money धन के तीन प्रयोग भोग ,दान और नाश । जानिए कैसे ?

money-जीवन मे money धन कमाना अधिकांश लोगो का सपना और लक्ष्य होता है। और यह सपना अथवा लक्ष्य होना भी चाहिए। अर्थात जीवन मे धन कमाना भी चाहिए। क्योंकि धन से इंसान की जरूरते पूरी होती है। धार्मिक आयोजन हो या दान दक्षिणा अथवा किसी का आर्थिक सहयोग सभी मे money धन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कैसे कमाए money ? अथवा धन कमाने का मार्ग कैसा होना चाहिए?

आजकल ही नहीं,अपितु कालांतर से ही धन को स्टेट्स सिंबल के रूप मे भी देखा जाता है। धन से इज्जतदार तरीके से जीवनयापन करते हुये जररूरतमंद लोगो का आर्थिक सहयोग भी कर सकते है। फिर भी विदित रहे , धन कमाने का उचित मार्ग होना चाहिए। money धन के तीन प्रयोग अर्थात भोग ,दान और नाश होते है। अर्थात money कमाने का उचित मार्ग होना चाहिए।

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दान और धन का प्रभाव 

money धन कमाने का उचित मार्ग होना चाहिए। साथ ही इसे न केवल कमाना ही चाहिए ,बल्कि इसका भोग अथवा उचित उपयोग भी करना चाहिए। साथ ही इंसान को आवश्यकतानुसार दान भी करना चाहिए। या यू कहे, अपनी कमाई का कुछ या एक निश्चित प्रतिशत दान भी करना चाहिए। क्योंकि किया गया दान कभी व्यर्थ नहीं जाता। बशर्ते उचित पात्र को ही दान करना चाहिए।

धन का उचित भोग और उचित दान इसलिए भी जरूरी है। क्योकि कुछ महान विचारको का कथन है, कि यदि धन का भोग या दान नहीं किया तो इसकी तीसरी अवस्था को प्राप्त हो जाता है। अर्थात धन का नाश हो जाता है। जो दुखद ,अनुचित एवं निंदनीय होता है। अतः धन का भोग भी करे और उचित दान भी अवश्य करे। उचित मात्रा एवं पात्र को किया गया दान सर्वोत्तम होता है।

गुप्त दान महादान अथवा सर्वोत्तम दान 

लेकिन विदित रहे दान एक हाथ से करे तो, दूसरे हाथ को भी पता नहीं होना चाहिए। अर्थात दान का ढिंढोरा नहीं पीटना चाहिए। तभी दान की सार्थकता है। और यह फलीभूत होता है। इसे अपना कर्तव्य और धर्म मानकर करना चाहिए। मान-बड़ाई या सम्मान की अभिलाषा से नहीं अपितु गुप्त दान श्रेष्ठ दान होता है। तथा समस्त अभिलाषा स्वतः ही पूरी हो जाती है। या परमात्मा पूरी कर देता है। ऐसा मेरा मानना है।

आजकल कुछ लोग दिखावे अथवा मान -बड़ाई के लिए ही दान करते है। तथा दान देते समय पात्र का भी ध्यान नहीं देते है ,जो उचित नहीं है। क्योंकि दान हमेशा पात्र को ही करे। मूक बधिर प्राणी या इसी तरह गौमाता के लिए किया गया दान,इस जन्म मे भी और अगले जन्म मे भी उत्तम फलदायक होता है। ऐसा मेरा क्याक्तिगत विश्वास है।

money धन अर्जन करने के उपरांत उपयोग क्यों व कैसे करे?

अतः money धन अर्जन करने के उपरांत भोग और दान अवश्य करे। लेकिन अपना फर्ज मानकर गुप्तदान करना चाहिए। किसी सार्वजनिक जगह अपने नाम का स्टिकर लगाकर नहीं करना चाहिए। साथ ही भगवान का धन्यवाद जरूर करे, की उन्होने आपको दान करने के काबिल बनाया है। क्योंकि भगवान ने पर्वत ,नदिया सुंदर वातावरण के साथ-साथ अमूल्य शरीर भी और समझ या बुद्धि भी हमे प्रदान किये है।

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