सफ़लता में सलाह का योगदान

सफ़लता में सलाह-सामान्यतया गरीब अथवा मध्यमवर्गीय  परिवारो में “यह देखने को  मिलता है कि वे लोग अकसर किसी भी विषय में सलाह लेने में चूक करते है|अकसर ज्यादातर मामलो में वे अपने उन मित्रो अथवा नजदीकियों से सलाह लेते है,   जिन्हे, उस विषय की  कोई खास जानकारी (विशेषज्ञता) नहीं होती| जब कि सफल आदमी हमेशा”  विषय विशेषज्ञ ”अर्थात  जिस विषय की सलाह लेंगे उन्ही लोगो से लेंगे  जो उस विषय का विशेषज्ञ या perfect knowledge रखता हो|

क्योकि यदि आप माउंट एवरेस्ट पर चढ़ना चाहते हो तो “क्या उस आदमी से सलाह लोगे जो आज तक माउंट एवरेस्ट पर कभी पंहुचा ही नहीं है”| चूकि, किसी भी क्षेत्र या विषय की जानकारी अथवा सलाह हमेशा उस क्षेत्र  अथवा विषय का विशेषज्ञ ही अच्छी एवं उचित दे सकता है| इसलिए सफ़लता में सलाह का योगदान महत्वपूर्ण होता है | जैसे-

 

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यदि ‘आप हाँकी खिलाडी बनना चाहते हो या टेनिस खिलाडी’  तो आपको कोई क्रिकेट खिलाडी सही या परफेक्ट जानकारिया उस खेल की (हाँकी एवं टेनिस की) बारीकिया नहीं सिखा सकता तथा ‘क्रिकेट’ की बारीकियां कोई टेनिस अथवा हाँकी खिलाडी नही सिखा सकता अथवा आपको best player बनने में best नहीं दे  सकता है|अतः सलाह perfect person से ही लेना उचित है इसलिए इसे अपनाना चाहिए||

सफ़लता में सलाह

यहाँ पर बड़ी सोच वाले लोग अपनी बेहतरीन सोच का उपयोग पर business अथवा सफलता प्राप्ति हेतु  या कोई अन्य विषय पर सिर्फ उस’ विषय के विशेषज्ञ’ से सलाह लेकर स्वयं को सफल बनाते है|

तथा वही पर छोटी सोच वाले अपनी  अल्प समझ के कारण  किसी विशेषज्ञ की बजाय ‘किसी भी मित्र या अन्य साथी’ से सलाह का चुनाव करते हुए अनजाने असफलता की ओर पहुचते है | क्योकि उन्हें सलाह के योगदान का महत्व का ज्ञान का अभाव जो था |

अतः मैं तो यही  कहूंगा कि सलाह हमेशा उस विषय  के successful person अथवा विशेषज्ञ से लो तो आपकी भी उसमे (दोनों में ) सफल होने की सही राह निकलती है|

सफ़लता में सलाह का best  योगदान-

इस प्रकार यदि आप किसी अमीर या businessman आदमी से सलाह लोगे तो वह आपको अमीर बनने या अच्छा businessman बनने के best ideas  दे सकता है|वही कड़के आदमी से सिर्फ कड़के बनने की अथवा असफल होने की|

यह सलाह का ही अंतर था कि महाभारत युद्ध में पांडव विजयी तथा कोरव पराजित हुए | क्योंकि कोरवो का सलाहकार शकुनी तथा पांड्वो का भगवान योगेश्वर श्री कृष्ण जी |

