पेड़ बचाओ जीवन बचाओ |जानिए कैसे ?

पेड़ बचाओ जीवन बचाओ

परिचय- धरती का सृंगार पेड़ है | धरती पर जीवन, जल और ऑक्सीजन पेड़ों की वजह से मुमकिन है | इसलिए कहते है पेड़ बचाओ जीवन बचाओ | क्योंकि पेड़ हवा, मिट्टी और पानी को शद्ध करने में बड़ी भूमिका निभाता है | इस वजह से धरती को रहने के लिये एक बेहतर जगह बनाता … Read more

सम्पूर्ण चाणक्य नीति | Total Chanakya Policy |

सम्पूर्ण चाणक्य नीति |

सम्पूर्ण चाणक्य नीति | आचार्य चाणक्य एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपनी विद्वत्ता, बुद्धिमता और क्षमता के बल पर भारतीय इतिहास की धारा को बदल दिया। मौर्य साम्राज्य के संस्थापक चाणक्य कुशल राजनीतिज्ञ, चतुर कूटनीतिज्ञ, प्रकांड अर्थशास्त्री के रूप में भी विश्वविख्‍यात हुए। इतनी सदियाँ गुजरने के बाद आज भी यदि चाणक्य के द्वारा … Read more

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता का महत्व (Importance of Srimad Bhagavad Gita)

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता

श्रीमद्‍भगवद्‍गीता का महत्व कल्याण की इच्छा वाले मनुष्यों को उचित है कि मोह का त्याग कर अतिशय श्रद्धा-भक्तिपूर्वक अपने बच्चों को अर्थ और भाव के साथ श्रीगीताजी का अध्ययन कराएँ। स्वयं भी इसका पठन और मनन करते हुए भगवान की आज्ञानुसार साधन करने में समर्थ हो जाएँ क्योंकि अतिदुर्लभ मनुष्य शरीर को प्राप्त होकर अपने … Read more

Durga सप्तशती तेरहवां अध्याय– Chapter thirteen

Durga

(राजा सुरथ और वैश्य को देवी का वरदान) (Durga सप्तशती तेरहवां अध्याय) महर्षि मेधा ने कहा-हे राजन्! इस प्रकार देवी के उत्तम माहात्म्य का वर्णन मैने तुमको सुनाया। जगत को धारण करने वाली इस (Durga) देवी का ऎसा ही प्रभाव है | वही देवी ज्ञान को देने वाली है | और भगवान विष्णु की इस … Read more

Durga सप्तशती बारहवा अध्याय– Chapter tweleve

Durga

(देवी के चरित्रों के पाठ का माहात्म्य) (Durga सप्तशती बारहवा अध्याय) जय माँ (Durga) तेरी सदा ही जय हो || ग्यारहवे अध्याय में देवताओ द्वारा (Durga) देवी की स्तुति तथा (Durga)देवी द्वारा देवताओ को वरदान पढ़ा | (Durga)देवी बोली-हे देवताओं! जो पुरुष इन स्तोत्रों द्वारा एकाग्रचित्त होकर मेरी स्तुति करेगा उसके सम्पूर्ण कष्टों को नि:संदेह … Read more

Durga सप्तशती ग्यारहवां अध्याय– Chapter Eleventh

Durga

(देवताओं का देवी की स्तुति करना और देवी का देवताओं को वरदान देना) (Durga सप्तशती ग्यारहवां अध्याय) जय माँ दुर्गा तेरी सदा ही जय हो | Durga सप्तशती के दसवे अध्याय में सेना सहित महादैत्य शुम्भ  का (Durga)देवी द्वारा अंत पढ़ा |महर्षि मेधा कहते हैं-असुरो के मारे जाने पर इन्द्रादि देवता अग्नि को आगे करके … Read more