covishield vaccine क्या है? संभावित साइड इफेक्ट्स और फायदे जानिए |

भारत में कोरोना की दो वैक्सीन को मंजूरी मिल चुकी है. ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया ने सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की covishield vaccine और भारत बॉयोटेक की कोवैक्सीन को मंजूरी दी है.

कोरोना की दोनों वैक्सीन के बारे में विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

सीरम इंस्टिट्यूट के कोविशील्ड पर
भारत को ज्यादा प्रभावी दो डोज चाहिए
क्या दो फुल डोज के बीच में 28 दिन का अंतर रखना जरूरी है?
या दो फुल डोज के बीच में 3 महीने का अंतर होना चाहिए?
ब्रिटेन से जो आंकड़े आए हैं वह शंका पैदा करते हैं.
दो डोज के बीच में जब 3 महीने का अंतर रखा गया था तब एक स्टडी की गई है.
इससे पहले दो डोज या डेढ़ डोज के मामले पर कन्फ्यूजन बना हुआ था.

भारत बायोटेक की कोवैक्सीन के मामले पर
वैक्सीन आम लोगों को लगाए जाने से पहले एफिकेसी डाटा आना चाहिए.
इस समय कोवैक्सीन की उपयोगिता पर बात नहीं की जा सकती.
अगर एफिकेसी का अंदाजा सही लगा है तो इसमें कुछ फायदे हैं.
रूम टेंपरेचर पर स्टोर किया जाना एक पॉजिटिव कदम है.
इन एक्टिवेटेड वायरस पर तैयार किया गया covishield vaccine भारतीय परिस्थितियों के हिसाब से बेहतर विकल्प हो सकता है.

भारत में कोविड-19 टीकाकरण अभियान जारी है, इस बीच देश महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है. ऐसे में आपके मन में वैक्सीन को लेकर कई सवाल होंगे. पढ़िए उनके जवाब.

किन लोगों को वैक्सीन लेनी/नहीं लेनी चाहिए?

covishield vaccine को 18 साल और उससे ज्यादा उम्र के लोगों में कोरोना की रोकथाम के लिए इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली है. कंपनी ने कहा है कि अगर आपको बुखार है, एलर्जी है, प्रेग्नेंट हैं या इसे लेकर कोई प्लान है, स्तनपान कराती हैं, शरीर से खून निकलने संबंधित कोई समस्या है, तो वैक्सीन लेते वक्त हेल्थ वर्कर्स को यह बताना जरूरी है. इसके अलावा पहली डोज के बाद अगर कोई एलर्जी हुई तो उन्हें वैक्सीन नहीं लेनी चाहिए.

covishield vaccine में क्या है और यह कैसे दिया जाता है?

कोविशील्ड वैक्सीन में एल-हिस्टिडीन, एल-हिस्टिडीन हाइड्रोक्लोराइड मोनोहाइड्रेट, मैग्नीशियम क्लोराइड हेक्साहाइड्रेट, पॉलिसार्बेट 80, इथेनॉल, सुकरोज, सोडियम क्लोराइड, डायसोडियम इडेटेट डायहाइड्रेट (ईडीटीए) और इंजेक्शन के लिए पानी का उपयोग किया जाएगा. इस वैक्सीन को बॉडी में इंजेक्शन के जरिये ही दिया जाएगा. वैक्सीन के कोर्स में 0.5 ml के दो डोज हैं.

कोविशील्ड वैक्सीन के क्या फायदे हैं?

कंपनी का दावा है कि कोविशील्ड वैक्सीन से कोरोनावायरस पर रोक लगती है, जब 4-12 सप्ताह के अंतराल पर इसकी दो डोज दी जाती है. कंपनी का कहना है कि इससे ठीक होने में लगने वाले समय के बारे में जानकारी नहीं है. हालांकि उन्होंने बताया है कि वैक्सीन की दूसरी डोज लगने के 4 सप्ताह बाद शरीर में एंटीबॉडी डेवलप हो जाती है.

covishield vaccine के संभावित साइड इफेक्ट्स क्या हैं?

