ष की और दूसरी शुक्ल पक्ष की होती है! कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को हम संकष्टी चतुर्थी कहते है! वहीं दूसरी यानि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को हम विनायक चतुर्थी कहते है! माघ मास के कृष्णा पक्ष की चतुर्थी की धार्मिक और पौराणिक मान्यता है! जिसे हम तिलकूट चौथ के नाम से जानते हैं।

साल 2024 में तिल कूट चौथ का व्रत 10 जनवरी 2024 का है, जिस दिन मंगलवार का दिन है! इस दिन भगवान गणेश की पूजा की जाती है, जिससे सारे संकट दूर हो जाते है! आपकी मनोकामना भी पूर्ण होती है! भारतीय महिलाएं अपने पुत्रों की लम्बी आयु व खुशहाल जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं! चलिए अब जानते है! की तिल चौथ, गणेश चौथ या कहें तो तिल कूट चौथ कब है!

Tilkut Chauth 2023

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तिल कूट व्रत का शुभ मुहूर्त 2024 क्या है

इस दिन भगवान गणेश अपने भक्तों की सभी परेशानी को हर लेते हैं!, इसलिए ही इन्हे विघ्नहर्ता व संकटमोचन भी कहा जाता है! इस व्रत को मुहूर्त के समयानुसार ही करना चाहिए! इसलिए तिल कूट चौथ 2024 का शुभ मुहूर्त कुछ इस प्रकार हैं-

  • चतुर्थी तिथि प्रारम्भ- 10 जनवरी को 8 बजकर 50 मिनट पर
  • चतुर्थी तिथि समाप्त- 11 जनवरी को 9 बजकर 15 मिनट पर 
  • चंद्रोदय का समय– रात को 8 बजकर 50 मिनट पर

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सकट चौथ व्रत कथा (Tilkut Chauth)

पौराणिक कथा के अनुसार एक नगर में साहूकार और उसकी पत्नी रहते थे! दोनों का धर्म कर्म के काम में मन नहीं लगता था! एक दिन साहूकारनी अपने पड़ोसन के घर गई! पड़ोसन को सकट चौथ की पूजा कर उसने इस व्रत का महत्व पूछा!

साहूकारनी को सकट चौथ व्रत या तिलकुटा चौथ व्रत की महिमा बताते हुए पड़ोसन बोली की गणपति जी की कृपा से व्यक्ति को अखंड सौभाग्य, पुत्र, धन-धान्य, बुद्धि, सिद्धि सबकुछ प्राप्त होता है! साहूकारनी ने व्रत का लाभ जानकर सकट चौथ व्रत करने का संकल्प लिया!

सकट चौथ व्रत दिलाता है संतान सुख

साहूकारनी ने कहा कि वह मां बनती है! तो सकट चौथ व्रत करेगी और गणेश जी को सवा सेर तिलकुट चढ़ाएगी! गणेश जी की कृपा से वह गर्भवती हो गई! अब साहूकारनी की लालच और बढ़ गया! उसने कहा कि उसे बेटा हुआ तो ढाई सेर तिलकुट करेगी! साहूकारनी को एक सुयोग्य पुत्र की प्राप्ति हुई! फिर उसकी लालसा बढ़ गई! अब वह बोली कि अगर उसके बेटे का विवाह हो जाता है, तो वह सवा पांच सेर तिलकुट करेगी! गजानन के वरदान से उसका विवाह भी हो गया लेकिन वह तिलकुट चतुर्थी करना भूल गई!

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गणपति जी की माया से गायब हुआ बेटा

साहूकारनी के बेटे का विवाह तय हो गया! लोभी साहूकारनी को सबक सिखाने के लिए गणपति जी ने अपनी माया से शादी वाले दिन उसके बेटे को गायब कर दूर कहीं जंगल में पहुंचा दिया! माता-पिता और सभी वर के गुम हो जाने पर चिंतित होने लगे! विवाह टल गया! एक दिन साहूकारनी की होने वाली बहू सखियों संग जंगल में दूर्वा लेने गई थी! उसे देखकर साहूकारनी के बेटे ने आवाज भी दी लेकिन वह सभी डर के वहां से चली गईं! और इस घटना के बारे में अपनी मां को बताया!