सफलता को प्राप्त करना हो या इसे कायम रखना दोनों में best सलाह प्राप्ति की तरह  ही अपनी knowledge का बहुत बड़ा योगदान रहता है| इसलिए इसे भी बढ़ाते रहना चाहिए| अन्यथा भोतिक विज्ञान के नियमानुसार कोई भी चीज बढ़ नही रही तो वह मर रही है |अर्थात समय के साथ knowledge में भी निरंतर वृद्धि नही हो रही तो समय की मांग के अनुसार (भोतिक विज्ञानानुसार) वह घट भी रही  है ,जो उचित नही है| इसलिए अपनी आमदनी का कुछ प्रतिशत (5 या 10 percent)  अपनी knowledge बढ़ाने पर खर्च करना चाहिए| जो आपके सफलता प्राप्ति अथवा सफलता कायम रखने में बहुत ही उपयोगी एवं महत्वपूर्ण साबित होगी|

संक्षेप में किसी भी विषय में केवल उससे सम्बंधित विशेषज्ञ से जानकारी या सलाह तथा दिनों ,महीनो या हर वर्ष अपनी knowledge में वृद्धि करेंगे ,तो सफलता भी निश्चित रूप से प्राप्त होगी| याद रहे सफ़लता में सलाह का योगदान अति- महत्वपूर्ण होता है |

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In this way, if you get advice from a rich or businessman man, then he can give you the best ideas for becoming rich or a good businessman. To become bitter or fail with the same bitter man. Generally in poor or middle-class families “it is seen that they often miss advice in any subject. Often in most cases, they seek advice from their friends or close ones, who have some specific information about that subject. (Expertise) is not there. While successful men will always take the “subject matter expert”, that is the subject whose advice will be taken from the same people who have an expert or perfect knowledge of that subject. Because if you want to climb Mount Everest, “will you consult the man who today Till there is no access to Mount Everest ”.

Since, information or advice of any field or subject can always be given by an expert on that field or subject, good and appropriate.

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If ‘you want to be a hockey player or a tennis player’, then no cricket player can teach you the right or perfect knowledge of that game (of hockey and tennis) and no tennis or hockey player can teach you the nuances of ‘cricket’ or you One cannot give the best in becoming the best player. Therefore, it is advisable to take advice from the perfect person, so it should be adopted.

सफ़लता में सलाह

Here the big-thinking people use their best thinking to get business or successor on any other subject, just by getting advice from that ‘expert of the subject’ and make themselves successful and because of their little understanding of the small thinking on the same When choosing advice from ‘any friend or other partner’ instead of expert, they reach unintentional failure because they lacked knowledge of the importance of the contribution of advice.

Therefore, I would say that advice is always taken from the successful person or expert on that subject, then you too find the right way to succeed in them (both).

सफ़लता में सलाह

In this way, if you get advice from a rich or businessman man, then he can give you the best ideas for becoming rich or a good businessman. To become bitter or fail with the same bitter man.

It was the difference of advice that Pandavas were victorious and Kauravas were defeated in Mahabharata war because Shakuni, advisor of Korvo and Lord Yogeshwar of Pandavas, Shri Krishna Ji

सफ़लता में सलाह

To achieve success or to maintain it, just like getting the best advice in both, there is a huge contribution to your knowledge. Therefore, it should also be increased. Otherwise, if anything is not growing according to the rules of physical science, then it is dying. That is, there is no continuous increase in knowledge with time, then according to the demand of time (according to the science of science), it is also decreasing, which is not right. Therefore, some percentage (5 or 10 percent) of your income should be spent on increasing your knowledge. Which will prove very useful and important in maintaining your success or success.

In a nutshell, if you increase your knowledge or advice in any subject only and related to the expert and days, months, or every year, then you will definitely get success.

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17 thoughts on “सफ़लता में सलाह का योगदान”

  1. कुछ बहुत सोच कर ना करने का,ओर कुछ बिना सोचे कर गुजरने का।नाम जिंदगी हैं।
    अधूरे ख्यालो के फरमान लिए बैठे हैं
    ओर
    वो कहते है
    रही बडी नाकाम जिंदगी।

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  2. यदि आप सच की रहा पर चल रहे है तो याद रखिये ईशवर सदा आपके साथ है

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