कैसे हुआ जन्म और मृत्यु से परे भगवान शिव का अवतरण

भगवान शिव – 

भगवान शिव संक्षिप्त परिचय–  आखिरकार भगवान शिव में ऐसा क्या है? जो उत्तर में कैलाश से लेकर दक्षिण में रामेश्वरम् तक वे एक जैसे पूजे जाते हैं। उनके व्यक्तित्व में कौन सा चुंबक है जिस कारण समाज के भद्रलोक से लेकर शोषित, वंचित, भिखारी तक उन्हें अपना मानते हैं? वे क्यों सर्वहारा के देवता हैं? शिव का व्यक्तित्व विशाल है। वे काल से परे महाकाल है। सर्वव्यापी हैं, सर्वग्राही हैं। सिर्फ भक्तों के नहीं देवताओं के भी संकटमोचक हैं। इस श्रावण के मौके पर आइए जानते हैं जन्म और मृत्यु से परे भोले भंडारी की उत्पत्ति कैसे हुई?
हमारे शास्त्रों में भगवान शिव को संहारक का दर्जा मिला हुआ है। हर कोई शिव भक्त इस बात को जानना चाहता है कि आखिर भगवान शंकर का जन्म कैसा हुआ और इनके माता-पिता का क्या नाम है। अलग-अलग पुराणों में भगवान शिव के जन्म और उनके माता-पिता के विषय में कई कथाएं प्रचलित हैं। शिव पुराण के मुताबिक भगवान शिव को स्वयंभू माना गया है यानि इनकी उत्पत्ति स्वंय हुई हैं। भोलेनाथ जन्म और मृत्यु से परे हैं।
भगवान शिव का जन्म–  विष्णु पुराण में भगवान शिव के जन्म के संबंध में एक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार एक बार ब्रह्रमा जी को एक बच्चे की जरुरत थी तब उन्होंने इसके लिए तपस्या की। तभी अचानक उनकी गोद में रोते हुए बालक शिव प्रकट हुए। ब्रह्मा ने बच्चे से रोने का कारण पूछा तो उसने बड़ी मासूमियत से जवाब दिया कि उसका कोई नाम नहीं है उसका नाम ‘ब्रह्मा’ भी नहीं है इसलिए वह रो रहा है। तब ब्रह्मा ने शिव का नाम रूद्र रखा जिसका अर्थ होता है रोने वाला।
व के ब्रह्मा पुत्र के रूप में जन्म लेने के पीछे भी विष्णु पुराण में एक पौराणिक कथा है। इसके अनुसार जब धरती, आकाश, पाताल समेत पूरा ब्रह्माण्ड जलमग्न था तब ब्रह्मा, विष्णु और महेश के सिवा कोई भी देव या प्राणी नहीं था। तब केवल विष्णु ही जल सतह पर अपने शेषनाग पर लेटे नजर आ रहे थे। तब उनकी नाभि से कमल नाल पर ब्रह्मा जी प्रकट हुए।
जब ये दोनों देव सृष्टि के संबंध में बातें कर रहे थे तो शिव जी प्रकट हुए। ब्रह्मा ने उन्हें पहचानने से इंकार कर दिया। तब शिव के रूठ जाने के भय से भगवान विष्णु ने ब्रह्मा को शिव की याद दिलाई। ब्रह्मा को अपनी गलती का एहसास हुआ और शिव से क्षमा मांगते हुए उन्होंने उनसे अपने पुत्र रूप में पैदा होने का आशीर्वाद मांगा। शिव ने ब्रह्मा की प्रार्थना स्वीकार करते हुए उन्हें यह आशीर्वाद प्रदान किया।

Lord Shiva Brief Introduction – What is it like in Lord Shiva? Those who worshiped the same from Kailash in the north to Rameshwaram in the south. Which magnet is there in his personality, due to which the society considers him as his own from Bhadralok to the exploited, deprived, and a beggar? Why are they the gods of the proletariat? Shiva’s personality is huge. He is Mahakal beyond time. Are omnipresent, omnipotent. Not only the devotees but also the deities are troublesome. On the occasion of this Shravan, let us know how Bhole Bhandari was born beyond birth and death?
In our scriptures, Lord Shiva is rated as a destroyer. Every Shiva devotee wants to know how Lord Shankar was born and what is the name of his parents. In different Puranas, many stories about the birth of Lord Shiva and his parents are prevalent. According to the Shiva Purana, Lord Shiva is considered to be self-proclaimed, that is, he originated himself. Bholenath is beyond birth and death.

Birth of Lord Shiva- There is a legend in Vishnu Purana regarding the birth of Lord Shiva. According to the legend, once Brahma Ji needed a child, then he did penance for it. Suddenly, Shiva appeared crying in his lap. When Brahma asked the child the reason for crying, he replied innocently that he has no name, his name is not even ‘Brahma’ so he is crying. Then Brahma named Shiva Rudra which means wearer.
There is a legend in Vishnu Purana even after he was born as Brahma’s son. According to this, when the entire universe including the earth, sky, earth, was submerged, then there was no god or creature except Brahma, Vishnu, and Mahesh. Then only Vishnu was seen lying on his Sheshnag on the water surface. Then Brahma Ji appeared on the lotus canal from his navel.

When both these gods were talking about the universe, Shiva appeared. Brahma refused to recognize them. Then Lord Vishnu reminded Brahma of Shiva, fearing Shiva’s displeasure. Brahma realized his mistake and apologized to Shiva and asked him for his blessings to be born as his son. Shiva accepted this blessing by accepting Brahma’s prayer.

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