Honest Thief : story in Hindi चोर बना ईमानदार जानिए कैसे ?

चोर बना ईमानदार -Story of Honest Thief in Hindi –

Story of Honest Thief in Hindi | कुछ समय पहले की बात है एक छोटा सा लड़का जिसका नाम था सुरेश एक दिन अपनी मां से कहता है कि मां मुझे चोरी करना सिखाओ उस बात पर उसकी मां बोली कि बेटा लोग तो डॉक्टर इंजीनियर बनने की ट्रेनिंग लेते हैं और तुम चोर बच्चे की ट्रेनिंग ले रहे हो यह कौन सी आदत है, बेटा बोला मां दुनिया में हर इंसान अपनी जगह पर सही है एक कसाई कुछ बकरियों को पालता है और उसके बाद उसको काट कर बेच देता है यह भी तो एक गलत काम है लेकिन वह अपना पेट पालने के लिए यह काम करता है लेकिन मैं चोरी करके कभी भी किसी की जान नहीं लूंगा और वह अपनी मां से बहुत ज्यादा जिद करता है और कहता है कि मैं चोरी ही करूंगा यह बात सुनकर उसकी मां बोली बेटा रसोई से जाकर एक थाली लेकर आ और उसमें पानी भर कर उसको ऊपर लटका दे यह काम करने के बाद सुरेश पूछता है कि मां आपने मुझसे यह काम क्यों करवाया

मां बोली बेटा जिस समय तो इस थाली को चुरा लेगा उस समय तो चोर बनने के लायक बन जाएगा रात होते ही मां ने अपने बेटे को घर से निकाल दिया और रात में उसका बेटा जब खाली चुराने आता है तो उसकी मां की आंख खुल जाती है उसकी मां को पता लग जाता है क्योंकि वह पानी छलक कर उसकी मां के ऊपर गिर जाता है और उसकी मां जग जाती है और वह पकड़ा जाता है कुछ समय बीत जाता है और सुरेश ऐसे ही कोशिश करता रहता है लेकिन वह हर दिन पकड़ा जाता है ऐसे करते करते वह 24 वर्ष का हो जाता है, सर्दियों का समय चल रहा था सुरेश आग के आगे बैठकर अपने हाथ से शेक रहा था उसने सोचा क्यों ना मैं इस राख को उस पानी के अंदर डाल दो और राख पानी को पूरी तरह से सोख लेगा और मैं थाली को चुरा लूंगा, सुरेश ऐसा ही करता है और वो थाली को बड़ी ही आसानी के साथ चुरा लेता है सुबह के समय जब उसकी मां उस थाली को देखती है तो वह थाली गायब होती तभी रमेश हंसते हुए आता है और कहता है मां देखा मेरा कमाल मैंने आखिरकार यह काम कर ही डाला मां अब तो मैं चोर बन सकता हूं मां बोली हां तुम चोर बन सकते हो। (Honest Thief)

एक दिन सुरेश के पीछे पुलिस लग रही थी चोर भागता भागता एक साधु के आश्रम में आकर छिप गया जब थोड़ी देर बाद सभी साधु आश्रम से चले जाते हैं तभी वहां पर एक साधु ने पूछा कि तुम कौन हो बेटा और वहां पर क्या कर रहे हो तभी सुरेश हाथ जोड़कर कहता है बाबा मैं एक चोर हूं और मेरे पीछे पुलिस लगी है वह मुझे बचा लो, साधु बोला बेटा यह काम तुम छोड़ क्यों नहीं देते चोर बोला नहीं बाबा जी मैं इसी नहीं छोड़ सकता हूं इस काम से मेरे परिवार का पेट भरता है साधु होना अच्छा तो मेरी एक बात मानोगे अभी भी झूठ मत बोलना हमेशा सच बोलना, चोर बोला ठीक है बाबा जी अगर आपने बोला है तो मैं कभी भी झूठ नहीं बोलूंगा और फिर सुरेश वहां से चला जाता है उसी शहर में एक बहुत बड़ा सेठ रहता था और रमेश नहीं वहीं पर चोरी करने का सोचा और रमेश सेठ के घर जाकर 4 हीरे चुरा लेता है, जब यह बात सेठ को पता चली तो उसने कहा अपने नौकर को कि जाकर देखो कि क्या-क्या चोरी हुआ है तो वहां पर एक हीरा बचा हुआ होता है तो उसी समय उस नौकर के मन में लालच आ जाता है और एक हीरे को वो खुद ही चोरी कर लेता है और जाकर सेठ से कहता है महाराज जी वहां पर एक भी हीरा नहीं है उसी समय वह सेठ अपने सभी नौकरों को बुलाता है और उन सब के बीच सुरेश भी वहां मौजूद होता है सेठ बोलता है तुम सब में से किसने चोरी की है

