Income Tax Return के बारे में जानिए विस्तार पूर्वक |

अगर आपकी Income Tax Return लायक नहीं है, फिर भी आपको इसे भरना चाहिए। क्योंकि आपको इसके कई फायदे मिल सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसके क्या फायदे हैं। नौकरी या कारोबार से आमदनी वाले हर व्यक्ति को Income Tax Return फाइल करना चाहिए। आईटीआर फाइल करना उन लोगों के लिए खास तौर पर जरूरी है, जिनके पेमेंट से स्रोत पर कर कटौती (TDS) हुई हो। आइए Income Tax Return के बारे में जानिए विस्तार पूर्वक अर्थात इनकम टैक्स रिफंड के बारे में जानिए सब कुछ।

अगर आपकी आमदनी से टैक्स काटकर सरकार के पास जमा करा दिया गया है तो, आप आईटीआर फाइल किये बिना उसे वापस नहीं पा सकते, भले ही आपकी आमदनी इनकम टैक्स में बेसिक एग्जेंप्शन लिमिट के अंदर ही हो।

हर साल जब आप अपने ऑफिस में इनकम टैक्स डिक्लरेशन देते हैं, तो उसी हिसाब से नियोक्ता आपकी सैलरी से इनकम टैक्स काट लेता है।

अगर आपने इन्वेस्टमेंट डिक्लरेशन में कम रकम का जिक्र किया और टैक्स बचत के लिए वास्तव में निवेश अधिक कर दिया तो सीमा से अधिक काटा गया टैक्स आपको रिफंड के माध्यम से वापस मिल जाता है। रिफंड यानी वापस मिलने वाले पैसों की ऑनलाइन जांच की जा सकती है। Income Tax Return के बारे में जानिए विस्तार पूर्वक अर्थात इनकम टैक्स रिफंड के बारे में जानिए सब कुछ।

Income Tax Return (ITR) क्या है?

ITR यानि Income Tax Return  एक Prescribed Format होता है, जिसमे Tax Payer की Income, Payment किया गया Tax और Tax Payer को दिए गये Refund की Detail होती है जिसे Tax Payer भरता है।ITR File करना सभी के लिए जरूरी नही है, यह केवल उन लोगों के लिए है जिनकी Income साधारण छूट से अधिक होती है। उन्हें आईटीआर फाइल करना बहुत जरूरी है। अगर आप Income Tax के दायरे में है तो आपको Fix Date तक Income Tax Return File करना जरूरी है। अगर Fix Date तक Income Tax File नही करते तो आपको इस पर Interest और Penalty देना होगा।

Income Tax Return, Financial Year में कमाई गयी Income की पूरी Detail होती है। Financial Year में कमाई गयी Taxable और Tax Free दोनों प्रकार की Information को ITR में दिखाया जाता है। Tax Free Income पर आपको कोई Tax नही देना होता इसे सिर्फ Report के उद्देश्य से दिखाया जाता है।

ITR के नियम क्या है?

अगर आप Salaried Employee है और आपकी Income, टैक्स भरने जितनी है तो आपको 40,000 रुपये का Standard Deduction भी मिलेगा। Standard Deduction में आपकी पूरे साल की Income में से पहले 40,000 रुपये को बाहर कर दिया जाएगा और Outstanding Income पर Tds Calculate किया जाएगा।
ITR 1 : यह Form उन लोगों के द्वारा भरा जाता है जिन्हें उनकी Salary, पेंशन, या ब्याज से Income होती है तथा जिस व्यक्ति के पास एक मकान हो, उसने Home Loan लिया हो उन्हें भी यह फॉर्म भरना होता है।

ITR 2 : यदि आपकी Income Salary, पेंशन या ब्याज के अलावा एक से ज्यादा घर से आने वाले रेंट से होती है तो आपको ये वाला फॉर्म भरना है। कैपिटल गेन, Dividend और दूसरे Source जैसे- Lottery से प्राप्त होने वाली Income के लिए भी यही फॉर्म Fill करना होता है।

Income Tax Return 3 : यह फॉर्म उन लोगों के लिए है जो किसी Firm या Business में Partner है और उसकी आय का स्रोत फर्म को होने वाले Profit, Salary, पेंशन और दूसरे साधनों से होने वाली Income से है।

