Monday, May 20, 2024
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कोरोना नही अब आत्मबल जीतेगा ।जानिए कैसे ?

कोरोना नही अब आत्मबल जीतेगा- कोरोना के खिलाफ जंग में हिन्दुस्तान ने 70 करोड़ लोगों को वैक्सीनेट कर नया रिकॉर्ड बना दिया. इस मामले में हिन्दुस्तान का मुकाबला भी खुद से है. यही नहीं भारत 3 बार एक दिन में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को वैक्सीन लगा चुका है, जो यूरोप के कई देशों की आबादी से ज्यादा है. अगर देश में वैक्सीनेशन की यही रफ्तार रही तो जल्दी ही पूरा देश बाहुबली बन जाएगा. वैसे तो देश में सबसे ज्यादा कोरोना मरीज केरल में मिल रहे हैं लेकिन मंगल खबर ये है कि वैक्सीनेशन का सबसे ज्यादा असर केरल में ही देखने को मिल रहा है. केरल में वैक्सीनेशन से पहले दो सौ कोरोना मरीजों में से 3 की मौत हो रही थी. वहीं वैक्सीनेशन के बाद ये आंकड़ा घटकर सिर्फ एक रह गया है. देखें शुभ मंगल सावधान.

अब कोरोना नही आत्मबल जीतेगा

जहाँ बात मानव कल्याण की आती है, तब मानव सेवा ही प्रमुख कर्म होता है हमारा” वसुधैव कुटुम्बकम ” सिधांत हमें यही सिखाता है। इसे अभी हाल ही में हमारे pm माननीय मोदी जी ने चरितार्थ किया है। उन्ही के शब्दों में ”मेरा युवा वैज्ञानिको से आग्रह है ,”विश्व कल्याण के लिए ,मानव कल्याण के लिए ,कोरोना की vaccine का बेड़ा उठाये।” हम धैर्य बनाकर रखेंगे, नियमो का पालन करेंगे।

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‘आत्मानुशासन’ के लिए देशवासियों को धन्यवाद दिया। तथा confidence को बढ़ाने हेतु ‘सप्तवदी विजय’ मूलमंत्र दिया। तथा डॉक्टर ,नर्शिंग स्टाफ, पुलिसकर्मी सफाईकर्मी सबका गोरव करने को कहाँ देश को जागरूक एवं जीवंत बनाये रखे। (वयम् राष्ट्रीय जाग्रयाम) मूलमंत्र दिया कहा। ।

‘मातृभूमि’ तु सदा वत्सले ……..

ये प्राणप्यारी उत्तम पंक्ति आज भारत के कई मानव प्रेमी , देशप्रेमी संगठनो ने चरितार्थ किया है। जैसे R.SS

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कंगूरा नही अपितु नीवँ की ईट बनकर मानव सेवा

ये संगठन  आज (कोरोना) महामारी के समय उत्तम ‘देशसेवा’ एवं ‘मानव सेवा’ कर रहे है। तथा “कंगूरा नही अपितु नीवँ की ईट बनकर कर रहे है।” केवल मानव ही नही ‘मूक प्राणियों’  के लिए भी दिल से फर्ज अदा कर रहे है। ”इनकी त्याग  निष्ठा ,तपस्या को मै व्यक्तिव रूप से प्रणाम  करता हूँ। आत्मबल और देशप्रेम इनकी हर साँस  में बसा है। हमारे देश के अधिकाशं नागरिक stay home का पालन कर रहे है।

साथ ही अत्मानुशासन भी बनाए हुए है। घर पर yoga  को  daily  routine   में अपनाया हुआ है। सामाजिक सगंठन भी अपना धर्म निभा रहे है। हमारा शोभाग्य है, अनेक महापुरुषों ने हमें मानव सेवा की शिक्षा दी तथा स्वयं ईश्वर ने यहाँ  अनेक  बार   अवतार धारण किया  हम सकारात्मक है। हमारा आत्मबल मजबूत है। हम धैर्य बनाकर रखेगे।

हमारे संस्कार हमें सम्मान करना सिखाते है। पूरे विशव का कल्याण हो इस कोरोना महामारी का अंत हो। इसी भावना और  श्रद्धा  के साथ हमारा (कोरोना मुक्त विश्व का ) संकल्प  विजयी हो। world सुखी और स्वस्थ हो। सबकी immunity power strong होवे।” ऐसी मै  कामना करता हूँ। ” जय माता दी।

ॐ  जयन्ती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी।                                                   दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोस्तु ते।।

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parmender yadav
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5 COMMENTS

  1. कोई लक्ष्य मनुष्य के साहस से बडा नहीं , और हारा वही जो लडा नही ….

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