Diligence यानि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है, जानिए कैसे ?

Diligence is the key to success, and it’s something that you need to apply in everything that you do.

It’s important to be diligent when researching a potential investment, for example. You need to ensure that you’re doing your due diligence by reading all the information available and consulting with experts if necessary. You should also be careful not to make any quick decisions instead, take the time to weigh all the pros and cons before making a decision.

Being diligent also applies to your personal life as well. Be sure to keep track of what you’ve said and done, so that you can Avoid any future regrets. And finally, be diligent when it comes to staying on top of current trends – knowing what’s going on will help you stay ahead of the curve.

diligence क्या है?

Diligence यानि परिश्रम ही वह सुनहरी कुंजी है, जो भाग्य के बंद कपाट खोल देती है।परिश्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है। मानव जीवन में diligence यानि परिश्रम की महिमा असीम है। यही राजा को रंक और दुर्बल को सबल बना देती है।

परिश्रमी व्यक्ति अपना भाग्य-विधाता और समाज का निर्माता होता है। आचार्य विनोबा भावे के शब्दों में ”परिश्रम हमारा देवता है, जो हमें अमूल्य वरदानों से सम्पन्न बनाता है। परिश्रम ही उज्जवल भविष्य का निर्माण करता है।” परिश्रम धरती पर मानव जीवन का आधार है। और  diligence यानि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है।

Diligence अथवा परिश्रम क्या है?

diligence यानि परिश्रम का अर्थ है ,’श्रम’ अथवा ‘मेहनत’। diligence यानि परिश्रम वह माध्यम है,जो मनुष्य को मनोरथ की मंजिल तक पंहुचाता है। श्रम के मुख्य दो भेद होते हैं-

  1. मानसिक श्रम और
  2. शारीरिक श्रम

मनन, चिंतन, अध्ययन मानसिक श्रम है। शरीर के द्वारा किये जाने वाले श्रम अथवा मेहनत को शारीरिक श्रम कहते हैं। जीवन में मानसिक और शारीरिक श्रम दोनों का अपना-अपना महत्व है। दोनों के संतुलन में ही diligence यानि परिश्रम की पूर्णता निहित है।

diligence यानि परिश्रम

  • अकेला मानसिक श्रम अपूर्ण है तो, शारीरिक श्रम भी मानसिक श्रम के अभाव में अपूर्ण रह जाता है।
  • किसी भी क्षेत्र में परिपूर्ण सफलता भी अर्जित दोनों के संतुलन में ही निहित है।
  • संसार में जो कुछ भी ऐश्वर्य, संपदाएं, वैभव और उत्तम पदार्थ हैं, वे सब श्रम की ही देन हैं।
  • श्रम में वह आकर्षण है कि, विभिन्न पदार्थ व संपदाएं उसके पीछे खिंची चली आती हैं।
  • जिस देश के लोग परिश्रमी होते हैं, वह राष्ट्र उतनी अधिक उन्नति करता है। चीन, जापान, अमेरिका आदि इसके श्रेष्ठ उदाहरण हैं।

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diligence यानि परिश्रम

क्यों जरूरी है diligence?

श्रम मानव को प्रकृति प्रदत्त सर्वोपरी संपत्ति है। जहां श्रम की पूजा होगी, वहां कोई भी कमी नहीं रहेगी। यह (प्रकृति) भी हमें परिश्रम करने की प्रेरणा देती है। चींटियाँ और मधुमखियाँ प्रकृति की प्रेरणा स्त्रोत हैं। तथा निरंतर श्रम करने वाले श्रेष्ठ उदाहरण भी है।

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संसार में जो कुछ भी ऐश्वर्य, संपदाएं, वैभव और उत्तम पदार्थ हैं, वे सब श्रम की ही देन हैं। इसलिए किसी भी क्षेत्र में परिपूर्ण सफलता अर्जित करने के लिए जीवन में श्रम को स्थान दें। और श्रम को ही जीवन-मंत्र बनाएं। क्योंकि श्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है। और यही वह सुनहरी कुंजी है, जो भाग्य के बंद कपाट भी खोल देती है।

diligence यानि परिश्रम करो और इससे बचो

आलस्य मनुष्य का बहुत बड़ा शत्रु है। इससे बचना चाहिए या त्याग करना चाहिए। आलसी मनुष्य को दुखद परिस्थितियों में गिरने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। किसी दार्शनिक ने कहा है, ‘श्रम ही जीवन है। ‘ अकर्मण्यता,की वजह से व्यक्ति को विभिन्न पदार्थो की उपलब्धियों और वरदानों से वंचित रहना होता है, जिससे उसे अभाव, असहनीयता, दीनता के विषमय घूंट पीने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। इन परिस्थितियों में अपमानित, लाचार, परतंत्र जीवन, मृत जीवन से भी बुरा होता है। अतः आलस्य और अकर्मण्यता से बचो। जीवन में श्रम का विशेष महत्व है।