यह बात जब सुरेश ने सुनी तो उसको साधु बाबा की वह बात याद आ गई यह जीवन में कभी भी झूठ मत बोलना और सुरेश बोला कि साहब चोरी मैंने की है और तभी सभी लोग चोर की तरफ देखने लगे, सेठ बोला तुमने चोरी क्यों की है वह बोला साहब यह मेरा काम है सेठ बोला तुमने क्या चुराया, चोर बोला साहब मैंने चार हीरो चुराई है सेठ बोला झूठ मत बोलो तुमने 5 पांच हीरे चुराए हैं सुरेश बोला साहब मैंने चार ही हीरे चुराए हैं अगर मुझे झूठ ही बोलना था तो मैं यह नहीं कहता कि मैंने चोरी की है,

सेठ को यह बात समझ आ गई थी की चोरी नौकर ने की है सेठ ने पुलिस को कहकर नौकर को गिरफ्तार करवा दिया सुरेश को कहा कि मुझे एक बात समझ नहीं आई जब तुम ने चोरी की थी तो तुमने मुझे इतनी आसानी से कैसे बता दिया कि चोरी तुमने की है सुरेश बोला साहब जी मुझे एक साधु ने कहा था कि जीवन में कभी भी झूठ मत बोलना हमेशा सच बोलना और उनके कहने पर मैंने सच बोल दिया।

सेठ बोला तुम एक चोर हो चोरी तो तुमने की है यह एक अपराध है लेकिन तुमने सच बोल कर अपना अपराध मान लिया मैंने तुम्हें माफ किया हम अपने मुंशी की पद तुम्हे देते हैं क्योंकि तुम चोर होते हुए भी सच बोलते हो और कुछ दिनों से मुंशी मेरे घर में चोरी कर रहा था।

happy quotes about life: जीवन को खुशियों से भरने के लिए अच्छे विचार

सुरेश बोलता नहीं साहब मैं यह नौकरी नहीं कर सकता क्योंकि मैंने साधु बाबा की एक बात मानी इसकी वजह से मुझे नौकरियां मिलने लगी अब मैं उनकी शरण में रहूंगा वह हमेशा अच्छा ज्ञान देते हैं इतना कहना साधु बाबा के पास चला जाता है और उनकी सेवा करने लग जाता है और खुशी-खुशी रहने लग जाता है।

इस कहानी से हमको क्या सीख मिलती है?

यह कहानी हमको बताती है कि जीवन में कभी भी झूठ नहीं बोलना चाहिए क्योंकि इंसान एक झूठ को छुपाने के लिए सैकड़ों झूठ बोलता है इसलिए कभी भी झूठ मत बोलो अगर आप जीवन में कोई भी गलत काम कर रहे हैं और आपको एहसास नहीं है कि वह काम गलत है लेकिन अगर आप झूठ का सहारा नहीं लेते हो और ईमानदारी के साथ उस काम को करते हैं तो आप दिल के सच्चे इंसान होते हैं ईमानदारी एक ऐसी कला है जिससे आप पूरी दुनिया को जीत सकते हैं यह कला हर इंसान के अंदर नहीं होती है लेकिन जिस इंसान के अंदर होती है वह इंसान इस दुनिया का सबसे सफल इंसान होता है इसलिए जीवन में आगे बढ़ने के लिए हमेशा इमानदारी और नेकी के रास्ते को अपनाएं अगर आज आप जीवन में कुछ नहीं कर पा रहे हैं लेकिन अगर आप ईमानदारी के साथ अपने काम को करते हैं तो एक न एक दिन आपको सफलता जरूर मिलती है। (Honest Thief)

आज का हमारा लेख था ” चोर बना ईमानदार -Story of Honest Thief in Hindi “आशा करते हैं कि आपको यह कहानी जरूर पसंद आई होगी अगर आपको यह कहानी पसंद आई तो इसको अपने दोस्तों के साथ में शेयर जरूर करें। धन्यवाद

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