सकट चौथ व्रत के प्रभाव से मिली संतान

गांववालों और साहूकारनी के समधियों ने वहां जाकर देखा तो उनका दामाद घने जंगल में एक पेड़ पर बैठा था! उसने अपनी सभी को अपनी मां की गलती बताई! और कहा कि मां ने सकट चौथ व्रत करने का वचन दिया था! लेकिन उसे पूरा नहीं किया जिसके कारण सकट देव यानी गणपति जी नाराज हैं!

साहूकरानी को जब ये बात पता चली तो उसे अपनी गलती का एहसास हुआ! और उसने गणपति जी से क्षमा याचना कर सकट चौथ का व्रत और तिलकुट किया! गणेश जी न साहूकरानी को माफ कर दिया! और उसका बेटा भी सही सलामत घर आ गया! कहते हैं! कि सकट चौथ के व्रत के प्रभाव से संतान पर कभी कोई आंच नहीं आती! तभी से ये व्रत किया जाने लगा!

Tilkut Chauth 2023

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सकट चौथ कर्मकांड

  • सकट चौथ व्रत के दिन, महिलाएं निम्नलिखित अनुष्ठानों का पालन करती हैं!
  • सुबह जल्दी उठकर स्नान करें।
  • भगवान गणेश की पूजा के लिए देसी घी का दिया जलाएं
  • सकट चौथ पूजा विधि में महिलाएं फूल, तिल कूट और दूर्वा घास चढ़ाती हैं
  • सकट चौथ व्रत कथा का पाठ करें और मंत्र जाप करें!
  • महिलाएं तारों को देखने के बाद अपना व्रत तोड़ती हैं!
  • सात्विक भोजन करें! (यानी बिना प्याज और लहसुन के)

सकट चौथ व्रत के लाभ

  • यह पारे के नकारात्मक प्रभावों को उलट देता है।
  • यह बच्चों के स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है।
  • यह जीवन में सफलता, भाग्य और खुशी का द्वार खोलता है।
  • यह किसी के जीवन में बाधाओं और कठिनाइयों से छुटकारा दिलाता है!

Puja and Offerings

Ganesh having a right side turned trunk should be worshipped on the day.
Supari and clove should be offered on the day.

Importance of Til Chauth

The importance of the day and vrat is mentioned in the Bhavishyottara Purana. It is also known as Vakratunda Chaturthi. People who cannot observe all the Sankashti Chaturthi Vrat in a year can observe this Chaturthi Vrat. They will get the same benefits as observing all the 12 Sankashti Chaturthi in a year.

Specifications

सकट चौथ एक प्रसिद्ध घटना है जो हिंदुओं द्वारा मनाई जाती है, विशेष रूप से उत्तरी भारत में। इस दिन भगवान गणपति और देवी सकट की जबरदस्त भक्ति के साथ पूजा की जाती है। सकट चौथ मंगलवार, 10 जनवरी, 2024 को पड़ेगा। कृष्ण पक्ष गणेश चतुर्थी के दिन विवाहित महिला भक्त अपने बच्चों की सुख-समृद्धि और खुशहाली के लिए व्रत रखती हैं। तिल कूट, एक विशेष भोग या प्रसाद, पकाया जाता है और भगवान गणेश को चढ़ाया जाता है। सकट चौथ पूरे भारत में बड़े उत्साह और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

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Tilkut Chauth FAQ’S

तिल कुटी का व्रत कब का है?

10 जनवरी, मंगलवार को!

सकट चौथ के व्रत में क्या खाना चाहिए?

सकट चौथ के दिन निर्जला उपवास के साथ फलाहार कर सकते हैं! इसमें भी अगर आप मीठे फलों का सेवन करते हैं! तो अतिउत्तम माना जाता हैं! इसके अलावा इस दिन आप सेंधा नमक का भी इस्तेमाल नही कर सकते हैं!

हम संकष्टी व्रत कब तोड़ सकते हैं?

चंद्रोदय के समय गणेश पूजा कर सकते हैं! और चंद्रमा को अर्घ्य जल दे सकते हैं।

संकष्टी चतुर्थी की पूजा कैसे की जाती है?

संकष्टी चतुर्थी व्रत के दिन व्रती प्रातः काल स्नान आदि करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें! उसके बाद पापनाशक श्री गणेश जी की पूजा करें! पूजा के दौरान श्री गणेशजी को तिल, गुड़, लड्डू, दूर्वा और चंदन अर्पित करें तथा मोदक का भोग लगाएं! अब श्री गणेश जी की स्तुति और मंत्रों का जाप करें!

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