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diligence यानि परिश्रम

diligence यानि परिश्रम

अतः जीवन पथ पर सफलता प्राप्ति के लिए श्रम अथवा diligence यानि परिश्रम करना जितना जरुरी है, उतना ही अकर्मण्यता और आलस्य का त्याग करना भी जरुरी है। साथ ही छोटी सोच को त्यागना और बड़ी सोच को अपनाना भी अत्यंत जरुरी है। अनेक महापुरुषों ने इसके महत्व पर प्रकाश डाला है। work is worship  तथा ‘श्रममेव जयते’ सफलता के मूलमंत्र भी दिये है। जिन्हें अपनाना सभी के लिए उत्तम है।

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diligence meaning in hindi ?

diligence यानि परिश्रम ही वह सुनहरी कुंजी है जो भाग्य के बंद कपाट खोल देती है । परिश्रम ही जीवन की सफलता का रहस्य है, मानव जीवन में diligence

due diligence means ?

diligence यानि परिश्रम का अर्थ है ,’श्रम’ अथवा ‘मेहनत’ । diligence यानि परिश्रम वह माध्यम है,जो मनुष्य को मनोरथ की मंजिल तक पंहुचाता है । जहां श्रम की पूजा होगी, वहां कोई भी कमी नहीं रहेगी । यह (प्रकृति) भी हमें परिश्रम करने की प्रेरणा देती है । चींटियाँ और मधुमखियाँ प्रकृति की प्रेरणा स्त्रोत हैं । तथा निरंतर श्रम करने वाले श्रेष्ठ उदाहरण भी है । संसार में जो कुछ भी ऐश्वर्य, संपदाएं, वैभव और उत्तम पदार्थ हैं, वे सब श्रम की ही देन हैं ।

how many components of due diligence ?

श्रम के मुख्य दो भेद होते हैं- मानसिक श्रम और शारीरिक श्रम । मनन, चिंतन, अध्ययन मानसिक श्रम है । शरीर के द्वारा किये जाने वाले श्रम अथवा मेहनत को शारीरिक श्रम कहते हैं ।जीवन में मानसिक और शारीरिक श्रम दोनों का अपना अपना महत्व है । दोनों के संतुलन में ही diligence यानि परिश्रम की पूर्णता निहित है । अकेला मानसिक श्रम अपूर्ण है तो शारीरिक श्रम भी मानसिक श्रम के अभाव में अपूर्ण रह जाता है।किसी भी क्षेत्र में परिपूर्ण सफलता भी अर्जित दोनों के संतुलन में ही निहित है । संसार में जो कुछ भी ऐश्वर्य, संपदाएं, वैभव और उत्तम पदार्थ हैं, वे सब श्रम की ही देन हैं । श्रम में वह आकर्षण है कि विभिन्न पदार्थ व संपदाएं उसके पीछे खिंची चली आती हैं । जिस देश के लोग परिश्रमी होते हैं, वह राष्ट्र उतनी अधिक उन्नति करता है । चीन, जापान, अमेरिका आदि इसके उदाहरण हैं

why due diligence is important?

मानव जीवन में diligence यानि परिश्रम की महिमा असीम है। यही राजा को रंक और दुर्बल को सबल बना देती है ।परिश्रमी व्यक्ति अपना भाग्य-विधाता और समाज का निर्माता होता है। आचार्य विनोबा भावे के शब्दों में परिश्रम हमारा देवता है जो हमें अमूल्य वरदानों से सम्पन्न बनाता है। परिश्रम ही उज्जवल भविष्य का निर्माण करता है। परिश्रम धरती पर मानव जीवन का आधार है।

Conclusion

To sum up, diligence is essential when it comes to investing in any kind of venture. Make sure to do your research and stay informed about the latest trends so that you can make the best decisions for your money. And, if you ever have any questions or concerns about anything related to investment, don’t hesitate to reach out to a financial advisor. They’ll be able to help you choose the right investments for your situation and protect your assets accordingly.

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