ITR 4 : यह From सभी Professional व्यक्तियों जैसे- वकील, Ca, डॉक्टर आदि के लिए होता है वह व्यक्ति जो किसी Business में Partnership के साथ-साथ Professional Income भी प्राप्त करता हो उन्हें यह फॉर्म Fill करना होता है।

ITR 4sयह Form उन लोगों के लिए है जिनके पास एक से ज्यादा House Property हो, खेती से 5000 से ज्यादा Income हो, Commission और विदेशी स्रोतों से होने वाली Income के लिए भी यही Form भरना होता है।

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Income Tax Return भरने के फ़ायदे क्या है?

तो चलिए जानते हैं कि आखिर इसके क्या फायदे हैं।

लोन मिलने में आसानी

Income Tax Return से आपको लोन लेने में आसानी होती है। क्योंकि जब आप कोई लोन लेने जाते हैं, तो लोन देने से पहले बैंक आपकी योग्यता की जांच करता है। ये योग्यता आपके इनकम के आधार पर जांची जाती है। बैंक आपको लोन देने के लिए आपसे 3 आईटीआर की मांग करता हैं। जिससे वह तय करता है कि आपको कितना लोन दिया जाए। यही कारण है कि आईटीआर एक ऐसा डॉक्यूमेंट है जो सभी बैंक लोन के प्रोसेसिंग में काम आता है। इसलिए यदि आपको कोई होम लोन, कार लोन या पर्नसल लोन लेना है तो आईटीआर जरूर दाखिल करना चाहिए। इससे आपका काम आसान हो जाएगा।

मिलेगा टैक्स रिफंड 

आईटीआर फाइल करने से आप अपना टर्म डिपॉजिट जैसे बचत योजनाओं के द्वारा मिलने वाले ब्याज पर भी टैक्स बचा सकते हैं। इसके साथ ही आप डिविडेंड इनकम पर भी टैक्स बचा सकते हैं। इसके अलावा अगर आपकी इनकम एक ये अधिक स्रोतों से है तो 2.5 लाख रुपये से ज्यादा होने पर आप कटा हुआ टीडीएस दोबारा क्लेम कर सकते हैं।

इनकम प्रूफ के तौर पर वैध डॉक्यूमेंट

इन सब के अलावा आपका इनकम टैक्स असेसमेंट ऑर्डर एक वैध एड्रेस प्रूफ का भी काम करता है। वहीं खुद का काम करने वाले या फिर फ्री-लांसर के लिए भी आईटीआर डॉक्यूमेंट एक वैध इनकम प्रूफ है। इसके अलावा आप इससेआपना आधार कार्ड भी बनवा सकते हैं।

business शुरू करने में : यदि आप अपना व्यवसाय शुरू करना चाहते है तो ITR बहुत जरुरी होता है और अगर आप किसी Government Department में ठेका हासिल करना चाहते है तो इसके लिए आपको पिछले पाँच सालों का ITR दिखाना होता है।

घाटे को क्लेम कर सकते हैं 

आप इससे टैक्सपेयर के लिए किसी घाटे को क्लेम कर सकते हैं। इसके लिए एक तय तारीख के अंदर Income Tax Return दाखिल करना बेहद जरूरी है। इनकम टैक्स के नियम के अनुसार जो व्यक्ति संबंधित असेसमेंट ईयर में आईटीआर फाइल करते हैं। वही लोग कैपिटल गेंस के खिलाफ घाटे को कैरी फॉर्वर्ड कर सकते हैं।

वीजा प्रोसेसिंग में आसानी

इन सब के अलावा आप अपना वीजा भी आसानी से बनवा सकते हैं। अगर आप विदेश जा रहे हैं तो कई देश आईटीआर की मांग करते हैं। जिससे वीजा प्रोसेसिंग अधिकारियों को व्यक्ति की मौजूदा वित्तीय हालात और इनकम के बारे जानकारी मिलती है। साथ ही पता चलता है कि व्यक्ति टैक्स कंप्लायंट सिटिजन है। यही कारण है कि आपका काम आसान हो जाता है।

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