कंपनी ने बताया है कि अभी तक जो साइड इफेक्ट्स रिपोर्ट किए गए हैं. हालांकि जरूरी नहीं कि सबमें ये साइड इफेक्ट्स होगी ही. जो साइड इफेक्ट्स अब तक आम तौर पर (10 में एक से ज्यादा व्यक्ति को प्रभावित करते हैं) रिपोर्ट हुए हैं उनमें, इंजेक्शन लगाने जाने की जगह पर दबाने से दर्द, गर्माहट, लाल हो जाना, खुजली, दर्द, सूजन या घाव भी शामिल है. इसके अलावा तबियत ठीक नहीं लगना, थकान महसूस होना (कमजोरी), कंपकंपी या बुखार लगना, सिरदर्द, जोड़ों में या मांसपेशियों में दर्द भी हो सकता है.

इसके अलावा जो बहुत आम साइड इफेक्ट्स (10 में से एक व्यक्ति को प्रभावित करते हैं) भी हैं. इंजेक्शन लगने के स्थान पर गांठ बनना, बुखार, तबियत खराब लगना (उल्टी आना), फ्लू जैसे लक्षण, जैसे कि बुखार, गले में खराश, बहती नाक, खांसी और कंपकंपी भी हो सकती है. जो साइड इफेक्ट्स आम नहीं है (जो 100 में से 1 व्यक्ति को प्रभावित करते हैं), उनमें चक्कर आना, भूख में कमी, पेट में दर्द, अधिक पसीना आना, त्वचा में खुजली या चकत्ते जैसे लक्षण शामिल हैं. हालांकि कंपनी ने यह भी कहा कि यह covishield vaccine के साइड इफेक्ट्स की पूरी सूची नहीं है, इसके अलावा दूसरे लक्षण भी हो सकते हैं.

साइड इफेक्ट्स हो तो क्या करना चाहिए?

अगर आपको गंभीर एलर्जी होती है, तो नजदीकी अस्पताल में तुरंत संपर्क करना चाहिए या वहां चले जाना चाहिए. इसके अलावा हेल्थकेयर वर्कर से बात करें. कंपनी ने कहा कि अगर कोई साइड इफेक्ट होता है तो उसकी जानकारी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भी दे सकते हैं. जिसके लिए टोल फ्री नंबर है

क्या वैक्सीन लगाने से भी कोरोना संक्रमण हो सकता है?

ऐसा नहीं है. कोविशील्ड वैक्सीन में SARS-CoV-2 मौजूद नहीं है और इससे कोरोना संक्रमण नहीं हो सकता है. इसके अलावा कंपनी ने कहा है कि वैक्सीन लगाने से पहले हेल्थकेयर वर्कर्स से जरूर सारी जानकारी लें.

secret of success सफलता का रहस्य क्या है ? सफलता के मूल मंत्र जानिए | success mantra
success definition सफलता की परिभाषा क्या है ? diligence यानि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है | जानिए कैसे ?
web hosting  क्या है? सम्पूर्ण जानकारी donate का महत्व और आवश्यकता विस्तार-पूर्वक जाने| 
Conference क्या है ? Conference Call कैसे करे ? – जानिए| web hosting free Top Company जानिए WordPress Blog के लिए

software के प्रकार और परिभाषा क्या है ? जानिए

happy wedding anniversary wishes

महाभारत की सम्पूर्ण कथा! Complete Mahabharata Story In Hindi

Network marketing quotes-नेटवर्क मार्केटिंग कोट्स हिंदी में

ऑनलाइन शिक्षा के फायदे और नुकसान क्या है ?

पहला अध्याय – Chapter First – Durga Saptashati

ऐसी सोच बदल देगी जीवन
कैसे लाए बिज़्नेस में एकाग्रता
SEO क्या है – Complete Guide In Hindi बड़ी सोच से कैसे बदले जीवन
सफलता की राह कैसे चले अमीरों के रास्ते कैसे होते है
कैसे सोचे leader की तरह
किस तरह बड़ी सोच पहुँचाती है शिखर पर
क्या आप डर से डरते हो या डर को भगाते हों ? गौमाता के बारे में रोचक तथ्य
सक्सेस होने के रूल
हेल्थ ही असली धन है
चैम्पीयन कैसे बने   

 

Google search engine क्या है ? जानिए विस्तार पूर्वक

Google Translate Uses – गूगल अनुवाद ऐप जानिए क्या है ?

हर जानकारी अपनी भाषा हिंदी में सरल शब्दों में प्राप्त करने के लिए  हमारे फेसबुक पेज को लाइक करे जहाँ आपको सही बात पूरी जानकारी के साथ प्रदान की जाती है | हमारे फेसबुक पेज को लाइक करने के लिए यहाँ क्लिक करें |

Leave a Comment

%d bloggers like this: