राष्ट्रीय बालिका दिवस आज, जानिए इसका महत्व और इतिहास

राष्ट्रीय बालिका दिवस आज (National Girl Child Day 2022) 24 जनवरी का दिन बालिका दिवस को मनाने के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि 1996 में 24 जनवरी के दिन ही इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं. यह दिन महिला सशक्तिकरण के लिहाज से भारतीय इतिहास में एक खास महत्वपूर्ण घटना थी.

National Girl Child Day 2022 : राष्ट्रीय बालिका दिवस आज

राष्ट्रीय बालिका दिवस

हमारा देश बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है. आज भारत विकासशील देश से विकसित देश की कदम पर चल रहा है. देश में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया दिवस जाता है. बालिका दिवस मनाने के पीछे सबसे बड़ा उद्देश्य लड़कियों को सहायता और अलग-अलग तरीके के अवसर प्रदान करना है. हालांकि अभी कई जगह पर लोगों की सोच बहुत छोटी है. ऐसे में कई परिवार हैं जो बेटियों को जन्म नहीं देना चाहते है. इसलिए उन्हें गर्भ में ही मार देते हैं. या फिर पैदा होने के बाद भी खुश नहीं रहते हैं.

बालिका दिवस मनाने का सबसे बड़ा उद्देश्य : click here

बालिका दिवस को मनाने का सबसे बड़ा कारण समाज में लोगों को बेटियों के प्रति जागरूक करना है. वो बालिकाओं के अधिकारों के बारे में हो, लड़कियों के शिक्षा के महत्व हो, स्वास्थ या उनके पोषण के बारे में हो. एक दौर ऐसा भी था, जब बेटियों को मार दिया जाता था. लड़कियों के बाल-विवाह करवा दिए जाते थे. पहले के समय में लड़कियों को कम उम्र में शादी करने के लिए मजबूर किया जाता था. मगर अब इसके खिलाफ कई सारे कानून बनाए गए हैं. बात उत्तर प्रदेश की हो या किसी भी अन्य राज्य की लड़कियों को अपने अधिकारों की जानकारी है. बेटियां अब बिना डरे समाज में हर किसी का मुकाबला कर सकती हैं. आज के समय में लगभग हर क्षेत्र में बेटियों को लड़के के बराबर ही हक दिया जाता है.

राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत 2008 में हुई थी

राष्ट्रीय बालिका दिवस की शुरुआत साल 2008 में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा की गई थी. हर साल 24 जनवरी को सभी राज्यों में इसे अलग-अलग तरीके में मनाया जाता है. राज्य की सरकारें अपने स्तर से जागरूकता की पहल करती हैं. बता दें, हर साल राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम अलग-अलग रखी जाती है.बालिका दिवस साल 2021 की थीम ‘डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी’ थी. वहीं साल 2020 में बालिका दिवस की थीम ‘मेरी आवाज, हमारा समान भविष्य’ थी. फिलहाल साल 2022 बालिका दिवस की थीम की घोषणा नहीं हुई है.

राष्ट्रीय बालिका दिवस इसलिए भी है खास

आपको बता दें, 24 जनवरी का दिन बालिका दिवस को मनाने के लिए इसलिए चुना गया है, क्योंकि 1996 में 24 जनवरी के दिन ही इंदिरा गांधी देश की पहली महिला प्रधानमंत्री बनी थीं. यह दिन महिला सशक्तिकरण के लिहाज से भारतीय इतिहास में एक खास महत्वपूर्ण घटना थी. इसलिए इस दिन को ही बाद में राष्ट्रीय बालिका दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है.

राष्ट्रीय बालिका दिवस क्यों मनाया जाता है?

भारत में हर साल 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day) मनाया जाता है। इस दिन देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को नारी शक्ति के रूप में याद किया जाता है। इसी दिन पहली बार इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभाला था। 24 जनवरी 1966 को इंदिरा गांधी ने भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली थी, अत: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी ने 24 जनवरी को महिला सशक्तिकरण के रूप में चुना था।

राष्ट्रीय बालिका दिवस (National Girl Child Day 2022) मनाने की शुरुआत महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने (भारत सरकार) ने सन् 2008 में की थी। अत: भारत में हर साल 24 जनवरी को बालिका दिवस मनाया जाता है। इस दिन विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करके देश भर में बालिकाओं को बचाने की प्रेरणा दी जाती है। हर साल राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम अलग-अलग होती है। पिछले साल यानी वर्ष 2021 की थीम जहां ‘डिजिटल पीढ़ी, हमारी पीढ़ी’ थी, वहीं वर्ष 2020 में ‘मेरी आवाज, हमारा समान भविष्य’ थीम रख गई थी। इस बार वर्ष 2022 में राष्ट्रीय बालिका दिवस की थीम की फिलहाल घोषणा नहीं हुई है।

आज भी कई स्थानों पर गर्भ में पल रही बच्चियों को जन्म से पूर्व ही मार दिया जाता है तथा दुनिया बढ़ रहे बालिकाओं के प्रति अपराध, कम उम्र में उनका शोषण और उनके स्वास्थ्य तथा बालिकाओं के लिए समाज में एक सुरक्षित वातावरण बनाने के लिए विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित इस दिन किए जाते हैं। इस दिन ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, सेव द गर्ल चाइल्ड’ पर बातों पर जोर दिया जाता है। बालिकाओं के लिए रियायती या मुफ्त शिक्षा, कॉलेज तथा विश्वविद्यालयों में आरक्षण, उनकी सहायता करना और रोजगार के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान करना है। अत: इन्हीं खास बातों पर लोगों का ध्यान बंटाना भी इस दिन का विशेष उद्देश्य है।

इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों में बालिकाओं/लड़कियों द्वारा सामना की जाने वाली सभी असमानताओं के बारे में जागरूकता फैलाना, उनकी अच्छी शिक्षा, अच्छे स्वास्थ्य को लेकर लोगों को जागरूक करना और उनके अधिकारों के बारे में जागरूकता को बढ़ाना इन खास बातों को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है। भारत में जहां प्रतिवर्ष 24 जनवरी को राष्ट्रीय बालिका दिवस मनाया जाता है वहीं 11 अक्टूबर को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस (International Day of the Girl Child) के रूप में मनाया जाता है।

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